छत्तीसगढ़ में ओपन स्कूल परीक्षा में इस बार विद्यार्थी घर पर ही हल करेंगे पेपर

ओपन स्कूल की परीक्षा इस बार और भी ओपन प्रणाली से आयोजित होगी। साल भर की गई पढ़ाई का मूल्यांकन करने आम तौर पर परीक्षा हॉल में परीक्षा ली जाती थी, लेकिन कोरोनाकाल के असर से अब यह परंपरा भी बिलकुल उलट हो गई है। इस साल विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा नहीं देनी होगी, बल्कि वे केंद्र से अपना प्रश्न पत्र व उत्तर पुस्तिका लेकर घर आएंगे। परीक्षार्थी घर में बैठकर आराम से पर्चे में उत्तर लिखेंगे। इसके बाद भरा हुआ पर्चा वे पुनः परीक्षा केंद्र में जमा करेंगे। शुक्रवार से शैक्षणिक जिला जांजगीर के आठ परीक्षा केंद्रों से अध्ययन केंद्रों के छात्रों को असाइनमेंट और उत्तरपुस्तिका का वितरण शुरू किया गया कोरोना संक्रमण कोदेखते हुए जिले में 24 जुलाई से एक सप्ताह के लिए लाकडाउन लगा दिया गया। इसके बाद फिर एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ाते हुए 6 अगस्त त लागू कर दिया गया। लॉकडाउन के कारण ओपन के छात्रों को असाइनमेंट का वितरण नहीं किया जा सका था। शुक्रवार 7 अगस्त से जिले के परीक्षा केन्द्रों से छात्रों को असाइनमेंट और उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण शुरू किया गया। जानकारों का कहना है कि यह पर्चा सीबीएसई प्रणाली की तरह कठिन होता है, जिसमें घर बैठे परीक्षा देकर पास तो हो सकते हैं, पर कठिन अभ्यास व तैयारी करने वाले छात्र ही अच्छे अंक अर्जित कर सकेंगे असाइनमेंट वितरण के दौरान परीक्षा केंद्रों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने कहा गया है। केंद्रों में मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग व अन्य गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाना था। प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका वितरण के पहले दिन ही कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। शुक्रवार 7 अगस्त से जिले के परीक्षा केंद्रो से छात्रों को असाइनमेंट और उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण शुरू किया गया। पहले दिन परीक्षा केंद्रों में उत्तर पुस्तिका और असाइनमेंट लेने के लिए छात्रों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान न तो छात्रों ने फिजिकल डिस्टेंस का पालन किया और न ही छात्र मास्क लगाए हुए थे। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जिला मुख्यालय जांजगीर के समन्वय केंद्र खोखराभांठा और परीक्षा केंद्र शिवरीनारायण के हाईस्कूल में छात्रों की भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे यहां मेला लगी हो।