Editorial :- कांग्रेस सबक ले आर्टिकल 370 के विरोध पर पाकिस्तान और मलेशिया के पूर्व पीएम का माफीनामा : शाह फैसल का पश्चाताप

13 August 2020

भूल हर मनुष्य से होती है, और ये स्वाभाविक है, पर उस भूल को स्वीकार करने का साहस बहुत ही कम लोगों में होता है। मलेशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष महातिर मुहम्मद भारत का विरोध कर अब पश्चाताप कर रहे हैं। उसी प्रकार से कश्मीर मुद्दे को ही लेकर पाकिस्तान ने सऊदी अरब से पंगा लिया और अब वह माफी मांग रहा है। 

शाह फैसल का भी हुआ नई सच्चाई के सामने समर्पण, बोले-कश्मीर में 5 अगस्त से पहले का दौर लौटाने की शक्ति नहीं।

कांग्रेस क्या अब इन सबसे सबक लेगी? 

 एक साक्षात्कार में इस बात को स्वीकार किया है कि उनके बड़बोलेपन के कारण न केवल भारत और मलेशिया के सम्बन्धों में दरार आई अब वे इसके लिये पश्चाताप कर रहे हैं। 

फंडामेंटलिस्ट कट्टरपंथी इस्लामिक देश तुर्की और मलेशिया के जाल में फंस कर ३७० धारा के संदर्भ में पाकिस्तान ने सऊदी अरब से पंगा लेने के बाद अब पाक आर्मी चीफ बाजवा सऊदी अरब के  प्रिंस से माफी मांगने रियाद जायेंगे।  

>> भारत विरोध का गढ़ बन चुके तुर्की पहुँचे आमिर खान, वहाँ की मिनिस्ट्री के समर्थन से करेंगे फि़ल्म शूटिंग। 

>> देश विरोधी कांग्रेस, कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थन करने वाले देश तुर्की में खोला दफ्तर। 

>> भारत विरोधी गतिविधियों का नया गढ़ बना ‘तुर्कीÓ, भारत के मुस्लिमों को रेडिकल बनाने के लिए कर रहा फंडिंग: रिपोर्ट।

>> तुर्की- एक ऐसा शत्रु जो पाकिस्तान और चीन की तुलना में किसी भी तरह से कम नहीं है।

>> जाकिर नाइक ने कतर में अपने एक करीबी से संपर्क किया

भगोड़े जाकिर नाइक की फंडिंग को लेकर जो बड़ा खुलास हुआ है, उसके मुताबिक जाकिर नाइक ने हाल ही में कतर में अपने एक करीबी से संपर्क किया और 5 लाख डॉलर का फंड मांगा. इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि तुर्की और कतर जैसे देशों के जरिए भी पाकिस्तान जाकिर नाइक की आर्थिक मदद करवा रहा है. पाकिस्तान इसके लिए तुर्की और कतर के साथ अपने अच्छे रिश्तों का सहारा ले रहा है. 

और ये बात किसी से छिपी नहीं कि पाकिस्तान के इशारे पर ही तुर्की ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद भारत के खिलाफ दुष्प्रचार का खेल शुरू कर दिया. यहां तक कि तुर्की पाकिस्तान को स्न्रञ्जस्न में ब्लैक लिस्ट होने से भी बचाने की कोशिश करता आया है. 

भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और नफरत भरे बयान देने की वजह से जांच चल रही है लेकिन ये जानते हुए भी मलेशिया उसे भारत को सौंपने को तैयार नहीं. बताया जा रहा है कि कतर और यूएई समेत कई खाड़ी देशों में जाकिर नाइक के बैंक अकाउंट हैं जिसके जरिए ढ्ढक्रस्न और दूसरे संगठनों तक पैसे पहुंचाता है।

कल बेंगलुरू जल गया, परंतु अभिव्यक्ति की आजादी के ठेकेदार चुप? 

बेंगलुरु में कांग्रेस के एक दलित विधायक श्रीनिवास मूर्ति का घर मुसलमानों की उग्र भीड़ जला देती है। कांग्रेस उसके साथ खड़े होने की जगह उन्मादियों के साथ दिखती है.. कांग्रेस का दलित प्रेम मात्र दिखावा है। भीम-मीम का खोखला नारा देने वाले, दलितों को वोट बैंक की तरह देखने वाले चुप हैं। आखऱि क्यों?

बेंगलुरू में दंगोईयों ने संपत्ति को जो नुकसान पहुंचाया है, उसकी भरपाई की जा सके, इसके लिए सूर्या ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का उदाहरण दिया। इसी प्रकार से अन्य कर्नाटक तथा कर्नाटक के बाहर के नेताओं ने भी सुझाव दिये हैं। यह खुशी की बात है कि कर्नाटक के मंत्री

मंत्री सीटी रवि ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि यह सुनियोजित दंगा है। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को डाले जाने के एक घंटे के भीतर हजारों लोग एकत्र हो गए और विधायक के आवास एवं 200 से 300 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हम इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे। यह एक सुनियोजित घटना है। इसके पीछे एसडीपीआई का हाथ है।Óहम उत्तर प्रदेश की तर्ज पर नष्ट हुई संपत्ति की नुकसान की वसूली दंगाइयों से करेंगे.। 

बेंगलुरू हिंसा पर अम्ब्रीन जैदी की प्रतिक्रिया भी प्रशंसीन है:  – हमारे प्रोफेट को तो उनकी लाइफ में इन लोगों ने उनके मुंह पर इतना जलील किया, तब भी उन्होंने रिएक्ट नहीं किया, 

अम्ब्रीन जैदी ने अपने वीडियो में आगे कहा कि मैं ये जानना चाहता हूं कि आपके दिमाग के यह जहर आ कहां से रहा है। आपको कौन भड़का रहा है। क्योंकि जो कुरान आपने पढ़ा है वही हमने भी पढ़ा है। इस तरह का पोस्ट देखकर हम तो नहीं निकल जाते मारकाट करने। आप क्यों निकल रहे हैं? ये आपकी ब्रेनबाशिंग हो रही है। ये गलत है। ये अल्लाह को मंजूर नहीं है। अपना दिमाग लगाइए। जो मुल्क में अमन नहीं चाहते आप उनके हाथों में खेल रहे हैं।

बेंगलुरु में मंगलवार में एक फेसबुक पोस्ट के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर में आंतक का तांडव मचा दिया। मुस्लिम दंगाइयों ने दो थानों, कांग्रेसी विधायक के घर के साथ सैकड़ों गाडिय़ों में आग लगा थी। शहर के कई इलाकों में जमकर तोडफ़ोड़ और आगजनी की। अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारों के बीच ये लोग हिंसा का खेल खेलते रहे। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि इस घटना पर वामपंथियों, कांग्रेस परस्त सेकुलर, लिबरल, अवार्ड वापसी और टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग चुप्पी साधे हुए हैं। भाईचारे की बात करने वाले ये लोग इस घटना को लेकर मौन हैं।

लेकिन यही सेकुलर-लिबरल गैंग के लोग हिंदुओं के देवी-देवाताओं के अपमान को फ्रीडम ऑफ स्पीच बता देते हैं। हिंदुओं की भावनाओं से खेलने वाले लेख और फिल्मों का बचाव करते हैं।

असम में भगवान राम के खिलाफ फेसबुक पर अपमानजनक टिप्पणी

जेएनयू में मां दुर्गा को कहा गया सेक्स वर्कर

केरल में सेक्सी दुर्गा फिल्म के जरिए आस्था पर प्रहार

फिल्मों में आस्था का अपमान]

बॉलीवुड की फिल्मों में आमतौर पर हिंदुओं, साधु-संतों और पंडितों को धोखेबाज और बलात्कारी दिखाकर बदनाम करने की कोशिश की जाती है। भगवान के नाम पर मजाक किया जाता है। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हिंदुओं की भावनाओं के साथ खेला जाता है।

महेश भट्ट की फिल्म सड़क 2 में हिन्दू आस्था को अपमानित करने का आरोप: ङ्क॥क्क ने की कार्रवाई की माँग।

टवीटर में भी एक बहस छिड़ी हुई है कि हिन्दू देवी देवताओं के अपमान पर कोई   चुप रहने वाले ही अब बेंगलुरू की हिंसा पर भी चुप हैं। ऐसा क्यों? 

सऊदी से माफी मांगने जाएंगे पाक आर्मी चीफ

सऊदी अरब को मनाने अगले हफ्ते रियाद जाएंगे पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा- शाह महमूद कुरैशी के बयानों पर भड़का है सऊदी अरब, 6.2 बिलियन डॉलर की डील कर चुका है रद्द । अपने ही देश में सऊदी पर बयान देकर फंसे पाकिस्तानी विदेश मंत्री, विपक्षी पार्टियों ने भी घेरा “हमने तुम्हें खड़ा किया, हम ही तुम्हारे घुटने तोड़ेंगे” कश्मीर मसले पर अरब देशों ने पाकिस्तान को त्याग दिया है

पाकिस्तान ने अपने नए क्चशह्यह्य तुर्की के लिए पुराने आकाओं से पंगा लेकर बहुत बड़ी गलती कर दी पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि, यदि सऊदी के नेतृत्व वाले इस्लामिक संगठन, ह्रढ्ढष्ट ने कश्मीर मुद्दे पर भारत को नहीं घेरा तो पाकिस्तान इस संगठन को छोड़ कर ऐसे देशों को जोड़ेगा जो इस मुद्दे पर उसके साथ हैं। इसके जवाब में अब सऊदी ने पाकिस्तान को मिलने वाले तेल और लोन पर रोक लगा दी है।पाकिस्तान सऊदी के नेतृत्व वाले ह्रढ्ढष्ट पर लगातार भारत विरोधी स्टैंड लेने के लिए दबाव बना रहा था। पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर ह्रढ्ढष्ट के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने ले लिये जोर दे रहा है। सऊदी द्वारा बार-बार अपनी अपील ठुकराए जाने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने बयान दिया, “यदि आप इसे नहीं बुला सकते हैं, तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से उन इस्लामिक देशों की बैठक बुलाने के लिए कहूंगा जो कश्मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने और पीडि़त कश्मीरियों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।”

 साफ जाहिर है कि, इमरान खान की सरकार सऊदी के धड़े से अलग और तुर्की समर्थक मुस्लिम देशों के एक नए संगठन बनाने की ओर इशारा कर रही है। इसी के खिलाफ सऊदी ने यह कदम उठाया है।

ह्रढ्ढष्ट के सभी प्रमुख देशों ने धारा 370 के हटने के बाद पाकिस्तान के बार-बार जोर देने के बावजूद भी इस मामले को ह्रढ्ढष्ट की बैठक में नहीं उठाया। इतना ही नहीं, जब पाकिस्तान ने भारत में तथाकथित रूप से बढ़ रहे इस्लामोफोबिया को लेकर भारत सरकार को घेरने की कोशिश की, तो मालदीव ने भारत का खुलकर बचाव करते हुए कहा, “स्वार्थ से प्रेरित कुछ लोगों की व्यक्तिगत टिप्पणियों और सोशल मीडिया के जरिये फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियां, 130 करोड़ लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। “

वहीं संयुक्त राष्ट्र में मालदीव की स्थाई प्रतिनिधि, थिल्मीज़ा हुसैन ने कहा कि, भारत में इस्लामोफोबिया की बात करना तथ्यात्मक रूप से  सही नहीं है। उन्होंने कहा, “इस्लाम भारत मे सदियों से है और भारत का संख्या की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा धर्म है, जिसकी आबादी कुल जनसंख्या की 14।2 प्रतिशत है।” केवल तुर्की, पाकिस्तान और मलेशिया को छोड़ तब लगभग सभी मुस्लिम देश भारत के साथ थे। यही बात पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा है।

मलेशिया के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष महातिर मुहम्मद की हेकड़ी निकली

I WION की संवाददाता पाल्की शर्मा उपाध्याय के साथ विशेष बातचीत में महातिर ने कई बातें साझा की। जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान का समर्थन करने के पीछे भारत और मलेशिया के संबंध खराब हुए, तो उन्होने स्पष्ट बताया, “बिलकुल नहीं। मुझे लगता है कश्मीर पर मैंने जो बयान दिये थे, उसके कारण स्थिति बिगड़ी थी” –

बता दें कि 2019 में जब यूएन की जनरल एसेम्बली का आयोजन हुआ था, तब महातिर मुहम्मद ने कश्मीर पर विवादित बयान दिया था। उन्होने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने का विरोध करते हुए न केवल ये कहा कि ऐसा करके कश्मीर पर भारत ने न सिर्फ आक्रमण किया, अपितु कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया। इसके अलावा महातिर मुहम्मद ने भारत विरोधी तत्वों, विशेषकर आतंकी समर्थक ज़ाकिर नाईक को पनाह देकर और सीएए का विरोध कर ये भी सिद्ध किया कि वह अपनी हेकड़ी में किस हद तक जा सकते हैं। लेकिन महातिर का यह घमंडी स्वभाव उन्ही पर भारी पड़ा, क्योंकि पहले भारत ने पाम ऑइल के आयात को रोककर मलेशियाई अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई और उसके बाद मलेशियाई जनता के दबाव में महातिर को अपने पद से मार्च आते आते इस्तीफा देना पड़ा था।

लेकिन महातिर वहीं पे नहीं रुके। ङ्खढ्ढह्रहृ से अपनी बातचीत में उन्होने ये भी बताया कि कैसे संसार को पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को बेहतर ढंग से समझना चाहिए। महातिर के अनुसार, “अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होने बेहतरीन काम किया पर हमें उनके नेतृत्व में भारत को बेहतर ढंग से समझना होगा, क्योंकि वे अन्य प्रधानमंत्रियों जैसे बिलकुल नहीं है”

। कश्मीर पर जहर उगलने वाले मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। महातिर मोहम्मद ने माना है कि कश्मीर पर उनकी बयानों के कारण भारत के साथ उनके देश के रिश्तों में तनाव आया। महातिर ने साथ ही यह भी कहा उनके नेतृत्व के तहत इसके अलावा दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे रहे। बता दें कि महातिर एक समय में दुनिया के सबसे लंबे वक्त तक सेवा देने वाले निर्वाचित नेता थे। वह वापसी करने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि वह दुनियाभर के मामलों के बारे में टिप्पणियां करते रहे हैं।

#hindugods टवीटर में छिड़ी बहस

kuleshkumbhkar #???????????? @kuleshkumbhkar
How many people were attacked and cities burnt when an
entire movie degrading Hindu Gods was done by Muslim Amir
Khan? Does this justify mob lynching and riots?

#BengaluruMeinShaheenBaghKeDange

KY @KyYadhu
Karnataka Congress MLA Akhanda Srinivas murthy house
attacked by peaceful people for a controversial post on Prophet
Muhammad by one of his relative. In TN, DMK/DK/NTK mocking
our Hindu gods and still Hindus are called intolerance people.
Chiru Bhat | ???? ??? @mechirubhat
How all this happened? Muzammil Pasha, SDPI
District General Secretary, Glass Jaffer, with their
gang of goons had come to DJ Halli Police Station to
lodge a complaint Naveen related to FB POST. Right
after that addresses huge mob through
Loudspeaker. #Bengaluru #BengaluruRiot
8:49 AM · Aug 12, 2020
OpIndia.com @OpIndia_com
SDPI blames Bengaluru Police for riots, claims delay in filing
complaint against Naveen for Facebook post ‘angered’ the

HinduJagrutiOrg @HinduJagrutiOrg
Before this, @amazon
was selling Indian Flag printed on shoes. Now
@amazonIN selling face masks with Indian Flag printed on
them. We all know what would happen when we have discard our
masks. Let’s protest lawfully against it !
4:38 PM · Aug 12, 2020

बेंगलुरु हिंसा SDPI के नेता मुजम्मिल पाशा गिरफ्तार 

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफ आई) की राजनीतिक शाखा एसडीपीआई

 विजयन ने केरल में चरमपंथी संगठनों की घुसपैठ के खिलाफ आगाह किया था: 

विजयन ने  ३ फरवरी २०२० को कहा था कि दक्षिणी राज्य में नागरिकता कानून के खिलाफ असाधारण प्रदर्शन हुए और इनमें से ज्यादातर प्रदर्शनों का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। लेकिन हमारे राज्य में एसडीपीआई नामक एक समूह है जो चरमपंथी तरीके से सोचता है।

विजयन ने कहा कि वे न सिर्फ हिंसा में शामिल हो रहे हैं बल्कि लोगों को बांटने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे की भी कोशिश कर रहे हैं।  सरकार के संज्ञान में आया है कि एसडीपीआई के सदस्य कई स्थानों पर प्रदर्शनों में घुसने और मुद्दों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

  पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा एसडीपीआई 

पीएफआई की राजनीतिक शाखा से मेवानी ने लिया चंदा?

Dec. 7 , 2017

CAA हिंसा के लिए पीएफआई-एसडीपीआई जिम्मेदार, संगठनों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस 

मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंसा के मास्टरमाइंड के रुप में पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठन के नाम सामने आए है. मेरठ पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत अब तक इन दोनों संगठनों के चार लोगों को जेल भेज दिया है. जिसके बाद एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करके इन संगठनों के और गुर्गों को खंगाला जा रहा है. माना जा रहा है कि कई और गिरफ्तारियां इन्हीं संगठन के कार्यकर्ताओं की की जाएंगी. 

17 JAN, 2020-08-12 

बेंगलुरू में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एसडीपीआई के छह सदस्य पकड़े गये 

बेंगलुरू में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के छह सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है जिन्होंने 22 दिसंबर को सीएए के समर्थन में एक रैली में भाग लेने वाले एक आरएसएस कार्यकर्ता की कथित तौर पर हत्या का प्रयास किया था। बेंगलुरू में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के छह सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है जिन्होंने 22 दिसंबर को सीएए के समर्थन में एक रैली में भाग लेने वाले एक आरएसएस कार्यकर्ता की कथित तौर पर हत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि गिरफ्तार लोगों की पहचान इरफान, सैयद अकबर, सैयद सिद्दीकी, अकबर बाशा, सनाउल्ला और सादिक अमीन उर्फ साउंड अमीन के तौर पर की गयी। ये सभी शहर के केजी हल्ली इलाके के रहने वाले हैं। पिछले महीने हुई सीएए समर्थन रैली में प्रमुख वक्ताओं में बेंगलुरू दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या और दक्षिणपंथी नेता चक्रवर्ती सुलीबेले शामिल थे। 

कर्नाटक सरकार पीएफआई और एसडीपीआई पर प्रतिबंध लगाने पर कर रही है विचार  ष्ठद्गष् 27 2019 7

10 रूड्ड4, 2018 – कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने देशद्रोहियों से लिया समर्थन, : अमित शाह

कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एसडीपीआई और पीएफआई के बहाने कांग्रेस पार्टी पर देशद्रोहियों के साथ गठजोड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस की विचारधारा में बहुत बड़ा अंतर हैं। हम चुनाव हार सकते हैं लेकिन किसी भी दशा में देशद्रोहियों का सहारा नहीं लेंगे।

शाह ने कहा, ‘सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी ऑफ इंडिया और पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्यों ने कांग्रेस के समर्थन में पर्चा वापस ले लिया। कांग्रेस के अध्यक्ष देश जोडऩे की बात करते हैं लेकिन उनके दो प्रत्याशी देश को तोडऩे वाली ताकतों के साथ मिलकर वोट मांग रहे थे। हम चुनाव हार जाएंगे लेकिन कभी भी चुनाव जीतने के लिए एसडीपीआई और पीएफआई का समर्थन नहीं लेंगे। यह अंतर है कांग्रेस और बीजेपी में। कांग्रेस ने देशद्रोहियों से समर्थन लेने से भी परहेज नहीं किया।Ó