बिहार में बिजली गिरने का कहर जारी, 20 की मौत, 20 घायल

बिहार में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। आज प्रदेश में बिजली गिरने से कुल 20 लोगों की मौत हो गई है और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बिजली गिरने को लेकर मौसम विभाग ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जरूरत न हो तो घरों से न निकले। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक विवेक सिन्हा के मुताबिक ये स्थिति अमूमन रविवार तक जारी रहेगी।

बिजली गिरने से शनिवार को सहरसा, आरा, सारण, गया और बक्सर, सासाराम में जहां 20 लोगों की मौत हो गई वहीं इसकी चपेट में आने से 10, सिवान में चार, भभुआ में तीन, बक्सर में चार, सासाराम में दो लोग घायल हो गए हैं। सासाराम के करगहर थाना क्षेत्र के करुप गांव में शनिवार को गांव के बधार में गाय चरा रहे दो युवकों की बिजली गिरने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई । वही शिवसागर थाना क्षेत्र के केकड़ाहा गांव में दो बच्चियां आकाशीय बिजली गिरने से घायल हो गई।

सहरसा के सोनवर्षा राज थाना शाहपुर पंचायत के वार्ड नंबर दो निवासी बिंदी मुखिया के 21 साल के बेटे तरूण कुमार की मौत बिजली की चपेट मे आने से हो गई। भोजपुर जिले के अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने के कारण 7 लोगों की मौत की खबर है। सबसे बड़ा हादसा उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव में होने की खबर है।

सारण जिला के मरहौरा थाना क्षेत्र के नरहरपुर और सलीमा पुर गांव में बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई है। वही 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखंड की साहरघाट उतरी पंचायत के खिरोदनी टोल में शनिवार सुबह वज्रपात से दस लोग घायल हो गए। इसमें एक को सीएचसी मधवापुर से इलाज के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेजा गया है।

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटे में पूरे राज्य में गरज के साथ बारिश एवं बिजली गिरने की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए किसान अपने खेतों में नहीं जायें और आमजन भी घरों से बगैर काम के बाहर नहीं निकलें।

आइएमडी पटना ने लोगों से अपील है कि कोशिश करें कि पक्के व मजबूत मकानों में रहें। -बारिश के वक्त बड़े पेड़ के नीचे खड़े न हों और ना ही पहाड़ों पर जाएं। ऐसी जगह बिजली जल्दी गिरने की संभावना ज्यादा होती है। यदि आप जंगल में हैं तो छोटे और घने पेड़ों की शरण में चले जाएं। खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों को तुरंत सूखे और सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बारिश में नंगे पैर फर्श पर नहीं खड़े होना चाहिए। पैरों के नीचे सूखी लकड़ी, प्लास्टिक या बोरा रखना चाहिए।