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Ghaziabad police custody death: युवक की मौत मामले में 4 दरोगा समेत 8 पर दर्ज होगा केस, परिवार का आरोप- पुलिस ने हत्या कर शव फेंका

गाजियाबाद
युवक की मौत मामले में गाजियाबाद कोर्ट ने 4 दरोगा समेत 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का पुलिस को आदेश दिया है। साथ ही इस मामले की विवेचना करने के लिए भी पुलिस को आदेशित किया है। लोनी निवासी अनीता की ओर से उसके अधिवक्ता जयवीर सिंह ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है जिनका आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे बॉबी की हत्या शव फेंक दिया था।

अर्जी के माध्यम से बताया कि अनीता का बेटा बॉबी 14 सितंबर 2021 को अपने दोस्त के साथ घर से नौकरी की तलाश में निकला था। अगले दिन बॉबी के मोबाइल से उसके भाई सचिन के पास फोन आया। फोन पर बॉबी ने बताया कि उसे साहिबाबाद पुलिस ने पकड़ रखा है और उसकी पिटाई की है, छुड़ाकर ले जाओ। सूचना के बाद बॉबी के परिवारी जन साहिबाबाद थाने आए।

पुलिस ने उनसे बॉबी को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। परिवार के लोग रुपये का इंतजाम करने की बात कहकर वापस आ गए। इसके बाद परिवारी जन रुपये लेकर थाने पहुंचे। वहां पुलिस ने बॉबी को छोड़ने से मना कर दिया। इसके बाद परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। 25 सितंबर 2021 को पलवल पुलिस का बॉबी के भाई सचिन के पास फोन आया।

फोन करने वाले ने बताया कि पलवल स्थित नहर के पास एक शव मिला है। शव के पास पहचान पत्र और मोबाइल समेत अन्य कागजात मिले हैं। सूचना के बाद बॉबी के परिवारी जन पलवल पहुंचे। उन्होंने मृतक की पहचान बॉबी के रूप में की। मामले की छानबीन करने पर पता चला कि साहिबाबाद पुलिस ने 15 सितंबर 2021 को बॉबी के साथी को मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाकर और उसे फरार होना दर्शाया था।

न्याय पाने के लिए लगाई गुहार
मृतक के परिवार के लोगों ने कोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि पुलिस ने बॉबी की हत्या कर शव को पलवल स्थित नहर में फेंक दिया था। ऐसे में दरोगा संदीप कुमार, मनोज शर्मा, मुनेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल मोनू, अरविंद और 3 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित किया जाए। कोर्ट ने पेश सबूत के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध होना पाया। कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ साहिबाबाद पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के लिए आदेश दिया है।