Editorial :- निर्भया पर आधारित भारत की बेटी BBC फिल्म

14 December 2019

रेप इन इंडिया पर आधारित क्या फिल्म बनना अभिव्यक्ति  की स्वतंत्रता होगी?

राहुल गांधी के रेप इन इंडिया वाले बयान पर भारत की संसद में काफी विरोध हुआ। भाजपा की महिला सांसद काफी आक्रोशित थी।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राहुल खुलेआम कह रहे हैं कि रेप इन इंडिया, तो क्या वो दुनिया को भारत में आकर बलात्कार करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं.

स्मृति ईरानी ने कहा, ‘गांधी खानदान के सदस्य ने कहा है कि महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए, देश में हर कोई बलात्कारी नहीं है. जो बलात्कारी है, उसे कानून सजा देता है. हर महिला को कलंकित नहीं किया जा सकता है, इसपर एक्शन लेना चाहिए.

बीजेपी सांसद लॉकेत चटर्जी ने  कहा, ‘वो महिलाओं का रेप करके तंदूर में कर (सेक) देते हैं।Ó  संबंधित तंदूर शर्मा की विस्तृत रिपोर्ट इस संपादकीय के नीचे दी गई है।

इस संदर्भ में मुझे निर्भया कांड पर बनी बीबीसी की फिल्म भारत की बेटी का स्मरण हो रहा है।

निर्भया कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर भारत की रोक के बावजूद बीबीसी ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:30 बजे इसका प्रसारण किया। पहले ये फिल्म 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रसारित की जानी थी। लेकिन विवाद से मिली चर्चा को भुनाने के लिए फिल्म पहले ही दिखा दी गई। केंद्र सरकार ने इसका अंतरराष्ट्रीय प्रसारण रोकने की भी कोशिश की थी। देश में पहले ही इस पर बैन लगाया जा चुका है।

बलात्कारी रेपिस्ट मुकेश का तिहाड़ जेल में इंटरव्यू लेने के उपरांत लेस्ली उडवीन द्वारा निर्देशित निर्भया पर आधारित बीबीसी की फिल्म बनी। एनडीटीवी के बाद एबीपी में एंकर पत्रकार दिबांग ने भी इस फिल्म में एक्टिंग की थी और उन्होंने कहा था कि फिल्म को बैन करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है।

अब राहुल गांधी द्वारा रेप इन इंडिया का नारा लगाने के उपरांत विपक्ष की कौन सी पार्टी या कौन सा नेता सामने आयेगा इसी प्रकार की फिल्म बनाने के लिये? क्या इस प्रकार की फिल्म बनाने वाले तंदूर शर्मा पर भी फिल्म बनायेंगे?

इस प्रकार की फिल्म का बनना क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है?

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