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DBRAU Agra: बीएएमएस मामले में बड़ा खुलासा, 14 छात्रों की बदल गईं थीं कॉपी, सभी में हैंडराइटिंग अलग

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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा में 14 छात्रों की कॉपियां बदली गईं। जांच में आरबी डिग्री कॉलेज के 14 छात्रों की प्रत्येक विषय की कॉपियों में हैंड राइटिंग अलग मिली है। अब आशंका है कि कॉपियां किसी और ने लिखकर बदली हैं। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तहरीर पर थाना हरीपर्वत में एक और मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने एसआईटी का गठन किया है। ये अलग से अपनी जांच करेगी। इस मामले की जांच एसटीएफ को भी सौंपी गई है।

26 अगस्त को विश्वविद्यालय प्रशासन को कॉपियां बदलने के खेल की जानकारी मिली थी। इस पर जांच की गई थी। सेंट जोंस कॉलेज स्थित केंद्र से परीक्षार्थियों की कॉपियां लेकर चले टेंपो चालक देवेंद्र को पकड़ा था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। उसे रिमांड पर लेकर दो बंडल कॉपियां बरामद की थीं। दिल्ली में पीजी की तैयारी कर रहा डॉक्टर अतुल यादव भी पकड़ा गया था। वह छात्रों से पास कराने का ठेका लेता था। गैंग का सरगना छात्र नेता राहुल पाराशर है। वह फरार चल रहा है।

छलेसर कैंपस में रखा जाती हैं कॉपियां 

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि कॉपियों को छलेसर स्थित कैंपस में रखा जाता है। आरबी डिग्री कॉलेज के सौ छात्रों की सभी विषयों की कॉपियों को चेक किया गया था। उनकी हैंड राइटिंग देखी गई। प्रत्येक कॉपी में हैंड राइटिंग अलग थी। इससे आशंका है कि कॉपियों को छात्रों की जगह किसी और ने लिखा है। इसलिए हैंड राइटिंग का मिलान नहीं हो पा रहा है। 

हर विषय में अलग लोगों ने यह किया होगा। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने तहरीर दी। इसके बाद थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी और कूटरचना की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें आरोपी किसी को नहीं बनाया गया है। कॉपियां कैसे बदली गईं, किसने लिखी हैं, यह सब विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

एसएसपी ने गठित की एसआईटी

कॉपियां बदलने का मामला बड़ा है। इसलिए एसएसपी ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। इसका प्रभारी एसपी सिटी विकास कुमार को बनाया गया है। उनके साथ सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नरायन, प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, निरीक्षक रकाबगंज राकेश कुमार और तीन एसआई को सह विवेचक के रूप में शामिल किया गया है। एसआईटी अलग से जांच करेगी।

जांच एसटीएफ को सौंपी

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा में कॉपी बदले जाने की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए ट्वीट में बताया गया है कि बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की परीक्षा में कॉपी बदलने के मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच यूपी एसटीएफ से कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 

छात्र नेता नहीं आया हाथ

पुलिस छात्र नेता राहुल पाराशर की तलाश में लगी है। वह हाथ नहीं आ सका है। उसके पकड़े जाने के बाद ही उसके करीबियों का पता चलेगा। कापियां बदलने के खेल में कौन है, इसकी जानकारी हो सकेगी। विश्वविद्यालय और एजेंसी के कई कर्मचारी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है। 

विस्तार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा में 14 छात्रों की कॉपियां बदली गईं। जांच में आरबी डिग्री कॉलेज के 14 छात्रों की प्रत्येक विषय की कॉपियों में हैंड राइटिंग अलग मिली है। अब आशंका है कि कॉपियां किसी और ने लिखकर बदली हैं। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की तहरीर पर थाना हरीपर्वत में एक और मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने एसआईटी का गठन किया है। ये अलग से अपनी जांच करेगी। इस मामले की जांच एसटीएफ को भी सौंपी गई है।

26 अगस्त को विश्वविद्यालय प्रशासन को कॉपियां बदलने के खेल की जानकारी मिली थी। इस पर जांच की गई थी। सेंट जोंस कॉलेज स्थित केंद्र से परीक्षार्थियों की कॉपियां लेकर चले टेंपो चालक देवेंद्र को पकड़ा था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। उसे रिमांड पर लेकर दो बंडल कॉपियां बरामद की थीं। दिल्ली में पीजी की तैयारी कर रहा डॉक्टर अतुल यादव भी पकड़ा गया था। वह छात्रों से पास कराने का ठेका लेता था। गैंग का सरगना छात्र नेता राहुल पाराशर है। वह फरार चल रहा है।

छलेसर कैंपस में रखा जाती हैं कॉपियां 

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि कॉपियों को छलेसर स्थित कैंपस में रखा जाता है। आरबी डिग्री कॉलेज के सौ छात्रों की सभी विषयों की कॉपियों को चेक किया गया था। उनकी हैंड राइटिंग देखी गई। प्रत्येक कॉपी में हैंड राइटिंग अलग थी। इससे आशंका है कि कॉपियों को छात्रों की जगह किसी और ने लिखा है। इसलिए हैंड राइटिंग का मिलान नहीं हो पा रहा है।