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सुलतानपुर को कुशभवनपुर करने की तैयारी, नगरपालिका से पास हो चुका है प्रस्ताव

सुलतानपुर
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले का नाम बदलने की कवायद लगभग दो सालों से अधिक समय से चली आ रही है। जिला प्रशासन की ओर से चार माह पूर्व भेजी गई रिपोर्ट के बाद अब शासन इसको मंजूरी देने की तैयारी में जुट गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी सरकार चुनाव से पहले जिले का नाम बदलकर उसे वोट बैंक के रूप में कैश कराएगी।

नगरपालिका बोर्ड की बैठक में सबसे पहले पास हुआ था प्रस्ताव
बता दें कि सबसे पहले वर्ष 2018 में नगरपालिका बोर्ड की बैठक में सुलतानपुर का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने का प्रस्ताव पास हुआ था। शौर्य फाउंडेशन ने मार्च 2019 में सुलतानपुर पहुंचे तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक को एक किताब के साथ एक पत्र सौंपा था, जिसमें सुलतानपुर का नाम कुशभवनपुर करने का अनुरोध किया था। 28 मार्च 2019 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भी लिखी थी।

सदन में उठा था मुद्दा
वहीं, लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने साल 2019 में सदन में धारा 103 के तहत इस पर चर्चा भी की थी। हाल ही में उन्होंने सुलतानपुर से बीजेपी के तीन और विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर सिफारिश की थी। बीजेपी विधायक देवमणि का कहना था कि अयोध्या से सटे सुलतानपुर जिले को भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने बसाया था और इसे कुशभवनपुर नाम से जाना जाता था। यही सीताजी ठहरी थीं, उनकी याद में आज भी सीताकुंड घाट है। सुलतानपुर के गजेटियर में भी इस बात का उल्लेख है कि इसका नाम कुशभवनपुर ही था। उस समय मुगलों ने इसका नाम बदल दिया था। ऐसे में इसका पुराना नाम होने से जहां गर्व की अनुभूति होगी तो वहीं सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ेगा।

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बीजेपी प्रवक्ता विजय रघुवंशी ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी सांसद मेनका गांधी ने भी सुलतानपुर का नाम बदलने का समर्थन किया है। शासन ने इस मामले को संज्ञान लेकर रिपोर्ट तलब की थी। जिस पर करीब चार माह पूर्व डीएम रवीश गुप्ता ने गजेटियर का हवाला देते हुए रिपोर्ट कमिश्नरी को भेजा था। अब उसी को राजस्व परिषद ने संज्ञान लेकर शासन में भेजा है।