Editorial :- पाकिस्तान पर सख्त चीन पर नरम क्यों : कांग्रेस खालिस्तानी आतंकियों को पाक द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग

5 December 2019

आज कांग्रेस के संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा है कि मोदी सरकार पाकिस्तान पर सख्त और चीन पर नरम क्यों है?

यहॉ यह उल्लेखनीय है कि इसी अधीर रंजन चौधरी ने भारत की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को निर्बला सीतारमण कह कर भारत को अपमानित करने का दुूस्साहस किया था। इस पर  आज उन्होंने माफी भी मांगी है।

इसके पूर्व उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को घुसपैठिया इसलिये कहा कि वे गुजरात से दिल्ली माईग्रेट हो गये हैं। उन्हेें यह भी नहीं मालुम कि गुजरात भाारत में है बंगलादेश में नहीं और इटली भारत से बाहर है।

इसी प्रकार से अनुच्छेद ३७० की समाप्ति पर बहस करते हुए अधीर रंजन ने कहा था कि 1948 से कश्मीर मसला यूएन देख रहा है तो ये अंदरूनी कैसे?

इस प्रकार की ऊल-जलूल बकवास करने वाले को कांग्रेसाध्यक्षा ने कोई भी निर्देश नहीं दिया है। बल्कि राहुल गांधी तो उनकी पीठ थपथपाते हैं इस प्रकार की बातों पर।

समझ में नहीं आता कि कांग्रेस पार्टी क्यों पाक परस्त हो रही है। अनेक अवसरों पर संयुक्त राष्ट्र संघ में तथा अन्य अवसरों पर पाकिस्तान राहुल गांधी तथा कांग्रेस के सिद्धू जैसे अन्य नेताओं के कथनों का उदधृत कर भारत की आलोचना करता है।

अब यही कांग्रेस यह कहकर कि मोदी सरकार पाकिस्तान पर सख्ती बरत रही है अपनी उक्त तथ्यों को मजबूती प्रदान करने का दुस्साहस कर रही है।

सब जानते हैं कि पीओके पंडित नेहरू ने एक प्रकार से पाकिस्तान को गिफ्ट दिया था।

अब उसी पीओके को भारत में पुन: सम्मिलित करने के लिये मोदी सरकार प्रयत्नरत्न है।

चीन के संबंध में बात करते समय कांग्रेस को चाहिये कि वह १९६२ का स्मरण करे।

डोकलाम विवाद के समय जिस दृढ़ता का साथ मोदी सरकार ने दिया उसकी विश्व में प्रशंसा हुई है।

ठीक इसके विपरीत उस दरमियान राहुल गांधी चीन के राजदूत से गुपचुप तरीके से दो बार मुलाकात किये थे। इतना हंीं नहीं मानसरोवर धार्मिक यात्रा के बहाने उन्होंने चीन के मंत्री से भी गुप्त मुलाकात की थी। इसका स्पष्टीकरण उन्होंने अभी तक नहीं दिया है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में पाकिस्तान में गये कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू  खालिस्तानी समर्थक गोपाल चावला से मिले थे।

1980 के दशक के अंत में आईएसआई ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ्य2 प्लान के तहत खालिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों को एक साथ किया था। 

यहॉ यह भी हमें स्मरण रखना चाहिये कि खालिस्तान के जन्मदाता भिंडरावाले को प्रमोट इंदिरा गंाधी ने ही वोट बैंक पॉलिटिक्स के चलते किया था। बाद में उसी भिंडरावाले के विरोध में उन्हें स्वर्णमंदिर में गिरफ्तार करने फौज भी भेजी थी। उसी वोटबैंक पॉलिटिक्स का अनुकरण मुस्लिम तुष्टिकरण के लिये कांग्रेस पाक परस्ती कर रही है।

कांग्रेस को चाहिये कि उसे जनता के बीच में पुन: लोकप्रियता प्राप्त करने के लिये पाकिस्तान परस्ती न करे और राष्ट्रवाद को अपनाए। इससे कांग्रेस का भी भला होगा और देश का भी।

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