Editorial :- सोनिया गांधी की मित्र रूह्म्ह्य. बेनी हिन्न और तीश्ता शीतलवाड़ की दास्तां

20 February 2020

मैंने अभी तक दो ही ऐसी महिला शख्सियत के बारे में सुना है जो सोनिया गांधी की पारिवारिक मित्र हैं : १. रूह्म्ह्य. बेनी हिन्न २. तीश्ता शीतलवाड़

सोनिया गंाधी और उनके पारिवारिक मित्र मिस्टर और मिसेज बेनी हिन्न का स्मरण प्राय: यूपीए शासनकाल में और उसके पूर्व भी कांग्रेस शासनकाल में भारत आते रहे हैं और लोगों को हिलिंग टच के माध्यम से ईसा मसीह के चमत्कार बताकर बीमारी दूर करने का ढोंग रचते रहे हैं और इस प्रकार के प्रयासों से वे यहॉ हिन्दुओं को इसाइ भी बनाते रहे हैं।

दूसरी पारिवारिक मित्र सोनिया गांधी की हैं तीश्ता शीतलवाड़ जो आज शाहीनबाग में प्रदर्शनकारियों को कोचिंग देते हुई दिखी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थ वकीलों के प्रश्रों का कैसे जवाब दिया जाये।

यहॉ यह उल्लेखनीय है कि वहॉ ओसामा बिन लादेन के परिवार द्वारा संचालित संस्था के आमंत्रण पर २००१ में भी सोनिया गांधी के साथ तीश्ता शीतलवाड़ लंदन गई थी। वहॉ सोनिया गांधी जी ने अपने भाषण में तीश्ता शीतलवाड़ के निर्देश पर हिन्दुओं के खिलाफ झूठ फैलाते हुए कहा था कि एनडीए सरकार कट्टरपंथी हिन्दुओं द्वारा शासित थी।

सोनिया गांधी को वहां जिहाद शब्द का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई क्योंकि यह इस्लामवादी आतंकवादियों से जुड़ा होगा।

यहॉ यह भी स्मरण रखना चाहिये कि सोनिया गांधी ने ही तीश्ता को सदभावना पुरस्कार प्रदान किया गया था। पद्मश्री देने की सिफारिश भी हुई थी।

२०१४ में हिन्दुओं के विरूद्ध एक फोटो ट्विट कर भी तीश्ता घिरी थी जिसके बाद उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी।

उक्त तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि सिर्फ केजरीवाल ही नहीं बल्कि सोनिया गांधी के निर्देश पर भी शाहीनबाग की रचना हुई।

सिमी पर एनडीए सरकार ने प्रतिबंध लगाया था। यूपीए सरकार ने सलमान ख्ुार्शीद के पैरवी पर  वह प्रतिबंध हटाया था परंतु कुछ समय के बाद ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पुन: सिमी प्रतिबंधित हुई।

सिमी के प्रतिबंध के बाद इंडियन मुजाहिद्दीन और पीएफआई का प्रादुर्भाव हुआ। ये दोनों ही संस्थाएं भारत मेें कांग्रेस के सहयोग से किस प्रकार से अलगाववाद बढ़ाते रही हैं यह हम सभी जानते हैं।

सीएए के विरोध में जो आंदोलन हो रहे हैं । जो हिंसा हो रही है उसमें पीएफआई का हाथ रहा है और पीएफआई का साथ कांग्रेस का हाथ रहा है। पीएफआई ने अभी १२० करोड़ की राशि एकत्रित की थी उसका दुरपयोग उक्त हिंसात्मक आंदोलन फैलाने में और शाहीनबाग की रचना करने में हुआ है।

पीएफआई ने लव जिहाद का भी प्रारंभ किया।

इससे संबंधित मामलों में कपिल सिब्बल भी पैरवी कर चुके हैं। उन्हें ७७ लाख रूपये भी मिले हैं।

यही कारण है कि संभवतय सोनिया गांधी जी के ही निर्देश पर तीश्ता शीतलवाड़ शाहीबाग पहुंची हैं। यहॉ यह भी उल्लेखनीय है कि तीश्ता शीतलवाड़ हिन्दूू से धर्मातरित हुई हैं उन्होंने एक कट्टरपंथी, जिहादी विचार वाले मुस्लिम से विवाह किया है।

इसी से समझा जा सकता है कि सोनिया गांधी का आशीर्वाद किस प्रकार की शख्सियतों पर रहा है।

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