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कुरकुरे को 'प्लास्टिक' का बताया, पेप्सिको ने ठोका फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर 2.1 करोड़ का दावा

बिजनेस डेस्कः पेप्सिको ने उसके कुरकुरे ब्रांड में कथित रुप से प्लास्टिक होने के मुद्दे को लेकर फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम पर मुकद्दमा ठोका है। पेप्सिको ने अपनी याचिका पर दावा किया है कि सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट में यह गलत प्रचार किया गया है कि कुरकुरे में प्लास्टिक के कण हैं। पेप्सिको ने अपनी याचिका पर दावा किया है कि सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट में यह गलत प्रचार किया गया है कि कुरकुरे में प्लास्टिक के कण हैं और यह नुकसानदायक है। ट्वीटर ने 20 जुलाई को एक यूजर निखिल जॉइस को मेल भेजा। इसमें लिखा गया था कि 1 जून 2015 में किए गए उनके एक ट्वीट को कानूनी कार्यवाही के लिए कोर्ट को सौंपा जा रहा है। जॉइस ने ट्वीट किया था, ‘आपने कभी कुरकुरे को जलाने की कोशिश की है? इसमें प्लास्टिक है।’जॉइस की तरह सैकड़ों लोगों को नोटिस मिला है कि उनके अकाउंट की डीटेल कोर्ट को सौंपी जा रही है। इसमें कहा गया है कि यह जानकारी दिल्ली कोर्ट को इसलिए दी जा रही है क्योंकि पेप्सिको फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब और इंस्टग्राम पर पेप्सिको ने मुकदमा किया है। 1 जून को पेप्सिको ने कई अमेरिकी प्लैटफॉर्म पर मुकदमा दायर किया। पेप्सिको का कहना है कि ये प्लैटफॉर्म उनके उत्पाद को बदनाम करने की अनुमति देते हैं। दावा किया गया है कि इससे कंपनी को 2.1 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।ट्विटर यूजर जॉइस ने बताया, ‘जैसा मुझे लगता है, पेप्सी को लोगों के बात करने से आपत्ति है और यह इसको नकारने की कोशिश कर रहा है। मेरे ट्वीट में ‘प्लास्टिक’ शब्द भी नहीं था बल्कि केवल ‘प्ला’ था।’ सोमवार को कोर्ट ने कहा था कि जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर कुरकुरे के बारे में टिप्पणी की है उनकी जानकारी बंद लिफाफे में दी जाए। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अकाउंट की कौन सी डीटेल कोर्ट को दी गई है। कोर्ट ने बचाव पक्ष को यह सारे आपत्तिजनक विषय हटाने और अकाउंट का विवरण देने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है। इस केस की अगली सुनवाई 14 नवंबर, 2018 को होगी। यू-ट्यूब का कहना है कि उसने ऐसी सामग्री के यू.आर.एल. डिलीट करवा दिया हैं। फेसबुक और ट्विटर ने भी पोस्ट को हटाने का दावा किया है।