27 November 2018

एक बार खुद कांगे्रस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बयान दिया था कि मंदिर में लोग लड़कियां छेडऩे के लिये जाते हैं। कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड में छपे एक लेख में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, माता सीता, द्रोपदी, और विश्वामित्र जैसे महापुरुषों का चरित्र हनन किया गया है।

आज राहुल गांधी द्वारा ब्रम्हा मंदिर में दर्शन कर पुस्कर में पहुंचकर  पुन: हिन्दू धर्म की मर्यादा पद्धति पर कीचड़ उछालने का दुस्साहस किया गया है।

पुष्कर में पूजा के बाद राहुल गांधी ने जवाब खुद मीडिया को नहीं दिया. कांग्रेस ने गांधी परिवार के पुष्कर में तीर्थ पुरोहित राजनाथ कौल से यह जवाब दिलवाया. राजनाथ कौल ने बताया कि खुद राहुल गांधी ने उन्हें बताया कि उनका गोत्र कौल दत्तात्रेय है।

यूपीए शासनकाल में सोनिया गांधी के निर्देश पर तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री क्रिस्चियन अंबिका सोनी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर यह कहा था कि राम काल्पनिक हैं उनकी कोई हस्ती नहीं, अर्थात वे ऐतिहासिक नहीं।

राहुल गांधी को भी अब हलफनामा दायर कर यह घोषित करना चाहिये कि वे जनेऊधारी कौल ब्राम्हण दत्तात्रेय गोत्र के हैं।

पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में राहुल गांधी ने कौल ब्राह्मण और दत्तात्रेय गोत्र के नाम से पूजा की। राहुल के पहले कांग्रेस नेता सीपी जोशी ने ब्राह्मण जाति का दांव चला। कुछ दिनों पहले ही एक जनसभा में सीपी जोशी ने कहा था, ‘उमा भारती जी की जाति मालूम है किसी को? ऋतंभरा की जाति मालूम है? इस देश में धर्म के बारे में कोई जानता है तो पंडित जानते हैं.Ó ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस का ब्राह्मण कार्ड क्या राज्य की सत्ता में वापसी की राह आसान करेगा?

राजस्थान की ३० सीटों पर ब्राम्हणों का प्रभाव :

राजस्थान में कांग्रेस के पास ब्राह्मण चेहरे के तौर पर सीपी जोशी, गिरिजा व्यास और रघु शर्मा जैसे बड़े चेहरे हैं। प्रदेश में 8 पर्सेंट वोट ब्राह्मण समाज का है। प्रदेश की करीब 30 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण वोटर निर्णायक भूमिका में है। कांग्रेस ने राजस्थान में पार्टी प्रभारी की कमान अविनाश पांडेय के हाथों में सौंपी है। इसके अलावा प्रदेश में कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले रघु शर्मा हैं।

ब्राम्हणों पर दांव :  राज्य में कांग्रेस के सबसे प्रमुख चेहरे के तौर पर पार्टी महासचिव अशोक गहलोत और सचिन पायलट की होती है। ये दोनों चेहरे ब्राह्मण समुदाय से नहीं आते हैं। यही वजह रही गहलोत को एक कार्यक्रम में कहना पड़ा कि राजस्थान में सीएम के लिए कांग्रेस के दो ही नहीं बल्कि पांच चेहरे और भी हैं। इनमें उन्होंने तीन ब्राह्मण चेहरों के नाम गिनाए।

राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में टिकट की अगर बात की जाए तो कांग्रेस ने ब्राह्मण समाज से 20 लोगों को इस बार उम्मीदवार बनाया है, जबकि पिछले चुनाव में ब्राह्मण समुदाय को 17 टिकट दिए गए थे और लोकसभा में एक भी नहीं था। हालांकि, उपचुनाव में कांग्रेस ने अजमेर लोकसभा सीट पर रघु शर्मा को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने जीत हासिल कर पार्टी का खाता खोला है, कांग्रेस ने इस बार फिर ब्राह्मण दांव चला है।

जैसा कि ऊपर व्यक्त किया गया है कि पुष्कर में पूजा के बाद राहुल गांधी ने जवाब खुद मीडिया को नहीं दिया. कांग्रेस ने गांधी परिवार के पुष्कर में तीर्थ पुरोहित राजनाथ कौल से यह जवाब दिलवाया . राजनाथ कौल ने बताया कि खुद राहुल गांधी ने उन्हें बताया कि उनका गोत्र कौल दत्तात्रेय है।

अब प्रश्र पुरोहित राजनाथ कौल और राहुल गांधी दोनोंं से है राहुल गांधी यदि पुराहित राजनाथ कौल के कथन को अपना कथन मानते हैं तो उन्हें कोर्ट में उसी प्रकार से हलफनामा देना चाहिये जिस प्रकार से उनकी यूपीए सरकार ने कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि राम मिथक हैं, काल्पनिक हैं।

पुरोहित राजनाथ कौल को भी चाहिये कि वे हलफनामा देकर यह घोषित करेंं कि हिन्दू धर्म पद्धति के अनुसार फिरोज खान के पुत्र राजीव गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी का गोत्र फिरोज खान के अनुसार नहीं बल्कि इंदिरा गांधी के गोत्र के अनुसार होना चाहिये अर्थात दादा के अनुसार नहीं बल्कि दादी के गोत्र के अनुसार ही गोत्र हिन्दू धर्म और पद्धति के अनुसार होता है।

यहॉ इस संबंध में कुछ उदाहरण प्रस्तुत करना उचित रहेगा।

सलमान खान की माता हिन्दू हैं और पिता मुस्लिम। वे अपने आपको हिन्दू न कहकर मुस्लिम की संज्ञा देते हैं।

इसी प्रकार से संजय दत्त की माता मुस्लिम हैं और पिता हिन्दू  सुनील दत्त हैं। अतएव वे अपने आपको संजय दत्त की संज्ञा देते हैं।

इसी प्रकार से प्राय: सभी भारतीय अपने आपको घोषित करते हैं। राहुल गांधी और पुरोहित राजनाथ यह स्पष्ट करें कि ऊपर लिखे सभी तथ्यों के विपरीत उन्होंने किस हिन्दू पद्धति से राहुल गांधी  कौल ब्राम्हण दत्तात्रेय बने?

यहॉ यह भी उल्लेखनीय है कि पंडित नेहरू ने स्वयं ही घोषित किया था कि वे घटनावश हिन्दू हैं, संस्कृति से मुस्लिम हैं और शिक्षा से अंग्रेज।

इसी का अनुकरण करते हुए राहुल गांधी ने भी अमेरिका मे जाकर कहा था कि लश्कर आतंकियों से भी ज्यादा खतरा हिन्दू आतंक से भारत को है।

इसी नीति पर चलते हुए यूपीए शासनकाल के दो कथित हिन्दू  गृहमंत्रियों ने हिन्दू आतंकवाद शब्द को प्रचारित किया था।

अंत में एक बात और स्पष्ट करना है। प्रियंका गांधी का विवाह राबर्ट वाड्रा से जब हो रहा था तब ईसाई पद्धति से विवाह कराने वाले पादरी को क्या यह नहीं कहा गया था कि प्रियंका गांधी कैथोलिक क्रिस्चियन हैं? पादरी को यह स्वीकार नहीं था। इसलिये उन्होंने यह कहा कि प्रियंका गांधी को पुन : कैथोलिक क्रिस्चियन बनने की क्रिया को अपनाना होगा और ऐसा गांधी परिवार द्वारा किया भी गया।

Leave comment