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राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया है कि वो अकेले राजनीति नहीं कर सकते: सुमित्रा महाजन

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लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा है. अपने बयान में जहां उन्होंने प्रियंका की तारीफ की तो वहीं दूसरी ओर राहुल पर तंज भी कसा. सुमित्रा ने कहा- राहुल गांधी ने स्वीकार कर लिया है कि वो अकेले राजनीति नहीं कर सकते हैं.

प्रियंका गांधी की नियुक्ति को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से एक मास्टर स्ट्रोक वाला कदम माना जा रहा है. हालांकि, सुमित्रा महाजन ने उनकी एंट्री के स्वागत को बीजेपी की लाईन से जोड़ते हुए कहा, जैसा कि बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रियंका का आना यह मानना है कि कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी फेल रहे.

सुमित्रा महाजन के बयान में उन्होंने कहा-“वह (प्रियंका गांधी वाड्रा) एक अच्छी महिला है और राहुल जी ने यह स्वीकार कर लिया है कि वे अकेले राजनीति नहीं कर सकते हैं और इसीलिए वे प्रियंका की मदद ले रहे हैं. यह अच्छी चीज है.”

इससे पहले, बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे से ठीक पहले राहुल गांधी ने आधिकारिक तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति को संभालने का जिम्मा प्रियंका गांधी को सौंप दिया. इस क्षेत्र में कांग्रेस काफी कमजोर है. साथ ही, इसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ भी माना जाता है और उसके अंतर्गत वाराणसी लोकसभा सीट आती है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है.

क्या बोलीं लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन: सुमित्रा ने कहा- वो (प्रियंका गांधी वाड्रा) एक अच्छी महिला हैं और राहुल गांधी जी ने ये स्वीकार कर लिया है कि वो अकेले राजनीति नहीं कर सकते हैं. इसलिए वो प्रियंका की मदद ले रहे हैं. ये अच्छी बात है.

प्रियंका को मिला पूर्वी यूपी का प्रभार: गौरतलब है कि हाल ही में प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने महासचिव बनाने के साथ ही पूर्वी यूपी का प्रभार सौंपा है. वहीं जानकारी के मुताबिक फरवरी के पहले हफ्ते से वों पदभार संभाल सकती हैं. जानकारी के मुताबिक फिलहाल वो विदेश में हैं और भारत वापसी के साथ ही राहुल के संग रैलियां भी करेंगी.

भाजपा ने किया वार बता दें कि जैसे ही प्रियंका गांधी को कांग्रेस के महासचिव पद देने की घोषणा हुई उसके बाद से ही भाजपा ने वार करना शुरू कर दिया था. जिसमें किसी ने इस फैसले को परिवार की राजनीति बताया तो किसी ने इसे राहुल गांधी की हार. वहीं पीएम मोदी ने इस पर हमला किया था.