पश्चिम सिंहभूम। पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने सारंडा के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर 40 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने जिन नक्सलियों को पकड़ा है, उनकी पहचान सब जोनल कमेटी सदस्य संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम (निवासी – बीजापुर, छत्तीसगढ़) और एरिया कमेटी सदस्य शिवा बोदरा उर्फ शिबु (निवासी – जोजोडीह, सरायकेला) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के दौरान, पुलिस ने एक पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, दो वॉकी-टॉकी, डेटोनेटर और आईईडी बनाने की सामग्री भी बरामद की है।
पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ जारी अभियान की बड़ी सफलता है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के शीर्ष नेता अनल उर्फ रमेश, मिसिर बेसरा, अजय महतो सहित कई नक्सली अपने दस्ते के साथ सारंडा क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) पारस राणा के नेतृत्व में चाईबासा पुलिस और कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम बनाई गई।
अभियान के दौरान जराईकेला थाना क्षेत्र के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जहां से दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ में एक गंभीर खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि माओवादी संगठन के केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ रमेश महिला दस्ता के सदस्यों का लंबे समय से शारीरिक शोषण कर रहा था। इतना ही नहीं, कई महिला सदस्यों का अवैध गर्भपात भी करवाया गया।
संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम पर झारखंड के विभिन्न थानों में हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोट, आर्म्स एक्ट, यूएपीए और सीएलए एक्ट समेत कुल 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2015 से सक्रिय है और राज्य में कई नक्सली घटनाओं को अंजाम दे चुका है।