November 14, 2018

राफेल विमान डील विवाद पर देश में सड़क से संसद और सुप्रीम कोर्ट तक हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष मोदी सरकार पर इस डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है.

फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने समाचार एजेंसी ्रहृढ्ढ को दिए गए इंटरव्यू में इस डील पर उठ रहे हर एक सवाल का जवाब दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए हर आरोप को झूठा करार दिया.

एरिक ट्रैपियर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दसॉल्ट और रिलायंस के बीच हुए ज्वाइंट वेंचर (छ्वङ्क) के बारे में सरासर झूठ बोला है. उन्होंने कहा कि डील के बारे में जो भी जानकारी दी गई है वह बिल्कुल सही है, क्योंकि वे झूठ नहीं बोलते हैं.

फिरोज खान के पौत्र राहुल गांधी अपने नेहरूगांधी डायनेस्टी, यूपीए शासनकाल में हुए अनेकों करप्शन गेट, तथा बोफोर्स में ली गई दलाली को ढ़कने के लिये ली गई दलालीे के  लिये तथा कांग्रेस पार्टी पर लगी मुस्लिम परस्त छाप को ढ़कने के लिये बहुरूपीये जनेऊधारी राम भक्त का रूप धारण कर लिये हैं और राफेल डील के संबंध में हिटलर के प्रचारमंत्री गोएबल्स का क्लोन बन झूठ पर झूठ  बोलते जा रहे हैं। इस प्रकार के आरोप भाजपा और पीएम मोदी द्वारा अपने भाषणों में लगाये जा रहे हैं।

राहुल गांधी को झूठ बोलने और पूरे झूठ के सामने फंसने का व्यसन सा हो गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दावों पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ठीक ही कहा है कि ग्रामोफोन की तरह उनकी पिन अटक गई है जिसके कारण वह ऐसी बचकानी बाते कर रहे हैं और लोग उनके दावों का मजाक उड़ाते हैं। मोदी ने कहा कि इनको समझ नहीं रहा है कि वक्त बदल गया है, जनता को मूर्ख समझना बंद करें।इस प्रकार की बचकानी बातें किसी के गले नहीं उतरती है और लोग मजाक उड़ाते हैं।ÓÓ

इस समय राहुल गांधी के उक्त आदतन झूठ बोले जाने के व्यसन ने उन्हें वैश्विक मंच में शर्मिंदगी का कारण बना दिया है। वे हर रोज सुबह दोपहर और रात राफेलराफेलराफेल चिल्लाते रहते हैं।

अब डेसॉल्ट एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), एरिक ट्रैपियर ने अपने  बयान में राहुल गांधी के झूठों का पर्दा फाश कर दिया है, ‘मैं झूठ नहीं बोलता। सच्चाई मैंने पहले घोषित की और मेरे द्वारा किए गए बयान सत्य हैं। मुझे झूठ बोलने की प्रतिष्ठा नहीं है। सीईओ के रूप में मेरी स्थिति में, मैं झूठ नहीं बोलता

हां, दासॉल्ट एविएशन सीईओ ने राहुल गांधी को आदतन झूठा माना। शायद राहुल गांधी को इस अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी से ठीक होने में काफी वक्त लगेगा।

एरिक ट्रैपियर ने कहा कि उनकी फर्म किसी विशेष पार्टी के लिए काम नहीं करती है, Óकांग्रेस पार्टी के साथ हमारा लंबा अनुभव है। हमारा पहला सौदा 1953 में नेहरू और अन्य प्रधान मंत्रियों के साथ भारत के साथ था। हम भारत के साथ काम कर रहे हैं। हम किसी भी पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे हैं। हम भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय सरकार से लड़ाकों जैसे रणनीतिक उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं। यही सबसे महत्वपूर्ण है Ó

सारांश यह है कि एरिक ट्रैपियर ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दसॉल्ट और रिलायंस के बीच हुए ज्वाइंट वेंचर (छ्वङ्क) के बारे में सरासर झूठ बोला है. उन्होंने कहा कि डील के बारे में जो भी जानकारी दी गई है वह बिल्कुल सही है, क्योंकि वे झूठ नहीं बोलते हैं.

ऑफसेट में किसकाकितना हिस्सा

उन्होंने साफ किया कि ज्वाइंट वेंचर में 49 फीसदी हिस्सा दसॉल्ट और 51 फीसदी हिस्सा रिलायंस का है. इसमें कुल 800 करोड़ रुपये का इन्वेस्ट होगा, जिसमें दोनों कंपनियां 50-50 की हिस्सेदार होंगी. दसॉल्ट के सीईओ ने कहा कि ऑफसेट को जारी करने के लिए हमारे पास 7 साल थे, जिसमें शुरुआती 3 साल में हम बाध्य नहीं हैं कि ऑफसेट के साथी का नाम बताएं. उसके बाद 40 फीसदी हिस्सा 30 कंपनियों को दिया गया, इसमें से 10 फीसदी रिलायंस को दिया गया.

अनिल अंबानी के रिलाइन्स के साथ कथित घोटाले की अफवाहों को साफ करते हुए, एरिक ट्रैपियर ने कहा किहम रिलायंस में पैसा नहीं लगा रहे हैं। पैसा जेवी में जा रहा है।  मेरे पास डैसॉल्ट के इंजीनियरों और श्रमिक हैं जो इस सौदे के औद्योगिक हिस्से के संबंध में नेतृत्व कर रहे हैं। साथ ही, मेरे पास रिलायंस जैसी भारतीय कंपनी है जो इस जेवी में पैसा लगा रही है क्योंकि वे अपने देश को विकसित करना चाहते हैं। तो कंपनी को यह पता चल जाएगा कि विमान कैसे तैयार किया जाए

पैसा रिलायंस नहीं ज्वाइंट वेंचर में लगाया

राफेल डील में रिलायंस के साथ करार पर उन्होंने कहा कि हमने जो पैसा इन्वेस्ट किया है वह रिलायंस नहीं बल्कि ज्वाइंट वेंचर में है. उन्होंने कहा कि इस वेंचर में रिलायंस ने भी पैसा लगाया है, हमारे इंजीनियर इंडस्ट्रीयल पार्ट को लीड करेंगे. इससे रिलायंस को भी एयरक्राफ्ट बनाने का एक्सपीरियंस मिलेगा. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि दसॉल्ट ने रिलायंस को 284 करोड़ रुपये मदद के लिए दिए थे.

कहीं राहुल गांधी ने कहा था कि इसे सच बनाने के लिए हजारों बार झूठ दोहराएं। लेकिन राहुल गांधी भी इसमें असफल रहे। अगर कुछ अभी भी सोचते हैं कि वह भारत को प्रधान मंत्री के रूप में नेतृत्व कर सकता है, तो अब यह कहने का समय है कि भारत एक राजवंश का ार्म हाउस नहीं है बल्कि लाखों कड़ी मेहनत करने वाले भारतीयों की मातृभूमि है।

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