राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर बखेड़ा खड़ा हो गया है. राजस्थान हाईकोर्ट का यात्रा के खर्च पर नोटिस जारी करने और नोटिस के बाद गौरव यात्रा के सरकारी टेंडर को कांग्रेस ने मुद्दा बना दिया है. कांग्रेस ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करार देते हुए यात्रा रद्द करने की मांग करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग का आरोप लगाया है. हालांकि बीजेपी की गौरव यात्रा के जवाब में कांग्रेस 24 अगस्त से राज्यभर में संकल्प रैलियां करने जा रही है. उधर, बीजेपी ने सफाई दी है कि यात्रा में केवल उद्घाटन और शिलान्यास के कार्यक्रम पर ही सरकारी धन खर्च हो रहा है, बाकी यात्रा पार्टी फंड से हो रही है.
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का पहला फेज मेवाड़ में खत्म हो गया. अब दूसरा चरण 24 अगस्त से जोधपुर संभाग यानी मारवाड़ में शुरू हो रहा है. लेकिन उससे पहले गौरव यात्रा पर सरकारी खर्च मुद्दा बन गया. राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार से यात्रा खर्च का ब्यौरा मांगा. कांग्रेस का आरोप है कि हाईकोर्ट के नोटिस के बाद सिरोही में सरकार ने गौरव यात्रा की तैयारी के लिए 23 लाख का टेंडर निकाला.उधर, बीजेपी ने यात्रा में सरकारी धन के दुरुपयोग के कांग्रेस के आरोप को नकारा है. हालांकि, बीजेपी ने ये स्वीकार किया कि गौरव यात्रा में उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम पर खर्च सरकार कर रही है. पार्टी की ओर से कहा गया कि, यात्रा के ये सरकारी कार्यक्रम है. लेकिन सफाई दी कि यात्रा के अन्य कार्यक्रम पार्टी फंड से किए जा रहे हैं.गौरव यात्रा के सरकारी धन के दुरुपयोग के मुद्दे पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. कांग्रेस को यात्रा पर खर्च के बीजेपी के हाईकोर्ट में हलफनामे का इंतजार है. कांग्रेस एक और गौरव यात्रा पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप को लेकर बीजेपी को घेर रही है, दूसरी ओर कांग्रेस ने भी गौरव यात्रा के जवाब में राजस्थान में अलग अलग संभाग में 24 अगस्त से संकल्प रैलियां करने का फैसला किया. इन रैलियों को पार्टी के नेताओं के साथ राहुल गांधी भी संबोधित करेंगे.

Leave comment