GDP विकास का पैमान नहीं होता, पहली बार लगा छत्तीसगढ़िया सरकार है: CM भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (Chhattisgarh Foundation Day) पर तीन दिवसीय राज्योत्सव (Rajyotsava) का आगाज राजधानी रायपुर (Raipur) में हो चुका है. 1 से 3 नवंबर तक रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. राज्योत्सव का उद्घाटन सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने किया. इस दौरान सीएम बघेल ने प्रदेश की जनता को संबोधित किया. इसके साथ ही नई उद्योग नीति 2019-24 की पुस्तिका का विमोचन भी किया. उद्घाटन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति (Chhattisgarhi Culture) की छटा बिखरी.

रायपुर (Raipur) के साइंस कॉलेज मैदान में राज्योत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा- राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश में उत्साह का माहौल बना है. जीडीपी (Gross Domestic Product) कहीं भी विकास का पैमाना नहीं होता है. राज्य सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास करना और हर हाथ को काम देने का है. इसमें गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़े तबकों के लोगों को विकास का लाभ मिले. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में यह चर्चा का विषय है कि छत्तीसगढ़ देशव्यापी आर्थिक मंदी से अछूता है. छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में है. प्रदेश की जनता को पहली बार लगा है कि अब प्रदेश में छत्तीसगढ़िया सरकार है.

Chhattisgarh, Raipur
सीएम भूपेश बघेल ने राज्योत्सव में लगे स्टॉल का निरीक्षण किया.

काफी पुराना इतिहास

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास केवल 19 साल पुराना नहीं है. जब छत्तीसगढ़ सीपी एण्ड बरार और मध्यप्रदेश का हिस्सा था, तब भी छत्तीसगढ़ियों का दिल छत्तीसगढ़ के लिए धड़कता था। हमारे पुरखों डॉ. खूबचंद बघेल, पंडित सुन्दर लाल शर्मा, ठाकुर प्यारेलाल सिंह जैसी विभूतियों ने छत्तीसगढ़ के लिए जन-जागरण के साथ संघर्ष किया. डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा थे. आज के छत्तीसगढ़ का नक्शा उनके सपनों का नक्शा है.

Chhattisgarh, Raipur
मंत्री कवासी लखमा ने राज्योत्सव में नृत्य किया.

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राज्योत्सव में पहले दिन छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति की छटा बिखरी. लोक कलाकारों द्वारा अरपा पैरी की धार, सुआ नृत्य, बस्तर का आदिवासी लोक नृत्य, रायगढ़ के कत्थक घराने की प्रस्तुति, पंडवानी समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई. बस्तर के लोकनृत्य की प्रस्तुति के दौरान प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने भी नृत्य किया. राज्योत्सव में दूसरे दिन 2 नवंबर को राज्यपाल अनुसुईया उइके बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी.

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