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Editorial :- क्या मुर्ख राजकुमार को राजनीति करनी चाहिये?

कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को राजस्थान में एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी और वसुधरा सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने माल्याजेटली मुलाकात पर पीएम मोदी के चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलीगली में शोर है देश का चौकीदार चोर है।
यहॉॅ संक्षिप्त में इतना ही उल्लेख कर देना पर्याप्त है कि राहुल गांधी की मदर सोनिया गांधी बैकडोर से जिस यूपीए शासन का दस वर्षों तक अपने और अपने परिवार के लिये दोहन कर रही थी, भ्रष्टाचार में लिप्त थी और उसी कारण से कांग्रेस का शासन भी खत्म हुआ। आज संसद में विरोधी पार्टी का दर्जा प्राप्त करने की स्थिति में भी वह नहीं हैं।
अपने उन भ्रष्टाचारों को छिपाने के लिये वह अब दूसरों को चोर कहना प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में एक घटना का मुझे स्मरण हो रहा है: एक चोर चोरी कर भाग रहा था। उसके पीछे लोग उसे पकडऩे के लिये दौड़ रहे थे। चोर ने अपने आपको बचाने के लिये खुद भी चिल्लाने लगा पकड़ो चोर को, पकड़ो चोर को। देखने वाले समझ नहीं सके कि चोर कौन है?
यूपीए सरकार के भ्रष्टाचारों को सार्वजनिक रूप से अदृश्य करने की दृृष्टि  से राहुल गांधी जिस पारदर्शी बहुरूपीये शिवभक्त ब्राम्हण का रूप धारण किये हुए हैं उस संबंध में मुझे एक किस्से का स्मरण हो रहा है जो संपादकीय के अलग से प्रस्तुत है।
मोदी सरकार को बढ़ावा देने के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवादी के खिलाफ भारत द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा करता है! इस बीच पाकिस्तान आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए मजबूर करता है।
चूंकि विधानसभा चुनाव मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्यों से कुछ हफ्ते दूर हैं, कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तानी सेना के जनरल को गले लगायापूछ रहे हैं कि मोदी सरकार ने भारत में पाकिस्तानी आतंकवादियों के प्रभाव को रोकने के लिए क्या किया है।
लेकिन इस सवाल का जवाब मोदी सरकार ने नहीं बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दिया गया था। वर्ष 2017 के लिए अमेरिकी वार्षिक देश की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी कृत्यों की ही निंदा नहीं की है बल्कि आतंकवाद को रोकने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए उपायों की भी सराहना की है।
अमेरिकी रिपोर्ट ने पाकिस्तान सरकार द्वारा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए उपायों की सराहना करते हुए कहा, ‘भारत के कुछ हिस्सों में 2017 में आतंकवाद से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले जम्मूकश्मीर राज्य, पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में माओवादी शामिल थे। आतंकवादी सक्रिय रहते हैं। भारत ने अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवादी संगठनों के संचालन को पहचानने, बाधित करने के लिए निरंतर दबाव लागू करना करना जारी रखा। भारतीय नेतृत्व ने संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य समान विचारधारा वाले देशों के सहयोग से घरेलू रूप से आतंकवादी हमलों को रोकने के संकल्प को व्यक्त किया।