मोदी ने कहा- इसरो के वैज्ञानिक लक्ष्य हासिल करने तक नहीं रुकेंगे, चांद पर जाने का सपना पूरा होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मुंबई पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने विले पार्ले में लोकमान्य सेवा संघ तिलक मंदिर में भगवान गणेश की पूजा की। इसके बाद उन्होंने तीन मेट्रो लाइनों की आधारशिला रखी। तीनों लाइनों का नेटवर्क 42 किमी का होगा।मोदी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी बड़ी से बड़ी चुनौती में भी पूरी तन्मयता के साथ अपने लक्ष्य को कैसे प्राप्त किया जाता है, ये इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से हम सब सीख सकते हैं। इसरो के वैज्ञानिक तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक वे अपने लक्ष्य पर नहीं पहुंच जाते।


दोपहर में मोदी औरंगाबाद पहुंचे। यहां औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी (एयूआरआईसी) का उद्घाटन किया। मोदी ने 8वें करोड़ की लाभार्थी आयशा शेख रफीक को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया। आयशा औरंगाबाद की रहने वाली हैं। मोदी ने यहां कहा- “उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन देने का जो संकल्प हमने लिया था, वो सिद्ध हुआ है। तय समय से 7 महीने पहले ही लक्ष्य को हमने पा लिया है।” पीएम का नागपुर जाने का भी कार्यक्रम था, लेकिन भारी बारिश के कारण इसे रद्द करना पड़ा।

‘वैज्ञानिकों ने लक्ष्य के लिए दिन-रात एक कर दिया’
मोदी ने कहा, ‘‘मुंबई के लोगों की सादगी अभिभूत कर देती है। मुंबई में मेट्रो लाइन के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा- बनते बिगड़ते मौसम के बीच आज भी आप इतनी बड़ी तादाद में आकर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं, ये आपके मिजाज की पहचान है। आपके सपनों का संकेत भी है। मैं रूस में था, तब भी मुझे मुंबई का हाल मिल रहा था। बेंगलुरू आया, वहां रातभर इसरो के अपने वैज्ञानिकों के साथ रहा। उन्होंने दिखाया कि अपने लक्ष्य के लिए कैसे दिन-रात एक कर दिया जाता है।’’

‘रुकावट के बावजूद निरंतर प्रयास ही ऊंचाई पर ले जाता है’
मोदी ने कहा, ‘‘हमारे शास्त्र ज्ञान का भंडार हैं। भर्तृहरि ने कहा था कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने वाले तीन तरह के लोग होते हैं। सबसे निचले पायदान पर वो लोग होते हैं, जो रुकावटों के डर से कभी काम की शुरुआत ही नहीं करते। इसके बाद मध्य स्तर के लोग ऐसे होते हैं, जो काम शुरू कर देते हैं, लेकिन पहली रुकावट आते ही नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। इन दोनों तरह के लोगों से अलग सबसे ऊंचे स्तर पर वो लोग पहुंचते हैं, जो लगातार रुकावट के बावजूद बड़ी से बड़ी चुनौतियों के बावजूद निरंतर प्रयास करते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करके ही दम लेते हैं।’’

‘‘जब तक ये अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक न रुकते हैं ना थकते हैं और न बैठते हैं। आज चंद्रयान के मिशन में एक रुकावट देखी।  चांद पर पहुंचने का सपना पूरा होगा। चंद्रयान के साथ भेजा गया ऑर्बिटर वहीं है, ये भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।’’

यह हैं तीन मेट्रो लाइन

तीन लाइनों में- 9.2 किलोमीटर लंबी गायमुख से शिवाजी चौक (मीरा रोड) मेट्रो-10 लाइन, 12.7 किलोमीटर लंबी वडाला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल्स मेट्रो-11 लाइन और 20.7 किलोमीटर लंबी कल्याण से तलोजा मेट्रो-12 लाइन शामिल हैं।

मेट्रो भवन की आधारशिला रखी

मोदी ने मुंबई में अत्याधुनिक मेट्रो भवन की भी आधारशिला रखी। 32 मंजिला यह केंद्र 340 किमी की 14 मेट्रो लाइनों का संचालन और नियंत्रण करेगा। प्रधानमंत्री ने अत्याधुनिक मेट्रो कोच का लोकार्पण किया। यह मेक इन इंडिया के अंतर्गत बनने वाला पहला मेट्रो कोच है।

औरंगाबाद: ‘ऑरिक सिटी’ में 2 हजार मल्टीनेशनल कंपनियां होंगी

औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी (एयूआरआईसी) को ‘ऑरिक सिटी’ का नाम दिया गया है। इसमें 2 हजार मल्टीनेशनल कंपनियां होंगी। ऑरिक का अपना प्रशासनिक भवन होगा। पीएम इसी भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। ऑरिक सिटी के तहत बनने वाली इमारत और हॉल का भूमिपूजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 9 नवंबर 2016 को किया था।  

क्या खास है इस ऑरिक सिटी में
ऑरिक सिटी के तहत बनाई गई इमारतों पर कुल 129 करोड़ का खर्च आया है। इसका निर्माण 11 हजार 335 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया गया है। इसमें 8 मंजिला इमारतों का निर्माण किया गया है। इमारतों की पांचवीं मंजिल तक विभिन्न कार्यालयों को जगह दी जाएगी। यहां पर ऑरिक का मध्यवर्ती कार्यालय, बैंक और अन्य नागरी सुविधा के जरूरी जगह रखी जाएगी। इमारत का निर्माण कार्य करते समय यह ध्यान रखा गया कि यहां पर उपयोग किए जाने वाले पानी का दोबारा उपयोग किया जा सकेगा। इसके अलावा सोलर एनर्जी का उपयोग, ई-ग्लास का उपयोग, अत्याधुनिक विद्युत सुविधा समेत इमारत के रखरखाव के लिए जरूरी उपाय किए गए हैं।

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