प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में, शनिवार को भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं ने पटना के गांधी मैदान में मौन धरना दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की और इसे बिहार की संस्कृति के खिलाफ बताया। पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के लोग इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को माफी मांगनी होगी।
मंत्री नितिन नवीन ने भी इस अपमान की निंदा की और कहा कि भाजपा कार्यकर्ता किसी भी अत्याचार से नहीं डरते हैं। राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री की स्वर्गीय मां को मंच से गाली देना पूरे बिहार को शर्मसार करने वाला है। सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है और बिहार की संस्कृति महिलाओं का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करती। पूर्व सांसद रामकृपाल यादव ने कहा कि यह केवल पीएम मोदी की मां का अपमान नहीं है, बल्कि देश की हर मां का अपमान है।
इस मौन धरने में कई अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
दूसरी ओर, राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने भाजपा के मौन धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेता भी इसी तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पहचान ही अपसंस्कृति और गाली-गलौज वाली भाषा से है।
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा के दौरान आरा में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया और कहा कि वे बिहार में वोट चोरी नहीं होने देंगे। इस यात्रा में अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और अन्य नेता भी शामिल हुए।
इसके अलावा, एनडीए ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए, जिसमें नेताओं ने आगामी चुनाव में एनडीए की जीत का दावा किया।
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रहे हैं और बिहार में वोट चोरी करना चाहते हैं। जदयू ने महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा को विफल बताया और कहा कि जनता उनकी चाल को समझ चुकी है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा की उपस्थिति में कई मुखिया और नेता रालोमो में शामिल हुए।