Editorial :- 14 दिसंबर से 4 मार्च तक की तथाकथा   एंटी सीएए रैली कैसे बनी एंटी भारत रैली?

5 March 2020

कांग्रेस हाइकमांड ने सेम पित्रोदा और अपने साथी विपक्षी पार्टियों तथा पीएफआई, सिमी जैसे असमाजिक संगठनों की सहायता से किस प्रकार से एंटी सीएए प्रदर्शनों को किस प्रकार से एंटी भारत प्रदर्शनों में १४ दिसंबर से आज ४ मार्च तक अपने कृत्यों से परिवर्तित कर दिया है इस षंडयंत्र की रूपरेखा स्वयं कांग्रेस ने ही एक्सपोज कर दी है।

१३ दिसंबर का समाचार था : ष्टशठ्ठद्दह्म्द्गह्यह्य क्चद्धड्डह्म्ड्डह्ल क्चड्डष्द्धड्डश क्रड्डद्यद्य4 ढ्ढठ्ठ स् रुशठ्ठस्रशठ्ठ ्रड्ढह्म्शड्डस्र- दिल्ली के रामलीला मैदान के साथ-साथ १४ दिसंबर अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब समेत इन देशों में भी एंटी सीएए की आड़ में भारत बचाओ रैली निकालेगी कांग्रेस, नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल।

कांग्रेस पार्टी आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, महिला हिंसा समेत तमाम मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में १४ दिसंबर यानी शनिवार को भारत बचाओ रैली की उस रैली

केन्द्रीय मंत्री जावड़ेकर का यह आरोप सही है कि सोनिया समेत विपक्षी नेताओं के भड़काने का नतीजा है दिल्ली हिंसा। इसी में हम यह जोड़ सकते हैं कि सेम पित्रोदा ने १४ दिसंबर के लिये इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के माध्यम से विदेश स्थित भारतीय दूतावासों के सामने प्रदर्शन करने का जो  कार्यक्रम बनाया और किया वह एक प्रकार से कांग्रेस की कब्र खोदने का प्लान और कृत्य था। 

संबंधित समाचार संपादकीय के नीचे अलग से दिया गया है।

इन हरकतों ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट को एंटी भारत प्रोटेस्ट में परिवर्तित कर दिया।

आज का ही समाचार है :

 >> ष्ट्र्र क्कह्म्शह्लद्गह्यह्ल- हर्ष मंदर पर नफरती भाषण का आरोप, स्ष्ट ने किया जवाब तलब।

भड़काऊ भाषण के लिए भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज करवाने गए मंदर खुद फँसे और फंसाये वाड्रा गाँधी को भी।

हर्ष मंदर ने भाजपा के तीन नेताओं कपिल मिश्रा, वर्मा और अनुराग ठाकुर के खिलाफ हेट स्पीच के लिये एफआईआर दर्ज कराने हेतु सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे। वहॉ वे खुद ही किस प्रकार से फंस गये शाहीनबाग में दिये अपने भाषणों के कारण और इसी प्रकार से वे रामलीला मैदान में सोनिया गंाधी-राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के हेट स्पीच तथा उसके बाद मणिशंकर अय्यर सहित अन्य असंख्य कांग्रेसी और विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने जो हेट स्पीच दिये वे तो भाजपा के उक्त नेताओं से कई गुना बढ़कर हेट स्पीच थे।

अतएव ऐसा तो हो नहीं सकता कि कोर्ट से ये आदेश प्राप्त हो कि सिर्फ ३ भाजपा नेताओं पर ही एफआईआर दर्ज हो जैसे कि इच्छा हर्ष मंदर ने जाहिर की है। यदि उन पर एफआईआर हुई तो उससे भी कड़ी एफआईआर सोनिया गांधी सहित अन्य नेताओं पर भी होगी।

>> दिल्ली हिंसा से सिर्फ भारत माता को नुकसान: राहुल गांधी

Óहिंदुस्तान की छवि की गई खराबÓ

क्या बोले राहुल  – बता दें राहल गांधी बृजपुरी के स्कूल में पहुंचे जहां उन्होंने हिंसा पीडि़तो से मुलाकात कर प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘ये स्कूल है। ये हिंदुस्तान का भविष्य है। जिसे नफरत और हिंसा ने जलाया है। इससे किसी का फायदा नहीं हुआ है। हिंसा और नफरत तरक्की के दुश्मन हैं। हिंदुस्तान को जो बांटा और जलाया जा रहा है इससे भारत माता को कोई फायदा नहीं है।Ó

जिस प्रकार से मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में आर्डिनेंस पास हुआ था और उसकी प्रतिलिपि दिल्ली की अजय माकन द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेस में अचानक पहुंच कर फाड़ दी थी और एक प्रकार से इसे पगड़ी उछालना कहा गया था।

   उसी प्रकार से आज भी अपने वक्तव्य में भारत माता का जिक्र कर अपनी पंडुलम प्रवृत्ति को जाहिर किया है और इस कारण से जाने-अंजाने में पुन: पगड़ी और टोपी भी अपने वरिष्ठ जनों की उछाल दी है।

>> सफेद टोपी सिर पर धारण किये हुए पंडित नेहरू कहते थे कि भारत का मतलब है वह जमीन का टुकड़ा – भारत माता की जय का नारा लगाते हंै तो आप हमारे प्राकृतिक संसाधनों की जय ही करते हैं। नेहरू कहते थे हिन्दुस्तान एक खूबसूरत औरत नहीं है, नंगे किसान हिन्दुस्तान हैं वे न तो खूबसूरत हैं और न देखने से अच्छे हैं।

>> कल – ३ मार्च २०२० को ही पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह पर पलटवार करते हुए कहा- माता की जय बोलने में दिक्कत क्यो हैं? इस पर  संपादकीय भी लोकशक्ति में ४ मार्च २०२० के अंक में प्रकाशित है।

इस प्रकार से हम कह सकते हैं कि १४ दिसंबर २०१९ से आज ४ मार्च २०२० तक सोनिया गांधी से लेकर राहुल गंाधी तक के जो क्रियाकलाप हैं एंटी सीएए प्रोटेस्ट के नाम पर वह वास्तव में एंटी  इंडिया प्रोटेस्ट के रूप में ही इतिहास मे जाना जायेगा।

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