Editorial :- सीएए, एनपीआर एनआरसी के बहाने हिन्दुत्व को बदनाम न किया जाये

31 December 2019

यंका वाड्रा जी नेआज एक विवादास्पद बयान दिया है : योगी ने भगवा धारण किया, ये भगवा आपका नहींÓ

प्रियंका ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बदला लेने का जो बयान दिया, उसी पर पुलिस क़ायम है। ये इतिहास में पहली बार हुआ जब मुख्यमंत्री ने बदला लेने की बात कही है। कृष्ण भगवान का वेश है, भगवान राम करुणा के प्रतीक हैं, शिव जी की बारात में सब नाचते हैं। इस देश में बदले की कोई परंपरा नहीं है।

श्री कृष्ण ने अपने प्रवचन में कभी बदले की बात नहीं की। उन्होंने कहा, योगी ने भगवा धारण किया, ये भगवा आपका नहीं हैं। भगवा देश की आध्यात्मिक आस्था का चिन्ह है। इसमें बदले की भावना की कोई जगह नहीं है।

सीएए, एनपीआर के हिंसक प्रदर्शन को शिवजी की बारात कहना अनुचित है।

एक तरफ प्रियंका जी कह रही हैं कि भगवा देश की आध्यात्मिक आस्था का चिन्ह है। दूसरी ओर राहुल गांधी ने अमेरिका में जाकर ये कहा था कि हिन्दुस्तान को लश्कर से ज्यादा खतरा भगवा हिन्दू आतंकवाद से है।द्ध

भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग 2010 में चिदंबरम और शिंदे ने यूपीए शासनकाल में गृहमंत्री रहते हुए किया था।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने यह कहा था कि संघ की दृष्टि में भारत में रहने वाले सभी भारत माता की संतान हिन्दू हैं।

उक्त कथन पर कांग्रेस पार्टी ने शिकायत दर्ज करवाई है। कांग्रेस को चाहिये कि वह सुप्रीम कोर्ट के  जस्टिस वर्मा द्वारा  १९९५ में हिन्दू-हिन्दुत्व-हिन्दुइज्म पर दिया गया जजमेंट पढ़ लें।

जादवपुर युनिवर्सिटी और जेएनयू में भारत माता की जय पर ऐतराज किया गया और उसे कांग्रेस ने समर्थन दिया। अब हिंसक प्रदर्शन में भारत माता की जय के नारे लगाये गये। इन्हीं शिक्षा संस्थानों में भारत का तिरंगा ध्वज फहराने पर भी प्रोटेस्ट हुए थे। उसको भी प्रोत्साहन टीएमसी और कांगे्रस द्वारा दिया गया।

अब हिंसक प्रदर्शन में सीएए के विरोध में वहीं तिरंगा ध्वज हाथ में लिया गया। 

इन सब बातों से स्पष्ट है कि एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत भारत को गृहयुद्ध में ढकेलने का प्रयास हो रहा है। इसीलिये उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का यह कथन ध्यान देने योग्य है कि सीएए, एनपीआर, एनआरसी के विरोध में जो हिंसक प्रदशर्न हो रहे हैं उसको धार्मिक रूप न दिया जाये।

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