7 December 2018

क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण: सीबीआई की कस्टडी बाद में ईडी भी लेगी कस्टडी में

यूपी में ताबड़तोड़ हुए एनकाउंटरों के कारण बदमाशों के दिलों में इतनी दहशत फैल गई थी कि सब गिड़गिड़ा कर हाथ जोड़ कर कहने लगे की हमें जेल में बंद कर दो पर हमें एन्काउंटर में गोली मत मारो।

ठीक इसी प्रकार से अगस्ता वेस्टलैंड डील में   कमीशन डील के बिचौलिये क्रिस्चियन मिशेल के प्रत्यार्पण और बाद में उसके सीबीआई की कस्टडी में आने से और यह अंदेशा होने पर कि  सीबीआई की कस्टडी के बाद संभव है ईडी भी उसे कस्टडी में लेगी और पूछताछ करेगी।

इसी चॉपर घोटाला के संबंध में पीएम मोदी ने भी पांच दिसंबर को कहा था : राजदार हाथ लग गया है अब ये राज खोलेगा।

>> अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में कथित बिचौलिये  क्रिस्चियन मिशेल को  डिफेंड करने के लिये उसके वकील के रूप में कांग्रेस के नेता अल्जो के जोसेफ ने पैरवी की थी। इसकी आलोचना मीडिया और राजनीति क्षेत्रों में होने पर : दिसंबर को कांग्रेस से उसे उसी प्रकार से निलंबित करने का ढोंग किया गया जिस प्रकार से मोदी को नीच कहने के अपराध में मणिशंकर अय्यर को कुछ समय के लिये निलंबित कर फिर वापस ले लिया गया।

>> मिशेल को बचाने में कांगेे्रस का एक नेता वकील ही नहीं लगा है बल्कि कांंग्रेेेस की पूरी टीम लगी हुई है। इसका रहस्योद्घाटन संबित पात्रा  ने भी किया है। संबित पात्रा का दावाकांग्रेस का हाथ मिशेल के साथÓ, 2 दो और वकील भी कांग्रेसी पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर केस से सिब्बल को हटाया लेकिन मिशेल का बचाव करने के लिए अपने वकीलों को लगा रखा है।

कांग्रेस केपरिवारÓ को रात में नींद नहीं रही है।Ó उन्होंने कहा, ‘जोसेफ के अलावा दो अन्य वकील मिशेल का बचाव कर रहे थे। इनमें से एक विष्णु शंकर केरल कांग्रेस के एक नेता के पुत्र हैं जबकि श्रीराम प्रकट एनएसयूआई के सदस्य रहे हैं। ये तीनों अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और कपिल सिब्बल जैसे कांग्रेस के बड़े नेताओं के अधीन काम कर चुके हैं।Ó

क्रिस्चियन मिशेल के प्रत्यार्पण से विजय माल्या जैसे आर्थिक भगौड़ों के दिलों में खौफ पैदा हो गया है।

6 दिसंबर को ट्विट कर विजय माल्या ने कहा था कि प्लीज ले लीजिये पैसे 1०० परसेंट कर्ज चुकता करूंगा।

दिसंबर को भी पुन: इसी बात को विजय माल्या ने दोहराया है।

2013 में भारत से भागने के बाद मिशेल संयुक्त अरब अमीरात में छिप गया था। उस समय तत्कालीन रक्षामंत्री के एंटोनी ने डील को रद्द करते हुए स्वीकार किया था कि रिश्वत का भुगतान हुआ है। मिशेल दुबई में पिछले साल से ही गिरफ्त में था, और उसे भारत प्रत्यर्पित कराने का पूरा श्रेय भारत सरकार, अजीत डोभाल और ष्टक्चढ्ढ की कड़ी मेहनत को जाता है।

>> मिशेल इस समय सीबीआई की हिरासत में है, और माना जा रहा है कि वह राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों को दिए गए रिश्वत के बारे में खुलासा करेगा। और इससे निश्चित तौर पर दिल्ली के लुटियंस जोन में विशेषकर गांधी परिवार में  अच्छीखासी खलबली मचने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी राजस्थान रैली में पहले ही इसके बारे में संकेत दे दिए हैं।

>> जानकारी के मुताबिक, मिशेल ने कुछ लोगों को इस डील के दौरान घूस दी थी जिसके नाम उसने कोड वडज़् में लिखे थे उसका खुलासा यही कर सकता है. यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने फरवरी 2017 में मिशेल को गिरफ्तार किया था और इसके बाद से ही उसके प्रत्यपज़्ण की कोशिशें चल रही थीं. मिशेल को भारत प्रत्यपिज़्त कराने के लिए भारतीय एजेंसियों केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) एवं प्रवतंज़्न निदेशालय ने यूएई का कई बार दौरा किया. इस दौरान एजेंसियों ने यूएई के अधिकारियों एवं न्यायालय के साथ घोटाले से जुड़े आरोपपत्र, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य एवं दस्तावेज साझा किए थे.

अगस्ता वेस्टलैंड डील:मिशेल ने पैसा लेने की बात कबूली,रिश्वत को बताया कंसल्टेंट फीस

पूछताछ में दिसंबर को अगस्ता वेस्टलैंड डील मामले में गिरफ्तार ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल ने बड़ा खुलासा किया है. दो दिन पहले ही भारत प्रत्यर्पित किए गए?मिशेल ने दलाली के बदले पैसा लेने की बात कबूली है लेकिन उसने इस पैसे को रिश्वत की बजाय कंसल्टेंट फीस बताया है.?

मिशेल ने सीबीआई अधिकारियों से कहा कि नेताओं और नौकरशाहों की दी गई घूस के मामले में एक अन्य यूरोपिय बिचौलिये गाइडो हाशके ने नोट्स लिखे थे. मिशेल ने बताया कि इन नोट्स में लिखा था कि सोनिया गांधी वीआईपी चॉपर डील में ड्राइविंग फोर्स हैं. नोट्स में कहा गया था कि भारत में अगुस्टा वेस्टलैंड के सेल्समैन पीटर हुलेट को सोनिया गांधी के बाद पीएम मनमोहन सिंह, तत्कालीन रक्षा मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और सोनिया के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को टारगेट करना चाहिए.

225 करोड़ रुपये?की रिश्वत

प्रवर्तन निदेशालय ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. उसमें आरोप लगाया गया कि उसने हेलीकॉप्टर निर्माता कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से तीन करोड़ यूरो (225 करोड़ रुपये) प्राप्त किए थे. यह राशि भारत के साथ हेलीकॉप्टर खरीद सौदा कराने के एवज में रिश्वत के तौर पर बांटने के लिए दी गई थी, क्योंकि इस सौदे के लिए भारत में कई कांट्रैक्ट लिए जाने थे.

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