इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वाले अक्सर इस बात की शिकायत करते हैं कि नई गाड़ी होने के बावजूद भी उन्हें अच्छी ड्राइविंग रेंज नहीं मिल रही है। लोगों का कहना है कि कंपनी द्वारा दावा की गई रेंज के आसपास भी गाड़ी नहीं पहुंच पाती, जिससे नई ईवी खरीदने वालों में चिंता बढ़ जाती है। आज हम आपको कुछ ऐसी खराब ड्राइविंग आदतों के बारे में बताएंगे जिनसे इलेक्ट्रिक व्हीकल की ड्राइविंग रेंज कम हो सकती है।
**एक्सीलेरेशन:**
इलेक्ट्रिक वाहन चलाते समय, अगर आपका ड्राइविंग स्टाइल सही नहीं है तो रेंज कम हो सकती है। अगर आप तेजी से एक्सीलेरेशन देते हैं और फिर अचानक ब्रेक लगाते हैं, तो इस प्रक्रिया में बैटरी पर अधिक लोड पड़ता है और बैटरी अधिक खपत करती है, जिससे ईवी के अन्य हिस्सों पर भी दबाव पड़ता है। इसलिए, चाहे ईवी हो या पेट्रोल/डीजल कार, अचानक से रेस देने और अचानक ब्रेक लगाने की आदत को बदलें, अन्यथा आपको कम माइलेज और कम रेंज के साथ काम चलाना पड़ेगा।
**तेज गति से गाड़ी चलाना:**
इंस्टेंट टॉर्क के कारण इलेक्ट्रिक वाहन के साथ एक अच्छा ड्राइविंग अनुभव मिलता है, लेकिन हाई स्पीड ड्राइविंग से बैटरी की रेंज में भारी गिरावट आ सकती है। पेट्रोल/डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों में इस बात को आसानी से नोटिस किया जा सकता है। टाइम्स ड्राइव के अनुसार, इलेक्ट्रिक गाड़ी को 80 किमी प्रति घंटे से 100 किमी प्रति घंटे की गति से ही चलाएं, इससे तेज चलाने की आदत को बदलें अन्यथा रेंज कम हो सकती है।
**ओवरलोडिंग एक कारण है:**
इलेक्ट्रिक वाहन की ड्राइविंग रेंज में गिरावट का एक बड़ा कारण ओवरलोडिंग भी है। यदि कोई इलेक्ट्रिक वाहन अपने निर्धारित भार से अधिक भार ढो रहा है, तो वाहन पर अतिरिक्त दबाव पड़ने के कारण रेंज में गिरावट संभव है। ऑटो कंपनियां और एजेंसियां कई ड्राइविंग कारकों के आधार पर इलेक्ट्रिक वाहन की दावा की गई रेंज निर्धारित करती हैं, लेकिन आपका खराब ड्राइविंग स्टाइल रेंज को कम कर सकता है।