1 सप्ताह बाद अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

ग्रामीण इलाकों में इन दिनों किसानों को इस बात चिंता सताने लगी है कि यदि 1 सप्ताह बाद अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार पर इसका बुरा असर पड़ेगा। वहीं पहले ज्यादा बारिश की वजह से खेतों में खड़ी धान की फसल में कीड़े लग गए हैं। फसल में माहो का प्रकोप है और और इस वजह से किसान परेशान हो रहे हैं। किसान कीटनाशक का छिड़काव करने में व्यस्त हैं। दैनिक भास्कर ने बिल्हा तहसील के कुछ गांव में जाकर वहां के हालात जाने।
जिले के चार ब्लॉकों में सबसे बड़ा ब्लॉक बिल्हा को ही माना जाता है। इसके अंतर्गत दो तहसील है बिल्हा और बिलासपुर। इसमें बिल्हा तहसील में बारिश पिछले 10 वर्षों की तुलना में तो ज्यादा हुई है लेकिन अन्य तहसीलों के मुकाबले कम पानी बरसा है। वहां अब तक 1098. 5 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है जबकि वहां की वार्षिक औसत वर्षा 1169.7 मिलीमीटर है।

अब तक 916.9 मिलीमीटर बारिश होनी थी लेकिन 181.6 मिलीमीटर बारिश ज्यादा हुई है। पर पखवाड़े भर से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्राम सेवार के किसान सरजू बताते हैं कि इन दिनों किसान चिंतित रहने लगे हैं क्योंकि रोज तेज धूप निकल रही है और हमें अब बारिश के पानी का इंतजार है। बादल तो आसमान पर दिखते पर बारिश नहीं हो रही है। अगर एक सप्ताह और बारिश नहीं हुई तो इसके बाद मुश्किल हो जाएगी। इसी गांव के भानु ने बताया कि उसके 2 एकड़ में लगी धान की फसल में कीड़े लग गए थे।

अब हालत सुधर रही है लेकिन बारिश नहीं हुई तो नुकसान तय है। बरतोरी के खेलूराम के खेत में जाकर दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने उनसे चर्चा की। तब खेलू राम तनाछेदक से बचाव के लिए खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। खेलू राम ने बताया कि खेत में अभी पानी तो है लेकिन 8-10 दिन अगर ऐसे ही धूप निकलती रही तो जमीन सूख जाएगी और फसल को नुकसान होगा।