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मध्‍य प्रदेश में तस्‍वीर साफ नहीं, बीजेपी-कांग्रेस के बीच जोरदार टक्‍कर

मध्य प्रदेश में लगातार चौथी बार BJP की सरकार बनने जा रही है. इनके एक्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 126 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है. वहीं दूसरी तरफ आज तक-एक्सिस के मुताबिक मध्य प्रदेश में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने जा रहा है. इनके मुताबिक बीजेपी को 111 और कांग्रेस को 113 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य को छह सीटें मिलने की संभावना है.

सी-वोटर-रिपब्लिक के मुताबिक कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनने जा रही है. इनके एक्जिट पोल में बीजेपी को 90-106, कांग्रेस को 110-126 सीटें मिलने का अनुमान है. रिपब्लिक ने ही इस राज्य में एक अन्य सर्वे जन की बात के साथ भी किया है. इस लिहाज से रिपब्लिक-जन की बात एक्जिट पोल में बीजेपी की सत्ता में वापसी तय है.

उल्लेखनीय है कि सूबे में 230 में से बहुमत के लिए 116 सीटों की दरकार है.

छत्तीसगढ़

न्यूज 24-पेस मीडिया के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना है. इनके एक्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को 45-51, बीजेपी को 36-42 सीटें मिलने का अनुमान है.

राजस्थान

उल्लेखनीय है कि इन पांच राज्यों के चुनावों को मिनी इंडिया के चुनाव यूं ही नहीं कहा जा रहा क्योंकि इसके तत्काल बाद अगले चंद महीनों के भीतर 2019 लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. यदि इन सियासी राज्यों की तस्वीर देखी जाए तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों से बीजेपी की सरकार है. राजस्थान में पिछले पांच वर्षों से बीजेपी की सरकार है. तेलंगाना में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) है. इन पांच राज्यों में से केवल मिजोरम ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस की सरकार है. बाकी इनमें से तीन में बीजेपी की सरकार है.

इनमें से जिन चुनावी राज्यों में वर्षों से भाजपा की सरकारे हैं, वहां उनको सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है. चुनाव पूर्व सर्वे में मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबले की संभावना जताई जा रही थी. छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ कांग्रेस और बसपा के गठबंधन के कारण वहां इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है. राजस्थान में पिछले दो दशकों से अधिक समय से हर सत्ताधारी दल को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में इस बार वहां के चुनावी नतीजे इस मायने में दिलचस्प होंगे कि क्या वहां इतिहास दोहराया जाएगा या वहां राजे बड़ी लकीर खींचते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का रिकॉर्ड बनाएंगी. तेलंगाना में समय से कुछ माह पूर्व ही विधानसभा भंग कराकर के चंद्रशेखर राव ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सियासी दांव खेला है.