आजकल, लोग कार खरीदते समय न केवल मॉडल और सुविधाओं पर ध्यान देते हैं, बल्कि बीमा का चुनाव भी सावधानी से करते हैं। अक्सर लोग जीरो डेप्रिसिएशन (शून्य मूल्यह्रास) या सामान्य बीमा पॉलिसी के बीच भ्रमित हो जाते हैं। कई बार एजेंट भी दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से नहीं समझाते हैं। इस लेख के माध्यम से, हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि आपके लिए कौन सा बीमा सही है, ताकि आपको बाद में पछतावा न हो।
**जीरो डेप्रिसिएशन कवर क्या है?**
जीरो डेप्रिसिएशन कवर एक अतिरिक्त पॉलिसी है जो कार के किसी भी हिस्से – प्लास्टिक, रबर या फाइबर – को होने वाले नुकसान को पूरी तरह से कवर करती है। इसका मतलब है कि यदि कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है या क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो बीमा कंपनी मरम्मत का पूरा खर्च वहन करती है। यही कारण है कि यह कवर नई कारों और लक्जरी कारों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, इसका प्रीमियम सामान्य बीमा से अधिक होता है, लेकिन यह लंबे समय में बड़े खर्चों से बचाता है।
**सामान्य बीमा से अंतर**
सामान्य कार बीमा में, क्लेम का निपटान करते समय मूल्यह्रास, यानी कार के पुर्जों की उम्र को ध्यान में रखा जाता है। जितना पुराना पुर्जा होगा, उतना ही कम भुगतान मिलेगा। उदाहरण के लिए, पांच साल पुरानी कार के प्लास्टिक के पुर्जों के लिए दावा करने पर पूरी राशि नहीं मिलती है। जबकि जीरो डेप्रिसिएशन में, कार कितनी भी पुरानी क्यों न हो, नए पुर्जे की कीमत के बराबर ही भुगतान किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है।
**यह कितने समय तक उपलब्ध है?**
अधिकांश कंपनियां जीरो डेप्रिसिएशन कवर केवल पांच साल तक प्रदान करती हैं। कुछ बीमा कंपनियां इसे सात साल तक बढ़ाती हैं। इसके बाद, पुराने वाहनों के लिए केवल सामान्य बीमा ही उपलब्ध होता है।
**किसे जीरो डेप्रिसिएशन लेना चाहिए?**
* नई कार खरीदने वालों को
* महंगी या लग्जरी कार मालिकों को
* अक्सर लंबी दूरी या ट्रैफिक में कार चलाने वालों को