LPG सिलेंडर पर ग्राहकों को पहले की तरह सब्सिडी मिलती रहेगी।

सरकारी कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के निजीकरण के बाद भी उसके LPG सिलेंडर पर ग्राहकों को पहले की तरह सब्सिडी मिलती रहेगी। सरकार ने कंपनी के संभावित खरीदारों को स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी का प्रबंधन भले बदल जाए, लेकिन उसकी वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।

सूत्रों का कहना था कि कई संभावित बोलीकर्ताओं ने इस बारे में सरकार से पूछा था कि क्या कंपनी के निजीकरण के बाद नए प्रबंधन को भी LPG सब्सिडी पहले की तरह जारी रखनी पड़ेगी। गौरतलब है कि रिलायंस या नयारा एनर्जी जैसी निजी कंपनियों को कुकिंग गैस पर सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है।

सरकार चाहती है कि कि BPCL के 8 करोड़ ग्राहकों को निजीकरण के बाद भी सब्सिडी मिलती रहे। चूंकि ऐसी सब्सिडी पहले कंपनी को चुकानी पड़ती है, इसलिए बीपीसीएल के लिए बोली लगाने वाले मापदंडों को फिर से तैयार करना होगा। सरकार ने वित्त वर्ष-21 के लिए पेट्रोलियस सब्सिडी के रूप में 40915 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष के लिए आवंटित 38569 करोड़ रुपए से 6 प्रतिशत अधिक है। एलपीजी सब्सिडी का आवंटन मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 37256.21 करोड़ रुपए कर दिया गया है, लेकिन अब तक पहली तिमाहीर में, सरकार को सब्सिडी प्रावधानों से लगभग 1900 करोड़ निकालने थे।