मंत्रालय में आज हुए रमन मंत्रिमंडल की बैठक को अर्थ हीन निरूपित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रमन सिंह सरकार अब अपने विदाई के दिन गिन रही है।
रमन मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक भी 15 सालों से हो रही बैठकों की तरह रही, जनता के लिए पूरी तरह से अनुपयोगी ही रही है। चुनावी हथकंडे अपनाते हुये जनता को लुभाने के लिये बैठक की गयी है।
छत्तीसगढ़ की जनता समझदार है। छत्तीसगढ़ में परिवर्तन की आंधी चल रही है। छत्तीसगढ़ में वक्त है बदलाव का। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी। रमन सरकार के सारे हथकंडे जनता के सामने उजागर हो चुके है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह की लाठी, गोली की सरकार अब जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह से खो चुकी है। गौ माता की नही रमन सिंह जी की सरकार को सिर्फ यह चिंता सता रही है कि भाजपा के हाथ से सत्ता फिसल रही है।
श्री त्रिवेदी ने कहा है कि इस बात को नहीं भुलाया जा सकता कि सैकड़ों गायों का हत्यारा एक भाजपा नेता ही था। राज्य में गौमाता के अनुदान को भाजपा नेताओं के द्वारा अफरा-तफरी की गयी और गौमाता की भूख से मौतें हुई है।
रमन सरकार अब चला चली की बेला में गौ माता के नाम से योजना बनाकर स्वयं को गौहत्या के पास से मुक्त कराने का असफल प्रयास कर रहे है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि शासकीय एवं दन्त मेडिकल कालेजों में सीधी भर्ती पर रोक लगाकर रमन सरकार ने यहां के योग्य उम्मीदवारों को उनके हक अधिकार से वंचित ही किया है।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि 15 वर्षों में रमन सरकार से छत्तीसगढ़ के हर वर्ग को मजदूर, किसान, छात्र, युवा, महिलाएं, व्यापारियों को निराशा हुई है। बस्तर और सरगुजा को निराश किया, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग सभी वर्गों को निराश किया है।
छत्तीसगढ़ के जन-जन को भाजपा सरकार से निराशा की प्रतिध्वनि आज रमन सिंह के मंत्रिमंडल के बैठक में सुनाई दिया। श्री त्रिवेदी ने रमन मंत्रिमंडल में लिये निर्णय पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव आने पर रमन सिंह को बैगा, कमार, अनुसूचित जाति, जनजाति की चिंता का दिखावा हो रहा है।
रमन सिंह की सरकार उस दिन कहां थी जब बैगा, कमार को रोजगार के तलाश में बाहर जाना पड़ा और वहां उनको बंधक बनाया गया। श्री त्रिवेदी ने भाजपा सरकार से पूछा कि आखिर अनुसूचित जाति, जनजाति, बैगा, कमार को अभी तक उनके हक अधिकारों से वंचित क्यो रखा गया?
15 सालों से क्यों उन्हें चना और अन्य राशन सामग्री सस्ते दर पर उपलब्ध ना कराकर बैगा, कमार, अनुसूचित जाति, जनजाति को अभाव में जीने मजबूर किया गया? अब चुनाव आते ही भाजपा को इनकी फिक्र हो रही है।

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