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Editorial :- कथित जनेऊधारी रामभक्त राहुल की कांगे्रस राम जन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण में किस प्रकार की सार्थक पहल करेगी?

November 16, 2018

कांग्रेस की यूपीए सरकार में कानून मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हंसराज भारद्वाज ने  कहा, ‘राहुल गांधी कौन से नेता हैं? मैं नहीं मानता हूं। जो भी गलत करते हैं धर्म के नाम पर वो गलत ही होता है। राहुल गांधी को अभी पद नहीं मिला है, फिर पता लगेगा। कांग्रेस इसलिए फेल होती है क्योंकि वह धर्म के चक्कर में पड़ती है।Ó

राहुल गांधी बच्चों के समान हरकतें करते जा रहे हैं और निरंतर कांग्रेस को छति पहुचाते जा रहे हैं। वे स्वयं तो बच्चे जैसे हैं परंतु जनता को भी वे  और उनकी कांगे्रस बच्चे समझकर व्यवहार कर रही है।

इसका एक उदाहरण पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आरपीएन सिंह ने हाथ में गंगा जल लेकर गंगा मैया की सौगंध खाकर कहा कि छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति का 10 दिनों के अंदर कर्जा माफ करेंगे।  कांगे्रस अपने ६० साल से अधिक के शासनकाल में अभी तक जो कर सकी वह १० दिनों के अंदर करने की गंगा जल हाथ में लेकर कह रही है। उन्हें गंगा जल का महत्व मालुम नही है।

कमलनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें वो कह रहे हैं– ‘मैं तो छिंदवाड़ा की बात करूं, मुझे तो लोग के बता देते हैं। उनके आरएसएस, क्योंकि नागपुर से जुड़ा हुआ है। वहां तो उनके लिए सुबह आओ, रात को चले जाओ और बड़ा ही आसान है। वो उनका एक ही स्लोगन है। अगर हिंदू को वोट देना है तो हिंदू शेर मोदी को वोट दो। अगर मुस्लिम को वोट देना है तो कांग्रेस को वोट दो। केवल दो लाइन, और कोई पाठ पढ़ाने नहीं जाते। ये इनकी रणनीति है और इसमें आप सबको बड़ा सतर्क रहना पड़ेगा। आपको उलझाने की कोशिश करेंगे। हम निपट लेंगे इनसे बाद में पर मतदान के दिन तक आपको सबकुछ सहना पड़ेगा।Ó

इन बातों से ऐसा लगता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य छोटेबड़े नेता जनता को बच्चे समझकर बहका रहे हैं। जैसे कोई परिवार का वरिष्ठ  सदस्य दो बच्चों को समझाता है: एक के  कान में कहता है कि दूसरा बच्चा बदमाश है। वहीं दूसरे बच्चे के कान में कहता है कि वह पहला बच्चा बदमाश है।

इसी प्रकार की हरकत कांग्रेस के नेता चाहे वे  राहुल गांधी हों या कमलनाथ करते जा रहे हैं।

मणिशंकर अय्यर ने जिन्ना की प्रशंसा में कसीदे  गढ़ते हुए पाकिस्तान के लाहौर में कहा था कि हिन्दुत्व शब्द इजाद करने वाले सावरकर भारत की मौजुदा मोदी सरकार के गुरू थे, जिन्होंने भारत का विभाजन करवाया।

उसी मणिशंकर अय्यर के पद चिन्हों पर चलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने अक्टूबर में अपने एक भाषण में कहा था कि वीर सावरकरवीर नहींÓथे। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि वीर सावरकर ने अपनी गतिविधियों और जेल से रिहा होने के लिए ब्रिटिश हुकूमत से क्षमा याचना की थी।

इस पर राहुल गांधी के उक्त वक्तव्य को आधार बनाकर वीर सावरकर के पौत्र रणजीत सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ शिवाजी पार्क पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी है।

वीर सावरकर ने कभी कहा था कि एकबार हिन्दू एकजुट होकर वोट करने लगेगा तो तमाम लोग कोट के ऊपर जनेऊ पहनने लगेंगे। आज सावरकर की यह बात तब प्रासंगिक हो गयी जब कांग्रेस की तरफ से सफाई आई कि राहुल गांधी सिर्फ हिन्दू नहीं, जनेऊधारी हिन्दू हैं।

कांग्रेस यही नहीं रूकी, इसके बाद कहा जाने लगा कि वे राम भक्त हैं।  

कांग्रेस यही नहीं रूकी बल्कि उससे आगे बढ़कर उन्हें राम भक्त भी कह रही है। अब उनके राम भक्ति की परिक्षा होने जा रही है। देखना है कि कथित जनेऊधारी ब्राम्हण राम भक्त राहुल गांधी स्वयं या उनकी कांग्र्रेस का कोई सदस्य आगामी ११ दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीत कालीन अधिवेशन में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण के संबंध में कोई सार्थक पहल करती है क्या?

राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ और उसके अनुसांगिक संगठन विश्व हिन्दू परिषद लगातार राम मंदिर निर्माण को लेकर दबाव बढ़ा रहे हैं. विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित किए जानी वाली नवम्बर 25 की धर्म सभा के लिए सीधे तौर पर आरएसएस ने जि़म्मेदारी ले ली है. धर्म सभा के आयोजन को सफल बनाने के लिए आरएसएस ने अपने सभी अनुसंगिक संगठनों को पूरी तरह से शामिल होने का फरमान सुनाया है.

देखना है कि कांग्रेस अब क्या रूप अख्तियार करने वाली है।