धान पर सीएस की चॉपर से नजर व सीमाओं पर आईजी-एसपी की

धान खरीदी पर सप्ताह भर से जारी घमासान के बीच सोमवार को मुख्य सचिव आरपी मंडल को खरीदी देखने खुद निकलना पड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें हेलीकाॅप्टर देकर कहा कि आप खुद जाएं और देखें कि धान खरीदी में कहां-कहां, क्या-क्या गड़बड़ी हो रही है। सीमावर्ती राज्य से लाकर धान बेचने पर पूरी तरह से रोक लगाएं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि राज्य के किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदा जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार की सुबह राजनांदगांव रेंज के डीआईजी रतन लाल डांगी और बिलासपुर आईजी प्रदीप गुप्ता ने खुद बात की और उन्हें सीमा में 75 दिनों तक मजबूत चौकसी करने के निर्देश दिए।

क्योंकि सबसे बड़ा आरोप यही था कि महाराष्ट्र और ओडिसा से किसान सस्ते दामों में खरीदकर छत्तीसगढ़ में 2500 रुपए क्विंटल में बेच रहे हैं। उसके बाद सीएम ने मुख्य सचिव मंडल को बुलाया। उनके साथ समीक्षा की और दो दिन के दौरे पर निकलने के लिए कहा। फिर मंडल खाद्य सचिव कमलप्रीत और एमडी मार्कफेड शम्मी आबिदी को लेकर सुबह 8 बजे ही राजधानी से निकल गए। 


मुख्य सचिव राजनांदगांव के चिरचारी केंद्र पहुंचे। जो महाराष्ट्र के बार्डर से लगा है। और यहीं सीमापार से धान आने की अधिक शिकायते मिलीं थीं। नांदगांव से लगी सीमा पर कमिश्नर दिलीप वासनीकर, डीआईजी रतनलाल डांगी कलेक्टर और एसपी के साथ कैंप किए हुए हैं। मुख्य सचिव ने कमिश्नर से कहा कि बार्डर के चेकपाेस्ट सील करें। बाहर से एक दाना धान न अाए अाैर हमारे किसानाें का धान शत-प्रतिशत खरीदें। पड़ाेसी राज्य की मंडियाें से 1200 में धान खरीदकर यहां खपाने का खेल चल रहा है। इसे ध्वस्त करना है।  
 
 इसके बाद सीएस कवर्धा के रेंगाखार बाेड़ला खरीदी केंद्राें में दबिश दी, जहां मध्य प्रदेश की सीमा का उपयाेग करते हुए काेचियाें का नेटवर्क यहां धान लाकर बेच रहा था। इसे भी राेकने कहा गया है। रेंगाखार में किसान ने बताया कि मोबाइल में पैसे खाते में जमा होने का मैसेज आया है।  रेंगाखार के बाद मंडल अाैर अफसर का हेलीकाप्टर मुंगेली में पंडर भट्ठा समिति उतरा, वहां भी खरीदी बिना किसी परेशानी के स्मूथली हाे रही थी। वहां ताे कई बूढ़े किसान उत्साह के साथ लगे हुए थे। इन किसानाें ने बताया कि खरीदी के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं, पेमेंट में भी काेई दिक्कत नहीं हाे रही है। मंडल ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के पंजीयन तथा भुगतान के संबंध में दर्ज की जा रही ऑनलाईन जानकारी भी देखी।

पंडरभट्टहा मुंगेली में वयोवृद्ध किसान भी वहां पर टोकन पर धान बेचते मिले। इसके बाद सीएस बिलासपुर के काेटा मंडी परिसर में पहुंचे। यहां कलेक्टर एसपी माैजूद थाे। उनसे कहा गया कि व्यापारी अाैर काेचिए जाे पुराना धान सर्कुलेशन के तहत बेच रहे हैं, उसे पूरी तरह राेकें। शहडाेल की तरफ से अाने वाले धान की खरीदी न हाे इसका ध्यान रखा जाए। काेटा के बाद मुख्य सचिव भरारी, पिपरिया, नेवरा खरीदी केंद्र पहुंचे। वहां भी किसी किसान ने काेई शिकायत नहीं की। रायगढ़ के रास्ते सीएस ने चांपा-जांजगीर जिले के चारपारा अाैर बलाैदा केंद्र पहुंचे। जहां चारपारा में धान की क्वालिटी थाेड़ी कम थी, कचरा ज्यादा था। समिति प्रबंधक से इसे दूर करने के लिए कहा गया। कलेक्टर जेपी पाठक ने काेचिए अाैर व्यापारियाें के काॅकस काे ताेड़ते हुए 200 खरीदी केंद्राें के डाटा एंट्री अापरेटर काे बदल दिया है।

बलाैदा केंद्र में महिला प्रबंधक खरीदी का माेर्चा संभाले हुए हैं, जहां अब तक 1600 क्विंटल खरीदी हाे चुकी थी। जिले के इस बार्डर केंद्र में भी न ताे बारदाने की समस्या है अाैर न ही कैश की समस्या है। मुख्य सचिव ने करतला, उमरेली के केंद्र भी देखे। रात में रायगढ़ में मुख्य सचिव जिला अफसराें के साथ खरीदी की भी समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य सचिव देर रात उड़ीसा से लगे रायगढ़ जिले के खरीदी केंद्राें में दबिश देंगे। वे मंगलवार काे सरायपाली अाैर गरियाबंद के खरीदी केंद्राें का निरीक्षण करेंगे।


अब तक 8 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी, किसानों को 1005 करोड़ का हुआ भुगतान
 सीएस मंडल राजनांदगांव के चिरचारी, कवर्धा के रेंगाखार, मुंगेली के पंडरभट्टा, बिलासपुर के कोटा-पिपरसरई-भरारी-नेवरा, जांजगीर-चांपा के चारपारा स्थित धान खरीदी केंद्रों में हेलीकाॅप्टर से और बलौदा, भरासी, उमरेली कार से पहुंचे। उनके साथ गए खाद्य सचिव कमलप्रीत सिंह ने बताया कि अब तक डेढ़ लाख से अधिक किसानों से 8 लाख 24 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इसके लिए किसानों के खातों में 1005 करोड़ का भुगतान हो चुका है। किसी भी समिति में बारदाने की कमी नहीं है। सभी जगह बराबर नाप तौल के साथ क्वालिटी युक्त चावल खरीदा जा रहा है। कहीं भी नमी के नाम पर धान को रिजेक्ट नहीं किया जा रहा है। बिना किसी लिमिट के पूरा धान खरीदा जाएगा। साथ ही समितियों में भी खरीदी की कोई लिमिट नहीं होगी। वे अपने क्षेत्रफल के अनुसार एक-एक किसान का धान खरीदेंगे।

रात 11.15 बजे | रायगढ़ से 30 किमी दूर रेंगलपाली में सीएस आरपी मंडल ने गाड़ियों का औचक निरीक्षण किया

ऐसा क्यों…. राजनीतिक आरोपों की धार कम करने की कवायद
निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच धान खरीदी के विवाद ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। 21 दिसंबर को राज्य के 151 निकायों में मतदान होना है और विपक्षी दल भाजपा ने धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। राज्य की 80 फीसदी आबादी सीधे खेती से जुड़ी है। इस कारण भाजपा ने भूपेश सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। इसी के चलते भूपेश सरकार ने किसानों को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सरकार किसानों की कथित नाराजगी को दूर करना चाहती है। या यूं कहें कि राजनीतिक आरोपों का जवाब देने के लिए धान खरीदी का पुख्ता इंतजाम करना चाहती है।

मंडल ने समितियाें से कहा-काेई लिमिट नहीं, पूरा धान खरीदें 
मुख्य सचिव ने समितियाें से कहा है कि भंडारण क्षमता के अनुसार खरीदी करें। खरीदी में परिसर का पूरा इस्तेमाल करें। धान की क्वालिटी, नमी अाैर साफ सफाई के साथ खरीदें। यह देश की सबसे बड़ी खरीदी है। हम अपने ही किसानाें का धान खरीदेंगे। किसी भी समिति से अब तक धान के बड़े रिजेक्शन की काेई शिकायत नहीं मिली है। सभी जगह नया धान अाैर पूरी तरह से सूखा ही लिया जा रहा है। अब तक हमने एक लाख 50 हजार से अधिक किसानाें से लगभग 8 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। किसानाें काे एक हजार पांच कराेड़ का भुगतान कर दिया गया है। सीएस ने किसानाें से कहा कि प्रति एकड़ 15 क्विंटल के मान से धान खरीदा जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार की लिमिट नहीं लगाई गई है। 

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