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सिपाहियों की आंख में मिर्च झोंककर फरार होने वाले 7 बंदियों को कोर्ट ने दी कड़ी सजा, लूट ली थी रायफल

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में कोर्ट की सुनवाई के बाद जिला जेल लाए गए सात बंदियों ने सिपाहियों की आंख पर लाल मिर्च झोंककर रायफल लूट ली और फरार हो गए थे। इस मामले में मंगलवार को कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। स्पेशल डकैती कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए दोष साबित होने पर सात आरोपियों को सात साल का कठोर कारावास की सजा दी है। सभी आरोपियों पर कोर्ट ने जुर्माना भी किया है।

सहायक शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ला व महेश द्विवेदी ने बताया कि 20 सितंबर 2016 की शाम पांच बजे अदालत की कार्रवाई के बाद बंदियों को सरकारी वाहन से जिला जेल ले जाया गया था। हेड कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह व अन्य सिपाहियों की मौजूदगी में बंदियों को जेल में दाखिल कराने के लिए वाहन का गेट खोला गया। इसी दौरान बंदी रामायण सिंह व बबलू ने वाहन से उतरते ही सिपाहियों की आंख में लाल मिर्च पाउडर डाल दिया। इसी बीच बबलू उर्फ उपदेश कुमार, मनमोहन, राहुल सिंह, गौतम गोयम सिंह, राघवेन्द्र व हरिओम, कांस्टेबल भानु प्रकाश की रायफल छीनकर भाग गए।

सिटी फॉरेस्ट से बंदियों को पकड़ा गया
बताया कि सिपाहियों ने इसी बीच टॉपटेन अपराधी रामायण सिंह को मौके पर ही दबोच लिया था। इस घटना की एफआईआर सदर कोतवाली में दरोगा बृजेन्द्र शुक्ला ने आधा दर्जन बंदियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थी। पुलिस ने फरार बंदियों को अगले ही दिन सिटी फारेस्ट के पास से गिरफ्तार कर लूटी गई सरकारी रायफल बरामद की थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जांच में पाया गया कि नृपेन्द्र सिंह ने बंदियों को लाल मिर्च पाउडर उपलब्ध कराया था।

12-12 हजार का जुर्माना भी लगाया
मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (स्पेशल डकैती कोर्ट) विनीत कुमार वासवानी ने रामायण सिंह, राहुल सिंह, हरिओम सिंह, गोयम सिंह, मनमोहन, बबलू उर्फ उपदेश व साजिश में शामिल नृपेन्द्र सिंह को दोषी मानते हुए सात साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी को बारह-बारह हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।

पुलिस की घेराबंदी से बेतवा नदी में डुबकी लगाते रहे बंदी
बताते है कि जेल गेट से सिपाहियों की आंख में मिर्च झोंककर रायफल लूटकर भागे बंदियों की घेराबंदी पुलिस ने की थी। बेतवा नदी पार कर भाग रहे दो बंदी पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे, जबकि चार बंदी बेतवा नदी के बीचोबीच तैर रहे थे। इन्हें पकडने के लिए नदी के दोनों किनारों पर पुलिस बल मुस्तैद है। बताते है कि पुलिस से बचने के लिए बंदी नदी में ही डुबकी लगाते रहे। फरार बंदी अगले दिन दबोच लिए गए थे।
रिपोर्ट-पंकज मिश्रा

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