Editorial :- शहीद कैप्टन की रजाई  ङ्कह्य जिन्ना वाली आजादी, कश्मीर की आजादी नारे लगवाने वालों की रजाई

23 January 2020

ना आरक्षण, ना आजादी, मुझे तो चाहिए मेरी रजाई : शहीद कैप्टन

महिलाएं बच्चे शाहीनबाग की सड़कों पर और मर्द रजाई में सो रहे

आज के समाचार के अनुसार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा ‘कुछ लोगों में इतनी हिम्मत नहीं कि स्वयं आंदोलन करें, इसलिए घर की महिलाओं और बच्चों को चौराहों पर बैठा दिया है। सीएम योगी ने कहा कि पुरुष घर में रजाई में सो रहे हैं और महिलाएं चौराहे पर हैं। यह लज्जाजनक है। विरोध करने वाली महिलाओं को नहीं पता कि सीएए क्या है, उनके मर्द अक्षम हैं।Ó उन्होंने कहा कि कश्मीर की आज़ादी के नारे देशद्रोह की श्रेणी में हैं।

इस संदर्भ में मुझे कुछ घटनाओं का स्मरण हो रहा है।

>> छ्वहृ  में वामपंथी छात्र संगठन ने फरवरी ९ २०१६ में भारत विरोधी नारे लगाये थे।  वहॉ एक कल्चर प्रोग्राम के नाम पर अफजल गुरु की फांसी की बरसी मनायी गयी। मीडिया में इस प्रकार के समाचार भी आए कि इस कार्यक्रम में  कन्हैय्या, उमर खालिद की उपस्थिति में भारत के 10 टुकड़े करने और कश्मीर…को आजाद कराने के नारे लगाए गए ।

कश्मीर मांगे आजादी, बस्तर मांगे आजादी, केरल मांगे आजादी, भारत की बर्बादी तक संघर्ष रहेगा जारी।

यहॉ यह उल्लेखनीय है कि ये आजादी के नारे लगने के दूसरे दिन ही राहुल गांधी भी अन्य वामपंथी दलों के नेता और केजरीवाल के साथ इन छात्रों की पीठ थपथपाने के लिये जेएनयू पहुंच गये थे।

>> ष्ठद्गष् ०९, २०१७  गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार करते हुए मोदी ने लूनावड़ा में कहा कि  देश के कानून ने जिस आतंकवादी (अफजल गुरु) को सजा दी थी उसके बारे में कांग्रेस का युवा नेता सलमान निजामी कहता है कि भारत के हर घर से अफजल निकलेगा. वो कहता है हमें आजाद कश्मीर चाहिए, वो कहता है कि देश की सेना रेपिस्ट है. 

गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के स्टार प्रचारक थे सलमान निजामी। बुरहानवानी   आतंकी को भी शहीद की संज्ञा दी गई थी।्र

ये ही आजादी के नारे लगाने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग अभी भी सीएए का विरोध करते हुए जेएनयू, जामिया, अलीगढ़ होते हुए अब शाहीन बाग की सड़कों पर पर हो रहे प्रदर्शन के पीछे भी  हैं। ये सब कांग्रेस और अन्य वामपंथी तथा अन्य दलों के इशारे पर नाच रहे हैं।

>> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विपक्ष के दुष्प्रचार की तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण से की है। उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल जिस तरह षड्यंत्र कर रहे हैं, उस पर हम चीरहरण प्रसंग की तरह मौन नहीं रह सकते।

>> यहॉ यह भी स्मरण दिलाना आवश्यक है कि कश्मीर के पम्पोर  कीं एक सरकारी इमारत इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में घुसे आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कैप्टन पवन कुमार शहीद हो गए थे।

    यहॉ महत्वपूर्ण बात यह है कि इस इंस्टीट्यूट में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी मसूज अजहर का पुत्र भी सर्विस कर रहा था। आतंकी हमले के समय वह उस ईमारत में था। सेना ने मसूद अजहर के पुत्र और उस इंस्टीट्यूट में कार्यरत अन्य लोगों को सुरक्षित निकाला था।

  अतएव मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का यह कथन सटीक है कि कश्मीर की आजादी जिन्ना वाली आजादी आदि के नारे सीएए के विरोध के नाम पर जो लगाये जा रहे हैं वह एक प्रकार से देशद्रोह की दिशा में है।

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