सपा–बसपा से संबंधित आज के कुछ समाचारों पर गौर करने के उपरांत हम इस संभावना को प्रकट कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री पद की दौड़ में विपक्ष की ओर से माया ने राहुल गांधी को पछाड़ दिया है। अखिलेश ने तो पहले ही घुटने टेक दिये हैं।
आज झांसी में राहुल ने कहा सपा की युवा ब्रिगेड करेगी बीजेपी के झूठे वादों का पर्दाफ ाश। इससे तो यही अर्थ निकलता है कि राहुल व उनकी कांग्रेस अब उत्तरप्रदेश में जीरो है। भतीजे अखिलेश पहले ही बुआ मायावती के समक्ष दंडवत हो चुके हैं।
आज बीएसपी ने बड़ा दांव चला है। पार्टी ने लिया 2019 में मायावती को पीएम बनाने का संकल्प लिया है।
सोमवार को लखनऊ में कोऑर्डिनेटर और सीनियर कार्यकर्ताओं की मीटिंग हुई जिसमें मायावती का नाम सिंगल पॉइंट एजेंडे के तहत रखा गया, जिसमें साफ–साफ कहा गया कि 2019 के आम चुनाव के बाद मायावती को देश का प्रधानमंत्री बनाना है. यह पहला ऐसा मौका है जब लखनऊ के सबसे बड़े ऑडिटोरियम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हजारों की तादाद में कार्यकर्ता जुटे, लेकिन मंच पर मायावती नहीं थीं।
इससे यह स्पष्ट हो गया कि मायावती प्रधानमंत्री पद के लिये राहुल गांधी से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं कर सकती। यदि बसपा का सपोर्ट कांग्रेस को मिलेगा जैसी की संभावना मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में देखी जा रही है तो वह कांग्रेस पर अपनी शर्त थोपेंगी। भले ही इस शर्त का प्रगटीकरण मीडिया में वे न करें।
अभी कांग्रेस में कर्नाटक, मध्यप्रदेश तथा अन्य प्रांतों में जो घमासान व पोस्टरवार चल रहा है उससे राहुल गांधी हताश हैं। यही कारण है कि जिस प्रकार से अमेरिका में जाकर और उसके बाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की घोषणा की थी अब वे शांत हैं। ठीक इसके विपरीत बसपा माया को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के लिये ताल ठोक चुकी है।
यूपीए शासनकाल के समय कांगे्रस के एक कार्यक्रम में मंच में लगे बैनर में मनमोहन सिंह के अलावा रॉबर्ट वाड्रा का भी चित्र था।
यह गांधी वाड्रा परिवार की अंतरकथा थी। इसके पूर्व राबर्ट वाड्रा ने एक समय कहा था कि वह जो कुछ भी हैं वह प्रियंका गांधी की वजह से नहीं हैं, वह अपनी क्षमता व योग्यता के कारण हैं।
कुछ समय पूर्व उत्तरप्रदेश में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के समर्थकों के बीच पोस्टर वार चला था। अब आज का समाचार है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया व कमलनाथ के समर्थकों के बीच पोस्टर वार चल पड़ा है।
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस विचार मंच के फेसबुक पेज पर एक पोस्टर लगा है, जिसपर कमलनाथ को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई है। इस पोस्टर में लिखा है ‘राहुल भैया का संदेश, कमलनाथ संभालो प्रदेशÓ।
वहीं, सिंधिया को लेकर भी फेसबुक पर एक पोस्टर लगाया हुआ है। पोस्टर में सिंधिया को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया है और लिखा है ‘अगला मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश में विकास की आंधी लेकर आएगाÓ। सिंधिया का यह पोस्टर ‘श्रीमंत सिंधिया फैन क्लबÓ के फेसबुक पेज पर लगाया गया है। इस पोस्टर पर लिखा है ‘देश में चलेगी विकास की आंधी, प्रदेश में सिंधिया, केंद्र में राहुल गांधीÓ।
लोकशक्ति के आज के ही प्रथम पृष्ठ में समाचार है : कर्नाटक कांग्रेस में घमासान, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने लगाया सीएम स्वामी को परेशान करने का आरोप । यही स्थिति राजस्थान की भी है।
इससे लगता है कि आगामी विधानसभा चुनावों तक तो कम से कम राहुल गांधी पीएम पद की उम्मीदवार के मुद्दे पर चुप रहेंगे और सपा, माया को पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करने के लिये उछलती रहेगी।
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