राज्य में कोरोना की स्थिति के बाद लोगों को गांव में रोजगार मिले सके

सरकार ने बारिश के दिनों में भी ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम शुरू किए हैं। 26 लाख परिवारों को रोजगार दिया गया है। केंद्र सरकार ने लोगों को मजदूरी देने के लिए 2271.89 करोड़ के काम स्वीकृत किए हैं। इनमें से 2052.37 करोड़ मिल चुके हैं। 50 दिनों के अतिरिक्त रोजगार के रूप में 93 करोड़ का भुगतान किया गया है। पंचायत भवन से लेकर धान खरीदी चबूतरों, वृक्षारोपण और विभिन्न तरह के शेड अब मनरेगा के तहत बनाए जाएंगे। बारिश के दिनों में भी राज्य के मजदूरों को काम मिलता रहे इसके लिए राज्य सरकार ने पारंपरिक कामों के अलावा अन्य कामों को भी मनरेगा के तहत कराने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने पंचायत भवन से लेकर धान के चबूतरों को अगले दो से तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। राज्य में धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू होती है। राज्य सरकार की कोशिश है कि इससे पहले राज्य के सभी धान खरीदी संग्रहण केंद्रों में पक्के चबूतरे बना लिए जाएं। कोरोना काल में भी लोगों को रोजगार मिले इसलिए इसे मनरेगा के तहत बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा महात्मा गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से पहले गांवों में पंचायत भवन का काम पूरा किया जाना है। दोनों ही काम युद्धस्तर पर बनाए जा रहे हैं लेकिन अभी तक शत प्रतिशत काम पूरे नहीं हुए हैं।