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डॉ. डहरिया ने दी कसडोल नगर के विकास के लिए 6.13 करोड़ की सौगात : कसडोल में 20 लाख रूपये से बनेगा शिक्षक सदन

नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कसडोल नगर पंचायत को 6 करोड़ 13 लाख रूपये के  पाचं विकास कार्यों की सौगात दी हैं। उन्होंने इनमें से 4 करोड़ 90 लाख रूपये के जल आवर्धन योजना एवं साढ़े 25 लाख रूपये के पौनी पसारी योजना के अंतर्गत बाजार निर्माण का भूमिपूजन एवं वार्ड क्रमांक एक में 51 लाख रूपये की लागत से बने गुरू घासीदास सामुदायिक भवन, वार्ड 14 में 20 लाख से बने सामुदायिक भवन एवं दौलतराम शर्मा शासकीय कॉलेज में 27 लाख से निर्मित अहाता का कार्यक्रम में लोकार्पण किया। गुरू घासीदास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समारोह की अध्यक्षता संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक सुश्री शकुन्तला साहू ने की। डॉ. डहरिया ने विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर कसडोल में शिक्षक सदन के लिए 20 लाख, सिन्हा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख और घासीदास सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपये की स्वीकृति की घोषणा की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मंत्री डॉ. डहरिया ने दर्जन भर हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक एवं ऋण भी वितरित किये ।विशेष अतिथि के रूप में इस मौके पर राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, जिला अध्यक्ष हितेन्द्र ठाकुर, पूर्व विधायक श्री अरूण मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री दिनेश यदु, युवा नेता मानस पाण्डेय उपस्थित थे।
      डॉ. डहरिया ने मुख्य अतिथि की आसंदी से सभा को सम्बोधित  करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में पिछले दो साल में हुए उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नगरीय स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को पिछले दो साल से लगातार पुरस्कार एवं सम्मान मिला है। डॉ. डहरिया ने कहा कि सरकार गठन के समय किये गये 36 वादो में से 24 वादे पूर्ण कर लिये हैं। शेष वादों को भी पूर्ण करने की कार्यवाही जारी है। डॉ. डहरिया ने कहा कि किसानों का विकास हमारी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। हमारा स्पष्ट मानना है  कि किसानों की समृद्धि में ही राज्य और देश का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार अपने किये गये वादे के अनुरूप 2500 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रही है। समर्थन मूल्य से अंतर की राशि को राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत सम्मान राशि के रूप में दे रहे हैं। इसी हिसाब से आगे भी किसानों से धान खरीदी जारी रहेगी। इससे अन्य लोगों की तरह मुकरने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि हम ज्यादा से ज्यादा किसानों को सोसायटी का सदस्य बनाकर उनसे धान खरीदी कर रहे हैं।