अयोध्या में रचा गया इतिहास: प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन कर रखी भव्य श्रीराम मंदिर की नींव

4 August 2020

प्रधानमंत्री मोदी ने जय श्रीराम और हर-हर महादेव की गूंज के बीच ठीक 12 बजकर 44 मिनट के मुहूर्त पर श्रीराम मंदिर की शिला रखी। भूमि पूजन में उन्होंने चांदी की 9 शिलाओं का पूजन किया। इन्हीं शिलाओं के ऊपर रामलला विराजमान होंगे।

मंत्रोच्चर के बीच भूमि पूजन का पूरा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। भूमि पूजन कार्यक्रम करीब 48 मिनट चला। भूमि पूजन और शिला पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने साक्षात दंडवत कर देश की तरक्की और कोरोना के नाश का वरदान प्रभु श्रीराम से मांगा।

प्रधानमंत्री मोदी पारंपरिक हल्के पीले रंग का कुर्ता, सफेद धोती और भगवा रंग के गमझे में थे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत करीब 175 लोग इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बने।

कोरोना महामारी के कारण यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया। भूमि पूजन के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर परिसर में पारिजात का पौधा भी लगाया।

प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐतिहासिक दौरे की शुरूआत हनुमानगढ़ी के दर्शन कर की। यहां मंदिर के मुख्य पुजारी ने उन्हें चांदी की मुकुट और वस्त्र भेंट किए। इसके बाद उन्होने श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी। यहां उन्होंने साष्टांग दंडवत होकर रामलला के दर्शन किए।

नरेन्द्र मोदी श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री है। वैसे उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री रहते अयोध्या पहुंचे थे, लेकिन कोई भी भूमि विवाद की वजह से इस जगह पर नहीं गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या वाले इंडोनेशिया सहित दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो भगवान राम के नाम का वंदन करते हैं। राम मंदिर को भारतीय संस्कृति की ”समृद्ध विरासतÓÓ का द्योतक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिरÓ का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रामायण इंडोनेशिया, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल में प्रसिद्ध और पूजनीय है।

मोदी ने कहा कि भगवान राम का जिक्र ईरान और चीन तक में पाया गया है और ”राम कथाÓÓ कई देशों में प्रचलित है। उन्होंने कहा, ”दुनिया में कितने ही देश राम के नाम का वंदन करते हैं। वहां के नागरिक खुद को श्रीराम से जुड़ा हुआ मानते हैं। विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या जिस देश में है, वो है इंडोनेशिया। वहां हमारे देश की ही तरह ‘काकाविनÓ रामायण, स्वर्णद्वीप रामायण, योगेश्वर रामायण जैसी कई अनूठी रामायण हैं। राम आज भी वहां पूजनीय हैं।ÓÓ प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार कंबोडिया में ‘रमकेर रामायणÓ, लाओ में ‘फ्रा लाक फ्रा लामÓ रामायण, मलेशिया में ‘हिकायत सेरी रामÓ तो थाईलैंड में ‘रामाकेनÓ रामायण है। उन्होंने कहा, ”आपको ईरान और चीन में भी राम के प्रसंग तथा राम कथाओं का विवरण मिलेगा।ÓÓ

मोदी ने कहा कि श्रीलंका में रामायण की कथा ”जानकी हरणÓÓ के नाम से सुनाई जाती है और नेपाल का तो राम से आत्मीय संबंध माता जानकी से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ”ऐसे ही दुनिया के और न जाने कितने देश हैं, कितने छोर हैं, जहां की आस्था में या अतीत में, राम किसी न किसी रूप में रचे बसे हैं। आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा, आज भी प्रचलित है।ÓÓ मोदी ने उम्मीद जताई कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी। उन्होंने कहा, ”आखिर राम सबके हैं, सब में हैं।ÓÓ