चंद हफ्ते पहले कोविड-19 से लड़ाई जीतकर मैदान में आए

टेनिस खिलाड़ी नोवाक ज़ोकोविच को यूएस ओपन 2020 से तब बाहर कर दिया गया था, जब गुस्से में उनकी टेनिस बॉल, लाइन जज को बुरी तरह चोट पहुंचा गई। उनका गुस्सा उनके और उन्हें हासिल होने वाले 18वें ग्रैंड स्लैम टाइटल के बीच आ गया। नोवाक के गुस्से ने उन्हें एक बड़े टूर्नामेंट से भले ही बाहर कर दिया हो, लेकिन ये वही गुस्सा है जिसने उन्हें टेनिस कोर्ट तक पहुंचाया था।

ये गुस्सा उन्हें तब भी आता था जब युद्ध के हालात में आधी रात को उन्हें बमबारी के डर से बेसमेंट में घंटों जागना पड़ता था। किशोरावस्था से ठीक पहले करीब तीन महीने तक हर रात उन्होंने ऐसे बुरे माहौल में बिताई है। बाद में उन्होंने माना भी कि युद्ध के कड़े माहौल ने उनकी दृढ़ता को बढ़ाया था।

22 मई 1987 को सर्बिया के बेल्ग्रेड में पैदा हुए नोवाक जोकोविच के पैरेंट्स के पास खासी दौलत थी और खेलों के लिए दिल में खास जगह भी। उनके माता-पिता के तीन रेस्त्रां थे और एक टेनिस एकेडमी। नोवाक के पिता, अंकल और आंटी प्रोफेशनल स्कीअर्स थे। पिता तो सॉकर भी बढ़िया खेलते थे, लेकिन नोवाक ने शुरू से ही अपना खेल टेनिस को माना। 1992 की गर्मियों में छह साल के नोवाक के टैलेंट को यूगोस्लावियन टेनिस लेजेंड जेलेना गेंकी ने सबसे पहले पहचाना। तब तक नोवाक विम्बलडन के मैच देख चुके थे और वहां खेलने का सपना भी बुन चुके थे।