शुक्रवार को जिले के कोविड-19 हॉस्पिटल से एक और डोंड़काचौरा स्थित कोविड केयर सेंटर से 12 संक्रमितों को डिस्चार्ज किया गया

कोरोना संक्रमण के बीच जिले के लिए अच्छी खबर आई है। अब जिले में भी कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज होने लगे हैं। शुक्रवार को जिले के कोविड-19 हॉस्पिटल से एक और डोंड़काचौरा स्थित कोविड केयर सेंटर से 12 संक्रमितों को डिस्चार्ज किया गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में भर्ती अन्य कोरोना मरीजों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। 
जिले में अब तक मिले 189 कोरोना संक्रमितों में  ठीक होने वालों की संख्या 107 है। अब तक एक भी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। प्रदेश के दूसरे अस्पतालों में भी 50 से अधिक कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। वर्तमान में सिर्फ गर्भवती महिलाओं व शिशुओं को उपचार के लिए रायपुर के एम्स में भेजा जा रहा है। बाकी संक्रमितों का इलाज जिले में ही कर लिया जा रहा है। वर्तमान में कोविड-19 अस्पताल में 53 और केयर सेंटर में 40 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। शुक्रवार को जिले में 31 नए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। इनमें क्वारेंटाइन सेंटर में बाहर से आए श्रमिकों के अलावा कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें सर्दी-खांसी व बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ अा रही थी। जिले से अब तक 4798 लोगों के सैंपल भेजे गए हैं। 
79 कंटेनमेंट जोन में 79532 लोग अभी भी निगरानी में – जिले में 79 कंटेनमेंट जोन हो गये हैं। जिसमें 18476 परिवार संख्या एवं 79532 को विभाग ने सतत् निगरानी में रखा है।  इस दौरान सर्दी-खांसी, सामान्य बुखार से ग्रसित व्यक्तियों तथा संदेहास्पद व्यक्तियों का चिह्नांकन कर त्वरित इलाज का व्यवस्था की जा रही है। जिले में  699 क्वारेंटाइन सेंटर हैं, जिसमें कल तक 3 हजार 527 व्यक्तियों रखा गया था। शुक्रवार को 111 नए व्यक्तियों को भर्ती तथा क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण किए 180 व्यक्तियों को डिस्चार्ज उपरांत 3458 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन किया गया है। इसमें 2977 पुरूष एवं 481 महिला एवं 32 गर्भवती महिला शामिल हैं। 3458 श्रमिकों में से अन्य राज्य के श्रमिकों की संख्या 3हजार 375 एवं छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के श्रमिकों की संख्या 83 है। 
कोरोना से जंग जीतने वालों का अफसरों ने बढ़ाया हौसला 
13 संक्रमितों के ठीक होकर डिस्चार्ज होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाया और एंबुलेंस से उन्हें गांव तक छोड़कर आए, जो 13 मरीज ठीक हुए हैं उसमें फरसाबहार ब्लॉक के 4, कुनकुरी के 2, दुलदुला के 4, कांसाबेल के 1 तथा जशपुर के बड़ा गलौड़ा से 1 मरीज शामिल है। अक्सर कोरोना संक्रमितों को लेकर गांव में भय का वातावरण बना रहता है। इन मरीजों को डिस्चार्ज करते वक्त डॉक्टरों ने मोटिवेट भी किया अब वे गांव में जाकर कैसे रहेंगे।

अधिकांश मरीजों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं 
सैंपल जांच में जितने भी संक्रमित सामने आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश के शरीर में बीमारी के  लक्षण नहीं है। उन्हें ना तो बुखार है और ना ही सांस लेने में तकलीफ उन्हें केयर सेंटर में रखकर ही देखभाल की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ये ऐसे मरीज हैं, जिनके शरीर में वायरस के प्रति एंडी बॉडी डेवलप हो चुकी है। इन्हें वायरस से कोई नुकसान नहीं है, पर इनके जरिए संक्रमण फैल सकता है। केयर सेंटर में रखकर उन्हें दवाओं के साथ पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। शुक्रवार को डिस्चार्ज हुए 13 संक्रमितों में से 12 ऐसे ही संक्रमित केस थे।