कोरोना संकट में समाज के कमजोर तबकों को राहत पहुंचाने विशेष प्रयास

लगभग 45 हजार निराश्रितों को 4.50 करोड़ की राहत राशि वितरित
बैंकों की भीड़ से बचाने नगद संगवारियों ने घर-घर जाकर बांटी पेंशन

बलौदाबाजार,3 जुलाई 2020

कोरोना के कारण लगाये गये लॉकडाउन पीरियड में समाज के बुजुर्गो, दिव्यांगजनों और निराश्रितों को राहत पहंुचाने में जिला प्रशासन ने विशेष प्रयास किये हैं। नियमित पेंशन राशि समय पर उपलब्ध कराने के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत भी 44 हजार 978 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रति हितग्राही 1 हजार रूपये की राशि 5-5 सौ के दो किश्तों में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रूपये उनके खाते में डीबीटी किये गये हैं। समाज के संवेदनशील तबके से जुड़े होने की वजह से उन्हें नगद संगवारी के सहयेाग से उनके गांव एवं घर पर जाकर राशि मुहैया कराई गई है।
लॉकडाउन की अवधि में जहॉ एक ओर आवागमन के संसाधन बाधित थे। लोगों के लिए बैंक जा कर पैसा आहरण करना चुनौती से कम नहीं था। वहीं दूसरी ओर जिले के नगद संगवारी पेंशनधारियों के लिए लाईफलाईन साबित हुए है। जिले में 320 नगद संगवारी सक्रिय है। जिन्होने इस विषम परिस्थिति में पेंशनधारियों के घर-घर जाकर लगभग 5 करोड़ 60 लाख रू राशि का नगद भुगतान किया है। जिससे दिव्यांग एव बुर्जुग पेशनधारियों को आवागमन में होने वाली परेशानियों तथा बैंको के बाहर लम्बी-लम्बी कतारो से छुटकरा मिला है। लॉकडाउन अवधि में सहज तरीके से घर पहंुच पेंशन सेवा प्रदाय करने वाले जिले के नगद संगवारी परियोजना की मुख्यमंत्री कार्यालय एवं राष्टीªय स्तर पर भी सराहना की गई है।
कोरोना काल में समाज कल्याण विभाग के संरक्षण में जिले के दिव्यांग समूह भी जागरूकता फैलाने में समान रूप से संक्रिय रहें। संगी-साथी दिव्यांग समूह, लाहोद, अन्नपूर्णा दिव्यांगसमूह, लटुवा, सक्षम दिव्यांग समूह, ताराशिव द्वारा कोरोना मास्क सिलाई कर गांव में घर-घर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं , किराना दुकानदारों, सब्जीवालो, कोटवार, आदि को लगभग 3500 मास्क का निःशुल्क वितरण किया गया। विभाग की पहल पर मास्क की बेहतर क्वालिटी को देखते हुए सरकारी विभागों द्वारा दिव्यांग समूह से 17000 से अधिक मास्क की खरीददारी की गई है, जिससे समूहों का लगभग 1 लाख 90 हजार रूपये का व्यवसाय हुआ है। दिव्यांग समूह के संचालक श्री राम पटेल का कहना है कि प्रशासन के इस प्रकार सहयोग से दिव्यांग साथियों को लॉकडाउन अवधि में संकट के समय में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुआ एवं आत्मनिर्भरता मिली है।
उप संचालक समाज कल्याण द्वारा स्थानीय निकायों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 1लाख 70 हजार से अधिक निराश्रितों ,जरूरतमंदों एवं प्रवासी श्रमिकों हेतु सूखा राशन सामग्री एवं भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई है। इनमें 212 दिव्यांगजन एवं 46 तृतीय लिंग समुदाय के लोग रहें जिन्हे 15 किलो चॉवल, 02किलो दाल,तेल,साबुन,मसाले एवं हरी सब्जी आदि का पैकेट बना कर प्रदाय किया गया। कोरोना अवधि में विभागीय योजनार्गत 67 परिवारो को राष्टीªय परिवार सहायता के तहत 13लाख 40हजार रू का बैंक खाते के माध्यम से वितरण किया गया। 11 दिव्यंाग नवदम्पत्ति को निःशक्त विवाह प्रोत्साहन अन्तर्गत 6 लाख रू की सहायता राशि प्रदाय की गई। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 का वृ़द्धजनो में तेजी से होने वाले संक्रमण को ध्यान मे रखते हुए जिले में संचालित एक मात्र वृद्धाश्रम ’श्री वाटिका’ मे विशेष सावधानी बरती गई हेै।