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कोरोना से बचाव के लिए दर्द रहित टीका: आगरा को मिलेंगे जायकोव-डी वैक्सीन के 4,02,420 डोज

सार
आगरा में जल्द ही दर्द रहित जायकोव-डी वैक्सीन से भी टीकाकरण होगा। यह वैक्सीन निडिल फ्री है। इसकी तीन डोज लगाईं जाएंगी। आगरा सहित प्रदेश के 14 जिलों को इस टीके के डीज मिलेंगे। 

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कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद जायकोव-डी का टीका भी लगाया जाएगा। यह दर्द रहित टीका है। आगरा जिले को इसकी 4,02,420 डोज मिलेंगे और 1,34,100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को संभागीय परिवार नियोजन प्रशिक्षण केंद्र में जायकोव-डी का टीका लगाने का प्रशिक्षण दिया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सब रीजनल टीम लीडर डॉ. विकास गुप्ता ने टीका लगाने का डेमो दिया। 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव के मुताबिक जायडस कैडिला कंपनी की ओर से तैयार की गई जायकोव-डी नाम की वैक्सीन जल्दी ही जिले में लोगों को 40 फार्माजेट के माध्यम से लगाई जाएगी। यह दर्द रहित वैक्सीन है। शासन स्तर पर इसकी सारी योजना तैयार कर ली गई है और प्रदेश के 14 जिलों में इसे लगाया जाएगा। इसके लिए कर्मियों को अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जो लोग सूई से डरते हैं, उनके लिए यह टीका सबसे अच्छा व सरल उपाय है। जायकोव-डी टीके की खेप आते ही सत्र निर्धारित कर टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जल्द ही सत्र लगाएं जाएंगे।

टीके के तीन डोज लगाए जाएंगे 
डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जायकोव-डी को 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को 28 दिन के अंतराल पर फार्माजेट के माध्यम से तीन डोज लगाए जाएंगे। जायकोव-डी का पहला डोज लेने के 28वें दिन दूसरा डोज और 56 वें दिन तीसरा डोज लेना है। इसका कोर्स कोविशील्ड से पहले ही पूरा हो जाएगा। दो डोज वाली कोविशील्ड के दोनों डोज के बीच का अंतराल 84 दिन होता है।

निडिल फ्री एप्लीकेटर के जरिये दी जाएगी 
वैक्सीन सिरिंज की बजाय निडिल फ्री एप्लीकेटर के जरिये दी जाएगी। एप्लीकेटर का नाम ‘फार्माजेट’ है। जायडस कैडिला की वैक्सीन निडिल फ्री है। इस एप्लीकेटर से वैक्सीन लगने में दर्द नहीं होता और अन्य तरह के साइड इफेक्ट से भी बचा जा सकता है। वहीं कंपनी का दावा है कि जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन जायकोव-डी 25 डिग्री के तापमान पर 3 महीनों तक टिक सकती है। इससे वैक्सीन के  स्टोरेज में आसानी होगी। 

शिविर में 344 लोगों को लगाई वैक्सीन 
राष्ट्रीय बाल अधिकार संस्था चाइल्ड राइट्स एंड  यू (क्राई) के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को ताजमहल के पास स्थित इंदिरा नगर मारवाड़ी बस्ती तथा राजनगर में टीकाकरण शिविर लगाया। उसमें 210 लोगों ने पहली तथा 124 लोगों ने दूसरा डोज लगवाया। मारवाड़ी बस्ती की महिलाएं हंटर बनाने का काम करती हैं तथा राजनगर रेलवे लाइन के पास सभी मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। 

बाल अधिकार कार्यकर्ता एवं वैक्सीन मित्र नरेश पारस ने बताया कि वैक्सीन को लेकर इन लोगों में भ्रम था कि वैक्सीन लगवाने से मौत हो जाएगी, उन्हें समझाया तो वैक्सीन लगवाने को तैयार होकर शिविर में पहुंच गए। एसीएमओ डॉ. आरसी माथुर ने कहा कि मलिन बस्तियों को चिह्नित कर वैक्सीनेशन लगातार चलता रहेगा। इस दौरान एसीएमओ डॉ.आर सी माथुर की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग टीम में डॉ. हरवेंद्र सिंह, डॉ. रमाकांत सिंह, डॉ.नरोत्तम तथा डॉ. सतेंद्र पाल सिंह ने वैक्सीनेशन कराया।

26,742 लोगों को लगाई वैक्सीन
कोरोना टीका बुधवार को जिले के 604 केंद्रों पर किया गया। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि 26,742 लोगों को टीका लगाया गया। इसमें 10,337 को टीके का पहला डोज और 16,405 को दूसरा डोज लगाया गया। 

विस्तार

कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद जायकोव-डी का टीका भी लगाया जाएगा। यह दर्द रहित टीका है। आगरा जिले को इसकी 4,02,420 डोज मिलेंगे और 1,34,100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को संभागीय परिवार नियोजन प्रशिक्षण केंद्र में जायकोव-डी का टीका लगाने का प्रशिक्षण दिया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सब रीजनल टीम लीडर डॉ. विकास गुप्ता ने टीका लगाने का डेमो दिया। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव के मुताबिक जायडस कैडिला कंपनी की ओर से तैयार की गई जायकोव-डी नाम की वैक्सीन जल्दी ही जिले में लोगों को 40 फार्माजेट के माध्यम से लगाई जाएगी। यह दर्द रहित वैक्सीन है। शासन स्तर पर इसकी सारी योजना तैयार कर ली गई है और प्रदेश के 14 जिलों में इसे लगाया जाएगा। इसके लिए कर्मियों को अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि जो लोग सूई से डरते हैं, उनके लिए यह टीका सबसे अच्छा व सरल उपाय है। जायकोव-डी टीके की खेप आते ही सत्र निर्धारित कर टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जल्द ही सत्र लगाएं जाएंगे।