11 December 2018

हिन्दुओं के प्रति घृणा फैलाने वाले बंगलादेशी मौलाना को ममता ने दी अनुमति

रोहिंग्याओं को रेड कार्पेट प्रदान परंतु त्रिपुरा के सीएम को सुरक्षा देना अस्वीकार

यह आश्चर्य की बात है कि भारत में जिस भाजपा का शासन है उस भाजपा के अध्यक्ष को  पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है। परंतु विवादित बंंगलादेशी मुस्लिम प्रचारक को बंगाल में सभाएं करने की इजाजत दी गई है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इतनी हद तक पहुंच गई है कि अगर बीजेपी शासित राज्यों के किसी भी मुख्य मंत्री पश्चिम बंगाल की यात्रा का भुगतान करते हैं, तो उन्हें राज्य की ओर से सुरक्षा भी प्रदान नहीं की जाएगी। हैरान? हां, यह उस महिला की वास्तविकता है जो अवैध रोहिंग्या आप्रवासियों को रेड कार्पेट फैलती है लेकिन अपने देश के साथी के लिए नहीं।

इसी कारण संभवत: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को स्पष्ट तौर पर कहना पड़ा कि भारत के संसाधनों पर सिर्फ भारतीयों का हक है और यह कोईधर्मशालाÓ नहीं है, जहां अवैध प्रवासी आकर बस जाएं.

कितनी विचित्र सी बात है हमारे यहॉ के प्रजातंत्र में कि जिस पार्टी के यूपीए शासनकाल के मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया था कि राम मिथक हैं, काल्पनिक हैं ऐतिहासिक नहीं उसी पार्टी के अध्यक्ष अपने आपको अब रामभक्त कह रहे हैं।

ये ही राहुल गांधी अपने आपको जनेऊधारी हिन्दू ब्राम्हण भी कहलवा रहे हैं अपने पार्टी के नेताओं से। ये वे ही राहुल गांधी हैं जो अमेरिका में जाकर वक्तव्य दिये थे कि भारत को लश्कर से  ज्यादा खतरा हिन्दू आतंक से है।

भारत के एक प्रांत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री  ने अपने ही साथी दूसरे प्रांत के अर्थात त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विपलब देव को अमित शाह की प्रस्तावित रथ यात्रा में शामिल होने पर सुरक्षा प्रदान करने से इंकार करने को क्या कहा जाये?

यह भी कितनी विचित्र सी बात है कि जिस टीएमसी की सरकार ने विवादित बंंगलादेशी मुस्लिम प्रचारक को बंगाल में सभाएं करने की इजाजत दी उसी टीएमसी के स्थानीय टीएमसी नेता पंकज घोष ने बताया कि भाजपा नेता यहां आए थे और उन्होंने सांप्रदायिक संदेश दिया, जिसके बाद इस जगह कोपवित्रÓ करना पड़ा. स्थानीय देवता का जिक्र करते हुए टीएमसी नेता ने कहा, ‘यह जगह भगवान मदन मोहन की है. इसलिए हिंदू परंपरा के मुताबिक हमने इस जगह को पवित्र कियाकूच बिहार टीएमसी समर्थकों ने साथ ही यह दावा भी किया कि इस जिले में भगवान मदन मोहन के अलावा और किसी का रथ नहीं निकाला जा सकता।

>> बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने उनकी प्रस्तावितरथ यात्राÓ पर बैठक के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है।

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार ने उनकी प्रस्तावितरथ यात्राÓ पर बैठक के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है। घोष ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने शनिवार को पत्र भेजे थे और बैठक का अनुरोध किया था। हमें राज्य सरकार से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।Ó कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 12 दिसंबर तक भाजपा के तीन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने तथा 14 दिसंबर तक इस मामले में फैसला करने को कहा था।

घोष ने दावा किया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को पार्टी के अधिकारियों को फोन करके कहा कि डीजीपी बहुत व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने हमें रथ यात्रा के संबंध में उनके (डीजीपी) साथ चर्चा के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा बताने से इंकार किया।Ó प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी ने गृह सचिव को पत्र भी भेजे लेकिन वे भी बेकार गये। उन्होंने कहा, ‘यह सच में दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालती आदेश के बावजूद, राज्य सरकार के अधिकारी बैठक के लिए तैयार नहीं हैं।Ó

नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह ने कह है– ‘हम निश्चित ही सभी यात्राएं निकालेंगे, हमें कोई नहीं रोक सकता। भाजपा पश्चिम बंगाल में बदलाव को लेकर प्रतिबद्ध है। यात्राएं रद नहीं की गई हैं, सिर्फ टाली गई हैं।Ó

मालूम हो कि शाह को शुक्रवार को कूचबिहार में रथयात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना करना था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा हिंसा की आशंका जताए जाने के बाद गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा ने एकल जज पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है। शाह ने दावा किया कि राज्य के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं और भाजपा अगला लोकसभा चुनाव बहुमत से जीतेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के विस्तार तथा पंचायत चुनावों में सात हजार से ज्यादा सीटों पर पार्टी की जीत से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की रातों की नींद उड़ गई है और वह डरी हुई हैं। वह जानती हैं कि ये यात्राएं बदलाव की बुनियाद बनेंगी, इसलिए वह इन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं।

अमित शाह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को बताना चाहते हैं कि उनकी सरकार भाजपा को दबाने की जितनी कोशिश करेगी, लोगों में गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा के पीछे भाजपा का विस्तार भी एक कारण था। भाजपा के 20 से ज्यादा कार्यकर्ता राजनीतिक हत्याओं के शिकार हुए हैं। उन्होंने राज्य की कानूनव्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश भर हुई 100 राजनीतिक हत्याओं में 26 पश्चिम बंगाल में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का पूरा प्रशासन सत्तारूढ़़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा .

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