एपल दे रही मैकबुक और मैक PC कॉन्फिगर कराने की सुविधा, बजट और जरूरत के हिसाब से रैम-रोम-ग्राफिक्स का चुनाव कर सकेंगे

भारत में एपल अपने मैकबुक और मैक पीसी के ग्राहकों को कॉन्फिगर-टू-ऑर्डर (CTO) और बिल्ड-टू-ऑर्डर (BTO) की सुविधा दे रही है। यानी ग्राहक अब मैक मशीन ऑर्डर करते समय अपने बजट और जरूरत के हिसाब से इसके रैम, रोम और ग्राफिकल पावर में बदलाव कर सकेंगे। कंपनी यह सुविधा अपनी पूरी मैक पोर्टफोलियो में दे रही है, जिसमें मैकबुक एयर, मैक मिनी, आईमैक समेत मैक कम्प्यूटर और लैपटॉप शामिल हैं, जो वर्तमान में भारतीय बाजार में बेचे जा रहे हैं।
कॉन्फ़िगर-टू-ऑर्डर या बिल्ड-टू-ऑर्डर पिछले कुछ समय से यूएस जैसे पश्चिमी बाजारों में मौजूद है, खासकर जब एपल ने कम्प्यूटर और लैपटॉप को इतना हाई-एंड बनाना शुरू किया, तो यह औसत खरीदारों के लिए बॉर्डरलाइन की तरह लग रहा था। हालांकि कॉन्फ़िगरेशन का ऑप्शन एपल इंडिया साइट पर जुड़ गया है। फिलहाल यह सुविधा सभी एपल ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर पर उपलब्ध नहीं है।

कॉन्फ़िगरेशन से मिलेगी सहूलियत

  • भारत में फिलहाल क्योंकि कस्टम कॉन्फ़िगरेशन ऑर्डर करने का विकल्प उपलब्ध नहीं था (अब तक), खरीदारों को मैक कंप्यूटर और लैपटॉप के बेसिक या एंट्री लेवल मॉडल को ही ले रहे थे। उदाहरण के लिए हाल ही में लॉन्च किए गए 13-इंच मैकबुक प्रो (2020) को लें। 13-इंच का मैकबुक प्रो 2020 में 10th जनरेशन क्वाड-कोर इंटेल कोर प्रोसेसर विद 4.1GHz तक की टर्बो बूस्ट स्पीड तक जाता है, इसमें 32GB तक रैम और 4TB SSD तक का स्टोरेज है।
  • लेकिन भारत में, 13 इंच का मैकबुक प्रो लॉन्च किया गया और केवल दो प्रोसेसर कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध कराया गया। बेस मॉडल को 1.4GHz क्वाड कोर इंटेल कोर i5 Gen 8 (3.9GHz तक टर्बो बूस्ट ) प्रोसेसर के साथ है, जबकि टॉप-एंड मॉडल 2.0GHz क्वाड कोर इंटेल i5 Gen 10 (3.8GHz तक टर्बो बूस्ट) के साथ बाजार में उतारा गया है।
  • बेस मॉडल को की 8GB 2133MHz LPDDR3 रैम और 256GB या 512GB SSD के साथ जोड़ा गया, जबकि टॉप-एंड मॉडल में 16GB 3733MHz LPDDR4X रैम और या तो 512GB या 1TB SSD स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है।

डिलीवरी के लिए महीनेभर तक इंतजार करना पड़ सकता है
कॉन्फ़िगर-टू-ऑर्डर की सुविधा के साथ, भारत में खरीदार अब स्पेसिफिक अपग्रेड्स के लिए पूछ सकते हैं। एपल इन कस्टम मैक लैपटॉप और कंप्यूटर को कम्पोनेंट की उपलब्धता के आधार पर लगभग एक महीने में खरीदारों तक पहुंचाएगा। अबतक कंपनी का सारा ध्यान आईफोन पर रहा है, लेकिन ऐसा लगता है एपल मैक मशीन को उस सूची में जोड़कर अपने दायरे को बढ़ाने की लिए तैयार है।