Editorial :- यस बैंक के राणा कपूर के साथ कांग्रेस का हाथ

9 March 2020

यस बैंक के घोटालेबाज राणा कपूर का नाम प्रियंका गांधी से जुड़ गया है। बीजेपी कांग्रेस पर जमकर हमला कर रही है। इससे पहले बीजेपी ने राणा कपूर के साथ चिदंबरम की तस्वीरें जारी की थी।
जानकारी के मुताबिक, यूपीए सरकार के दौरान प्रियंका गांधी की पेंटिंग्स को राणा कपूर ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी इस मामले की जांच में जुटा है।

बीजेपी ने आरोप लगाते हुए पूछा है कि भारत में हर वित्तीय अपराध गांधी परिवार से जुड़ा क्यों होता है? उधर कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी और राणा कपूर के बीच हुए सौदे को स्वीकार किया है।
बीजेपी ने कांग्रेस के पुराने मामले भी गिना दिए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि माल्या सोनिया गांधी के फ्लाइट टिकट अपग्रेड करता था। उसकी मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम तक पहुंच थी, अब भगोड़ा है। राहुल ने नीरव मोदी के जूलरी कलेक्शन का उद्घाटन किया, उसने डिफॉल्ट किया। राणा ने प्रियंका गांधी की पेंटिंग्स खरीदी।

१८ दिसंबर, २०१८ की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार : सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममत बनर्जी की 20 से ज्यादा पेटिंग जब्त की हैं। ये पेटिंग चिटफंड कंपनी के मालिकों के पास मिली हैं। चिटफंड कंपनी स्कैम की जांच कर रही सीबीआई ने पाया कि ये पेटिंग 3 से 10 लाख रुपये और उससे ज्यादा में बेची गई थीं।

कई साल पहले, डॉ। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी और उनकी बहन की भारत से इटली में एंटीक मूर्तियों की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने खुले तौर पर कहा था कि सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय से अपनी शक्ति और स्थिति का दुरुपयोग किया था और भारत से प्राचीन मूर्तियों की तस्करी में शामिल थीं।
डॉ। स्वामी ने यहां तक बताया कि सोनिया गांधी की बहन अलेक्जेंड्रिया उर्फ अनुष्का इटली में दो दुकान की मालिक हैं, जिन्हें ‘एथिनिकाÓ कहा जाता है, जो रिवोल्टा नामक एक स्थान पर सोनिया गांधी के इटली स्थिति पैत्रिक गांव है।
यहॉ यह भी उल्लेखनीय है कि सोनिया गंाधी के स्वामित्व में कोई भी मकान भारत में नहीं है परंतु इटली में है।
उक्त तथ्यों के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि पेंटिंग्स और प्राचीन भारतीय कलात्मक मूर्तियां आदि भी माध्यम है भ्रष्टाचार के , भ्रष्टाचारियों के आपस में जुड़ऩे के सांठ-गांठ करने के।

इसी संदर्भ में मुझे स्मरण हो रहा है दो दिन पूर्व राहुल गांधी का पीएम मोदी पर कसा गया तंज : यस नहीं नो बैंक।
वास्तव में देखा जाये तो चाहे कोरोना हो या यस बैंक का संकट या डोकलाम विवाद हर मौके पर राहुल गांधी भारत में दहशत पैदा करने का दुस्साहस करते रहे हैं।
भारत में दहशत पैदा करने के लिये बीते दिनों राहुल गांधी ने ५ मार्च २०२० का कोरोना पर सरकार के बयान को बताया टाइटैनिक के कैप्टन जैसा है।
सीएए को लेकर देश में दशहत पैदा करने के लिये ही राहुल गांधी ने दंगा ग्रसित इलाकों में दौरा करने का ढोंग रचा, मंदिर में न जाकर केवल मस्जिद गए।
इसी कड़ी में अब आज राहुल गांधी ने लिखा नो यस बैंक, मोदी और उनके विचारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है.
वास्तव में देखा जाये तो यस बैंक घोटाले के लिये कांगे्रस के नेतृत्व वाला यूपीए शासनकाल ही है। उस समय सिर्फ फोन से करोड़ों अरबों रूपये बैंक से आर्थिक घोटालेबाज चाहे वह नीरव मोदी हो या और कोई ले लेते थे।
यस बैंक के संस्थापक से प्रियंंका गांधी और चिदंबरम के संबंध भी इसी बात को उजागर करते हैं।
वर्तमान पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारत की केन्द्रीय सरकार २०१७ से यस बैंक के घोटालेबाजों पर नजर रख रही थी। उसी का नतीजा है कि आज इस बैंक के संस्थापक राणा जेल के सलाखेां के अंदर है।
यस बैंक ही नहीं अन्य सभी बैंकों पर भी नजर मोदी सरकार की है। इसीलिये कई प्रकार के बैंकिंग सुधार किये जा रहे हैं।
इसी स्थिति को भांपकर जहॉ राहुल गांधी ने यस बैंक नो बैंक कह कर दशहत फैलाने की कोशिश की है ठीक इसके विपरीत आर्थिक
मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रह्मण्यम बोले-भारतीय बैंकिंग सेक्टर सबसे सुरक्षित, चिंता की जरूरत नहीं
्र सुब्रमण्यम बोले भारतीय बैंक रिस्क झेलने मजबूत – यस बैंक संकट से खाताधारक काफी परेशान हैं। परेशानी के बीच मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रमण्यम ने राहत वाली बात कही है। उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक रिस्क झेलने के लिए काफी मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक तौर पर बैंकों का कैपिटल टू रिस्क असेट रेशियो (ष्टक्र्रक्र) 8 फीसदी के करीब होता है, जबकि भारत में बैंकों के लिए ष्टक्र्रक्र 14.3 पर्सेंट के करीब है।

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