6 December 2018

०५ दिसंबर को जयपुर में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अन्य अनेक बातों के अलावा दो जिन बातों का उल्लेख किया उनकी ही चर्चा इस संपादकीय में है।

अगस्ता-वेस्टलैंड मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए क्रिश्चियन मिशेल के मुद्दे पर बोल रहा है. क्या विपक्ष बिचौलिये को बचाना चाहता है।

सवाल किये जाने पर अमित शाह ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि सिद्धू अपवित्र हैं, हम ऐसा नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ये साफ करना चाहिए कि क्या नवजोत सिंह सिद्धू राहुल गांधी की सहमति से पाकिस्तान गए थे और वहां के सेना प्रमुख से गले मिले थे. अगर पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष को गले लगाएंगे, तो रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे ही लगेंगे

क्या है सिद्धू का पाकिस्तान कनेक्शन, क्राइम ब्रांच करेगी जांच :अब दिल्ली क्राइम ब्रांच नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान कनेक्शन यानी पाकिस्तान की यात्रा के दौरान कई संदिग्ध लोगों से हुई मुलाकात मामले की तफ्तीश करेगी. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नवीन कुमार दिल्ली पुलिस की स्पेशल कमिश्नर राजेश मालिक से मिले और उन्होंने इस शिकायत को क्राइम ब्रांच को मार्क कर दिया है. ये शिकायत बीजेपी के प्रवक्ता नवीन कुमार ने दर्ज करवाई है. आजतक संवाददाता ने उनसे ही इस बारे में बात की।

ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर, पाकिस्तान प्रेम में फंसे सिद्धू: अलवर में नवजोत सिंह सिद्धू की सभा में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाये जाने की खबर ज़ी मीडिया पर दिखाये जाने के बाद बड़ा असर हुआ है. इस मामले में राजस्थान चुनाव आयोग के सीईओ आनंद मुमार ने वीडियो और पूरी रिपोर्ट तलब की है।

कांग्रेसी नेता व पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनकी अलवर की सभा में पाक जिंदाबाद के नारे लगने के आरोप के मामले में सीईओ आनंद कुमार ने रिपोर्ट तलब की है। मामले में अलवर कलेक्टर से पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कथित सभा का वीडियो भी मंगवाया है।

मामले में सीईओ आनंद मुमार ने वीडियो और पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट आने के बाद निर्वाचन विभाग कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा।  यह भी मौखिक बताया गया है कि सभा में सिद्धू के पीछे पुलिस भी खड़ी थी और कथित नारे की आवाज सभा के पीछे की ओर से आई थी।

यदि मामला ज्यादा संवेदनशील और संदिग्ध पाया गया तो ईसीआई को पूरी रिपोर्ट और वीडियो भेजे जा सकते हैं जिसके बाद वह जरूरी कार्रवाई कर सकता है। गौरतलब है कि एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सिद्धू की सभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते सुनाई दिए थे। इसमें सिध्दू ने सफाई दी है कि उनकी छवि खराब करने के लिए यह वीडियो एडिट करके दिखाया गया है।

यहॉ यह उल्लेखनीय है कि जी न्यूज के इस कथित वीडियो पर संदेह प्रकट किया जा रहा है। इसी प्रकार का संदेह जेएनयू में लगे आजादी के नारे के जी न्यूज  वीडियो पर भी संदेह प्रकट किया गया था, परंतु बाद में जांच में वह सही पाया गया था।

दूसरा तथ्य यह है कि पाकिस्तान जिंदाबाद सं बंधित कथित वीडियो की समीक्षा विस्तार से डीएनए के सुधीर चौधरी ने की है।

यह वीडियो डाक्टर्ड है या नहीं यह तो जांच का विषय है परंतु पाकिस्तान जिंदाबाद के कथित नारे की चर्चा ठहाके के साथ ठोको ताली के कार्यक्रम पाक मीडिया में दिखाए जा रहे हैं और मोदी सरकार की भर्तसना तथा सिद्धू की और कांग्रेस की प्रशंसा में कसीदे गढ़े जा रहे हैं।

अमित शाह ने जयपुर में ली गई पे्रस कांफ्रेंस में प्रश्र किया था कि क्या विपक्ष बिचौलिये को बचाना चाहता है?

कांगेे्रस ने एक प्रकार से हां में हां मिलाते हुए  एक प्रकार से घोषित कर दिया है कि चॉपर घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड के घूंस लेनदेन में कथित बिचौलिया मिशेल की पैरवी कांग्रेस नेता अल्जो के जोसेफ  कर रहे हैं। इसकी विस्तार से चर्चा इसी पृष्ठ पर अलग से हो चुकी है।

हम यह समझने में असमर्थ हैं कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निर्देश पर कांगे्रस के प्रतिष्ठित वकील नेता देश विरोधी हरकतों में लिप्त कथित अपराधियों और संगठनों की पैरवी करने में आगे क्यों आती है?

सिमी पर एनडीए शासनकाल में प्रतिबंध लगा दिया गया था। उस समय सिमी की पैरवी करने के लिये सलमान खुर्शीद ही आगे आये थे।

जिस प्रकार से अभी कुछ दिनों  पूर्व हुई अपनी  पाकिस्तान यात्रा में सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रशंसा में पुल बांध दिये थे और ठीक इसके विपरीत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की असभ्य भाषा में राजस्थान में अपनी चुनावी सभा में भर्तसना की थी उसी प्रकार से सलमान खुर्शीद भी जब पाकिस्तान गये थे तब उस समय के प्रधानमंंत्री नवाज शरीफ की प्रशंसा और भारत के प्रधानमंत्री  की निंदा की थी।

इसी प्रकार से अर्बन नक्सलियों की गिरफ्तारी के विरोध में पैरवी करने के लिये कांग्रेस के प्रवक्ता सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी आगे आए थे।

जेएनयू में आजादी के नारे लगे थेे कन्हैय्या  कुमार और उमर खालिद की उपस्थिति में। तुरंत उसके उपरांत उनकी पीठ थपथपाने के लिये राहुल गांधी जेएनयू में पहुंच गये थे।

इसी तारतम्य में अंत में हम एक और घटना का उल्लेख करना चाहेंगे।

हाल ही में जस्टिस कुरियन जोसेफ ने पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका नियंत्रण बाहरी ताकतें कर रहीं थी। उनके इस बयान से खलबली मच गई और इस पर एक पूर्व सीजेआई ने कड़ी

पूर्व सॉलिसिटर जनरल मोहन पारासरन ने भी इस सवाल को सही ठहराते हुए कुरियन जोसेफ के आरोपों को गंभीर बताया और कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश (जोसेफ) को बताना चाहिए कि उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद किस आधार पर इस तरह के बयान दिए हैं।

अटॉर्नी जनरल बोले- बिल्लियों की तरह एक दूसरे से लड़ रहे थे सीबीआई के 2 टॉप अधिकारी। सेवानिवृत्त न्यायाधीशों में तो कम से कम इस प्रकार की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिये।

यहॉ यह भी उल्लेखनीय है कि इन्हीं सेवानिवृत्त न्यायधीश कुरियन के साथ मिशेल के वकील कांग्रेस के नेता  अल्जो के जोसेफ  की फोटो भी वायरल हो रही है।

प्रश्र उपस्थित होता है कि सीबीआई के हाल ही के घटनाक्रम में और सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायधीशों ने उस समय के सीजेआई दीपक मिश्रा के कार्य कलापों के विरोध में प्रेस कांफ्रेस की थी उनमें से एक संभवत:  जस्टिस कुरियन जोसेफ  भी थे।

मिशेल के वकील कांग्रेस के नेता अल्जो के जोसेफ  की फोटो कपिल सिब्बल के साथ भी वायरल हो रही है।

कपिल सिब्बल ने भी कुछ समय पूर्व अयोध्या मुद्दे पर जब सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही थी तब मांग की थी कि इस मुद्दे पर निर्णय सुनवाई लोकसभा चुनाव २०१९ के पूर्ण होने तक स्थगित कर दी जाये।

प्रश्र उपस्थित होता है कि उक्त सभी कांग्रेस की कारगुजारियां क्या देशहित में है?

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