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मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल में BJP की सरकार पर ‘संकट’, शिवराज ने दिया ये बयान

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के बाद आए एग्जिट पोल (Exit Polls) आने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे हर समय जनता के बीच रहते हैं और उन्हें प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सरकार बनाने का पूरा विश्वास है। आपको बता दें कि कई एग्जिट पोल मध्य प्रदेश में बीजेपी के मौजूद सरकार जाने की संभवाना जताई गई है।

चौहान ने पत्रकारों से बताचीत के दौरान एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे हर समय जनता के बीच घूमते रहते हैं। उन्हें भाजपा के प्रदेश में बहुमत से सरकार बनाने का पूरा विश्वास है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव शुक्रवार को संपन्न होने के बाद शुक्रवार को विभिन्न चैनलों एवं सवेर्क्षण एजेंसियों के एक्जिट पोल में कांग्रेस की राजस्थान में वापसी की संभावना नजर आ रही है जबकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा का पलड़ा भारी प्रतीत हो रहा है लेकिन कांग्रेस इन दोनों राज्यों में भी टक्कर में बनी हुई है। पांचों राज्यों में 11 दिसंबर को मतगणना के बाद असली तस्वीर साफ होगी।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ ने बढ़ाई धड़कनें
मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनाने के मुद्दे पर एक्जिट पोल बंटे हुए हैं। कुछ भाजपा की दोनों राज्यों में वापसी बता रहे है, जबकि कुछ कांग्रेस को सत्ता मिलती बता रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो दोनों दलों को स्पष्ट बहुमत से कुछ दूर बता रहे हैं, जिसमें छोटे दलों की भूमिका बढ़ सकती है। अगर किसी को बहुमत नहीं मिलता है तो मध्य प्रदेश में बसपा और छत्तीसगढ़ में बसपा व अजीत जोगी का गठबंधन नई सरकार में निर्णायक हो सकता है। राहत की बात है कि कुछ एग्जिट पोल के मुताबिक, राजस्थान की तरह डेढ़ दशक के शासन के बाद भी ये राज्य उससे पूरी तरह खिसक नहीं रहे हैं। उसकी दोनों राज्यों में सरकार फिर से बन भी सकती है।

राजस्थान में सत्ता परिवर्तन का टेंड्र कायम रहेगा!
राजस्थान का एग्जिट पोल अभी तक के आम अनुमानों की तरह ही हैं और राज्य में हर बार चुनाव में सत्ता परिवर्तन का 25 साल पुराना ट्रेंड कायम रह सकता है। राजस्थान में शुरुआत से ही कांग्रेस को बढ़त मानी जा रही थी और एक्जिट पोल भी उसी का संकेत दे रहे हैं। कांग्रेस ने भी राजस्थान में सबसे ज्यादा दांव लगाया था। जहां मध्य प्रदेश में कांग्रेस के भावी मुख्यमंत्री पद के दावेदार चुनाव नहीं लड़े, वहीं राजस्थान में उसने दोनों दावेदारों को चुनाव लड़ाया और उसका लाभ मिलता भी दिख रहा है।