बिहार में कांग्रेस की एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने से नाराज बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी की तस्वीर को पायदान के रूप में इस्तेमाल किया। विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे ही काम कर रहे हैं कि उनकी तस्वीर का इस तरह उपयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को खुद नहीं पता कि वह क्या बोल रहे हैं। युगपुरुष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता जी के खिलाफ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया।
अभद्र भाषा के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य कांग्रेस मुख्यालय पर धावा बोल दिया, जिसके बाद विपक्ष के नेता ने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। दरभंगा में माइक पर कथित तौर पर अपशब्द कहने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम तक मार्च निकाला, जहां उनकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई।
राज्य के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे और राहुल गांधी, उनकी पार्टी और गठबंधन सहयोगियों को माफी मांगनी चाहिए। गांधी ने एक पोस्ट में इस झड़प का जिक्र करते हुए लिखा, ‘सत्य और अहिंसा के आगे असत्य और हिंसा टिक ही नहीं सकते। मारो और तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है – हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे। सत्यमेव जयते।’
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि जिसने भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, वह निंदा का पात्र है। उन्होंने कहा कि इस घटना को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जोड़ना गलत है और हमारी पार्टी के राज्य मुख्यालय पर हुआ हमला निंदनीय है। हमें उम्मीद है कि बिहार सरकार आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।
आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि हमने इस घटना की निंदा करने में जरा भी देर नहीं लगाई। लेकिन क्या बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने शीर्ष नेताओं द्वारा की गई कई अभद्र टिप्पणियों के लिए कभी माफी मांगी है? यह बीजेपी द्वारा सुर्खियां बटोरने का प्रयास है।