28 November 2018

१३० करोड़ भारतीयों के साथ धोखेबाजी और देश के साथ गद्दारी चुनावी वोट की राजनीति के लिये करना और उसी के अनुरूप कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनी पार्टी की नीति निर्धारित करने को क्या कहा जाये?

हिन्दू धर्म पर कीचड़ उछालने के लिये ढोंगी हिन्दू बनना और हिन्दू धर्म पद्धति के विरूद्ध जाकर राहुल गांधी क्या सिद्ध करना चाहते हैं?

गोत्र एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है- वंशावली. हिंदू धर्म में हर वंश के सदस्य का जन्म के आधार पर एक गोत्र होता है. यह गोत्र पिता के गोत्र पर मिलता है क्योंकि हिंदू धर्म में पिता के नाम से ही वंश चलता है

करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम के आयोजन में लाहौर में शामिल होना तो ठीक था लेकिन सिद्धू ने लाहौर पहुँच कर राफेल मामले को उठा दिया। अपने घरेलू मुद्दे वो भी रक्षा सौदे से संबंधित मुद्दे पाकिस्तान में उठाकर सिद्धू क्या देश से गद्दारी नहीं कर रहे हैं। लाहौर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने पाकिस्तान सेनाध्यक्ष से गले मिलने की बात पर कहा कि मैं गले मिला था कोई राफेल डील नहीं की थी। उन्होंने कहा है कि जब दो पंजाबी मिलते हैं तो गले मिलते हैं और यह सामान्य बात है।

सिद्धू की इस गुस्ताखी को अमरिंदर सिंह और कांगे्रस अध्यक्ष गंभीरता से लेंगे ? ऐसा संभव नहीं है क्योंकि इन्हीं के निर्देश पर तो यह देश विरोधी पाकिस्तान परस्त खेल खेला गया है।

आयोजन के कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया से नवजोत सिद्धू ने कहा : , ”इमरान खान ने तीन महीने पहले जो बीज बोये थे वह अब एक पेड़ बन गया है। सिख समुदाय के लिए यह खुशी का पल है कि बाबा गुरु नानक का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बिना किसी परेशानी के करतारपुर पहुंचने के लिए एक गलियारा मिल जाएगा।

जिस प्रकार से राजीव गांधी ने हिन्दुओं के वोट पाने के लिये राम लला के दरवाजे का ताला खुलावाया और मुस्लिमों को वोट पाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पारित शाहबानों केस के आर्डर को शून्य करने के लिये संसद में बिल पास करवाया उसी नीति पर चलते हुए   राहुल गांधी एक ओर ढोंगी हिन्दू बने हुए हैं और दूसरी ओर पाक परस्त नीति अपनाते हुए मुस्लिम और ईसाई तुष्टिकरण वाले चुनावी घोषणा पत्र और वीडियो बनवा रहे हैं। तेलंगाना का घोषणापत्र और सोशल मीडिया में वायरल कमलनाथ के वीडियो इसके उदाहरण हैं।

मध्यप्रदेश राज्य कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दिखाए गए वीडियो के कुछ दिन बाद पार्टी के मुस्लिम श्रमिकों से समुदाय-वर्चस्व वाले बूथों में “9  प्रतिशत मतदान” सुनिश्चित करने के लिए कहा, पार्टी ने धर्मनिरपेक्षता पर सदमे पर हमला किया है। तेलंगाना चुनाव से पहले अपने मसौदे घोषणापत्र में, कांग्रेस ने हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों को मारने का एक बहादुर प्रयास किया है।

मसौदा टाइम्स नाउ द्वारा एक्सेस किया गया है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 से पहले मुस्लिम और क्रिस्चियन समुदाय के मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने घोषणापत्र में सात ‘मुस्लिम-केवल योजनाओं और इसी प्रकार से कुछ ईसाई तुष्टिकरण का खुलासा किया है।

एक ओर जहॉ पीएम मोदी सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं उसी के अनुरूप नीति अपनाते हैं और उन्हीं के अनुरूप कार्यक्रमों को अमलीजामा पहना रहे हैं, ठीक इसके विपरीत कांग्रेस  पाक परस्त और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है।

योजनाएं हैं – मस्जिदों और चर्चों के लिए मुफ्त बिजली, मुस्लिम युवाओं के लिए सरकारी अनुबंधों में विशेष अवसर, गरीब  को 20 लाख सहायता, मुस्लिमों के लिए आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यकों के लिए अस्पताल, अल्पसंख्यकों के लिए विशेष उर्दू डीएससी (जिला चयन समिति) और धर्म के आधार पर भर्ती के लिए फर्मों को दंड।

विशेष रूप से, कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-माक्र्सवादी (सीपीआई-एम) और तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) समेत पीपुल्स फ्रंट ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, जो कि आम दस्तावेज है जिस पर सभी चार पार्टियां सहमत हुईं। हालांकि, कांग्रेस अपना खुद का घोषणापत्र जारी करेगी, जिसमें ‘मुस्लिम-केवल योजनाएं शामिल हैं।

इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस का चरित्र सांप्रदायिक है और कांग्रेस पार्टी ने कभी समानता में विश्वास नहीं किया है।

यहॉ यह उल्लेखनीय है कि डॉ मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए कहा था कि भारत के संसाधनों पर प्रथम अधिकार मुस्लिमों का है। इसका मतलब तो यही हुआ कि मुस्लिम देश के प्रथम नागरिक हैं और हिन्दू दूसरे दर्जे के नागरिक हैं कांग्रेस के अनुसार।

पूर्व तेलंगाना अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अबीद रसूल खान, जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, ने घोषणापत्र को “दुर्भाग्यपूर्ण कदम” के रूप में वर्णित किया था। खान ने कहा कि कांग्रेस केवल मुसलमानों को खुश कर रही है और अपने उत्थान के लिए काम नहीं करना चाहती।

टाइम्स नाउ की एक खबर के अनुसार, कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में मुस्लिमों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरु करेगी। इन योजनाओं में मस्जिदों और चर्च में मुफ्त बिजली की सुविधा देना, सरकारी योजनाओं में मुस्लिम युवाओं को खास मौके देना, गरीब मुस्लिम युवाओं को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देना, मुस्लिमों के लिए आवासीय स्कूलों का निर्माण करना, अल्पसंख्यकों के लिए अस्पतालों का निर्माण करना, अल्पसंख्यकों के लिए खास उर्दू जिला चयन समिति का गठन आदि जैसी योजनाएं शामिल हो सकती हैं?

कांग्रेस ने मुस्लिमों के अलावा ईसाइयों के लिए कई वादे किए हैं, जिसमें दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति का दर्जा, दो बेडरूम का घर, उनके बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा और चर्च के पादरियों को पांच लाख रुपये का हेल्थ व एक्सिडेंटल बीमा देना शामिल है।

जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस, तेलंगाना में एक पीपल्स फ्रंट बनाकर मैदान में उतर रही है। इस पीपल्स फ्रंट में कांग्रेस, तेलगु देशम पार्टी, सीपीआई-एम और तेलंगाना जन समिति जैसी पार्टियां शामिल हैं। बता दें कि पीपल्स फ्रंट ने अपने संयुक्त घोषणा पत्र का ऐलान कर दिया है। अब ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस अपना अलग से भी घोषणा पत्र जारी करेगी, जिसमें अल्पसंख्यकों को खुश करने वाली योजनाएं होने का दावा किया जा रहा है।

तेलंगाना में मुस्लिमों की आबादी करीब 12.5त्न है और राज्य की 119 विधानसभा सीटों में कम से कम 42 पर वह जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

हमारा प्रश्र है कि कांग्रेस ने भारत के मुस्लिमों को पाक परस्त और अलगाववादी समझकर अपनी नीति और घोषणापत्र की रचना क्यों की?

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