
पश्चिमी सिंहभूम: दक्षिण पूर्व रेलवे में ट्रैक मेंटेनर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले छह महीनों में नौ कर्मचारियों की दुखद मौतों के बावजूद, रेलवे प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव कर्मचारियों में गहरा आक्रोश पैदा कर रहा है। हाल ही में रांची और खड़गपुर मंडल में अलग-अलग घटनाओं में दो ट्रैक मेंटेनरों की जान जाने के बाद, ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने रेलवे के रवैये को असंवेदनशील बताते हुए कहा, “हम अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन हमारी अपनी सुरक्षा के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं।” उन्होंने चेताया है कि अगर रेलवे ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यूनियन दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरने से शुरुआत कर एक बड़ा आंदोलन करेगी।
शनिवार को रांची मंडल में तैनात बिपत्तरानी महतो इलो स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आ गईं, जबकि खड़गपुर मंडल में मंजूरुल हैदर हिजली-खड़गपुर मेमू ट्रेन के नीचे आ गए। दोनों की ही मौके पर मृत्यु हो गई। कोहरे और ठंड के मौसम में पेट्रोलिंग के दौरान इन दुर्घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। यूनियन ने बेहतर सुरक्षा किट, संचार साधनों में सुधार और पेट्रोलिंग के मानकों को बदलने की मांग की है। यह स्पष्ट है कि अब और जान गंवाने नहीं दी जाएगी और सुरक्षा सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।





