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प्रदेश भर में स्व-रोजगार मेला आज, 2 लाख 80 हजार को मिलेगा रोजगार, कमलनाथ बोले- चुनावी साल में युवाओं के साथ धोखा

भोपाल।पूरे मध्य प्रदेश में आज स्वरोजगार मेले का आयोजन हो रहा है। इन मेलों में 2 लाख 80 हजार हितग्राहियों को रोजगार दिए जाने का दावा प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। बुदनी में आयोजित होने वाले मेले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाग लेंगे। जिला-स्तरीय स्व-रोजगार मेला में मंत्री उपस्थित रहेंगे। वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे युवाओं के साथ धोखा बताया है। उनका कहना है कि चुनावी साल में सरकार युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। बीते चौदह सालों में शिवराज सरकार ने सिर्फ नाम मात्र के लोगों को ही रोजगार दिया है और अब बड़े बड़े दावे कर रही है।
प्रदेश के जिलों में कुल 156 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग एक लाख 24 हजार युवाओं का रोजगार के लिए चयन किया गया है। बताया जा रहा है कि निजी कंपनि्यों द्वारा एक लाख 24 हजार युवाओं को लेटर ऑफ इंटेंट दिये जाएंगे। इसी के साथ प्रदेश की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं में 60 हजार हितग्राहियों और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में एक लाख हितग्राहियों को लोन के स्वीकृति-पत्र वितरित किये जायेंगे।स्वरोजगार मेलों के लिए सरकार ने मंत्रियों को जिलों का आवंटन कर दिया है।
इन क्षेत्रों में मिलेगा रोजगार:रोजगार मेलों में टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटेलिटी, टेक्सटाइल, मैनेजमेंट और ब्यूटी एण्ड वेलनेस, रिटेल सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर, मैनेजमेंट, टेक्सटाइल्स, पी.डब्ल्यू.डी., ऑटोमोटिव सेक्टर, टेलीकम्युनिकेशन, सुजुकी मोटर्स गुजरात, ओमेक्स ऑटो लिमिटेड बेंगलुरु, जॉन डियर प्रायवेट लिमिटेड देवास, जुबिलेंट फुटवर्क, ट्राइडेंट ग्रुप बुधनी, वेल्सपन इंडिया गुजरात, ल्यूपिन फार्मास्युटिक्ल्स, आइशर मोटर्स पीथमपुर, परमाली वॉलेस भोपाल और सोम डिस्लरीज रायसेन भी मेलों में शामिल हुए।
क्या कहा कमलनाथ ने:प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बताएं कि पिछले साढ़े चौदह साल में उन्होंने कितनों युवाओं को रोजगार दिया है। रोजगार नहीं मिल पाने की वजह से हजारों युवा अबतक आत्महत्या कर चुके हैं। अब सरकार चुनावी वर्ष में, चुनाव के चार माह पूर्व, रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार के नाम पर धोखा दे रही है। मुख्यमंत्री ने हर साल दो लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा किया था। अब अपनी असफलता को छुपाने के लिए रोजगार मेले आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अभी कुछ दिन पूर्व की युवाओं को सरकारी नौकरी छोड़ स्वरोजगार से जुड़ने की सलाह दे चुके हैं। आज प्रदेश का युवा रोजगार को लेकर भटक रहा है और मौत को गले लगा रहा है। युवा रोजगार के मामले में प्रदेश की स्थिति भयावह है। सरकार भले कितना ही दावा करे, लेकिन युवाओं की बेरोजगारी का वास्तविक कुछ और ही है।