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एक साल में 100 लोगों ने एक्सीडेंट में गंवाई जान, DME और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसे

एक साल में 100 लोगों ने एक्सीडेंट में गंवाई जान, DME और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसे

गाजियाबाद: यूपी केगाजियाबाद से निकलने वाले दो एक्सप्रेसवे ने जिले की रफ्तार तो बढ़ाई, लेकिन हादसे भी उसी रफ्तार में बढ़ गए हैं। 2022 में यहां सड़क हादसों में 353 लोगों की मौत हुई, इनमें से 100 मौतें सिर्फ दोनों एक्सप्रेसवे पर हुई हैं। मरने वालों में बाइक सवार लोगों की संख्या 50 से अधिक है। वहीं एक्सप्रेसवे पर इन हादसों को रोकने के लिए प्लानिंग सिर्फ पेपर पर है। प्रतिबंधित वाहनों के लिए नो एंट्री लागू होने के बाद भी हादसे कम नहीं हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस के कई लेटर के बाद भी आरटीओ की तरफ से जरूरी व्यवस्था नहीं की गई है।

इसलिए चढ़ते हैं बाइक सवार
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP) दोनों ही शहर के कई एरिया में उतरते और चढ़ते हैं। ऐसे में कई लोकल बाइक सवार इस पर सिर्फ नीचे के जाम से बचने के लिए चढ़ते हैं। वहीं, मेरठ जाने के लिए भी कई बाइक सवार एक्सप्रेसवे पर जल्दी पहुंचने के चक्कर में चढ़ते हैं और टोल के बाद भी आसानी से निकल जाते हैं। एक बाइक सवार से बात करने पर उसने कहा कि जिन पॉइंट पर डीएमई पर चढ़ने के सिस्टम को बनाया गया है, वहां लगे साइन बोर्ड दूर से साफ दिखाई नहीं देते और जब तक साफ होता है, वह दूसरों को देखकर चढ़ चुके होते हैं।

कई लेटर के बाद भी लागू नहीं हुए ये नियम
1- बाइक सवार का ऑनलाइन चालान: ट्रैफिक पुलिस की तरफ से NHAI (नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को करीब 3 बार लेटर लिखकर बाइक सवारों को ऑनलाइन चालान के कहा गया है, लेकिन वह अभी तक शुरू नहीं हुआ है। पुलिस मैनुअल ही चालान कर रही है। अभी तक करीब 7 हजार चालान किए गए हैं। हालांकि, शनिवार और रविवार को अडिशनल डीसीपी रामानंद कुशवाह खुद टीम के साथ डीएमई पर बाइकर्स को रोकने के लिए उतरे और करीब 500 चालान कर 94 लाख से अधिक रुपये एक ही दिन में वसूले गए।

2- प्रतिबंधित वाहनों की रूटीन जानकारी: सिस्टम अपडेट नहीं होने तक पुलिस ने प्रतिबंधित वाहनों के कैमरे पर दिखने पर उसकी लिस्ट की मांग की थी, लेकिन अभी तक वह लिस्ट भी अपडेट नहीं की जा रही है। इस कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

3- टोल पर नहीं रोके जा रहे वाहन : NHAI को टोल पर आने वाले प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। टोलकर्मियों का कहना है कि रोकने पर लोग मारपीट करते हैं।

चालान काटना और भी मुश्किल
अभी तक पुलिस बाइक सवार के चालान मैनुअल काट रही है। इसमें उनकी और चालक दोनों की जान को खतरा बना रहता है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को सावधानी से काम करने के लिए कहा गया है, ताकि हादसे की स्थिति न बने। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे वह ज्यादा लोगों को टारगेट नहीं कर पाते हैं। कुछ लोगों को मजबूरी में उन्हें छोड़ना पड़ता है। जिसके चलते एनएचएआई से सॉफ्ट में इस प्रकार के चालान को भी अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है।

अडिशनल डीसीपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा कहते हैं कि चालान सिस्टम अपडेट करने के लिए NHAI को कई बार लेटर लिखा गया है। कई अन्य ऑप्शन भी दिए गए, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। बेहतर साइन बोर्ड लगाने के लिए कहा गया है, ताकि लोगों को दूर से ही कौन से वाहन प्रतिबंधित हैं, इस बारे में जानकारी मिल सके।

इस साल हुए सड़क हादसे- 854, मौत 353, घायल 615

एक्सप्रेसवे पर हादसे- 176, मौत 100, घायल 115

एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे
-1 जनवरी 2023- नोएडा से मेरठ के लिए जा रहे बाइक सवार युवक की कल्लूगढ़ी के पास हादसे में मौत हो गई।
-31 दिसंबर 2022- मेरठ से लौट रहे रिटायर्ड बीएसएफ जवान की लालकुआं के पास डीएमई पर हादसे में मौत हुई।
-25 दिसंबर 2022- मसूरी थाना क्षेत्र में डीएमई पर बाइक से चल रहे युवक को कार ने टक्कर मारी, उसकी मौके पर मौत हो गई।
-18 दिसंबर 2022- नोएडा से उत्तराखंड जाने के लिए बाइक लेकर डीएमई पर जा रहे दो भाइयों को अज्ञात वाहन ने मारी, जिसमें दोनों की मौत हो गई।